राजेश एक्सपोर्ट्स में क्यों आ गई तूफानी तेजी, गिरते बाजार में आज रॉकेट बना शेयर, आखिर क्या है मामला

राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर में बुधवार को 5% का अपर सर्किट लगा. शेयर बढ़कर 79.40 रुपये पर पहुंच गया. तेजी के बीच बड़ी वजह केनरा बैंक से जुड़ी खबर है, जिसने कंपनी से अपना पूरा 510 करोड़ रुपये का बकाया वसूल कर लिया है. यह मामला करीब छह साल से रिकवरी प्रक्रिया में था. दूसरी ओर, कंपनी पहले से सेबी की जांच के कारण विवादों में रही है.

राजेश एक्सपोर्ट्स में लगा अपर सर्किट

Highlights

  • राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर में 5% का अपर सर्किट लगा.
  • केनरा बैंक ने कंपनी से ₹510 करोड़ का पूरा बकाया वसूल लिया.
  • राजेश मेहता पर शेयरों में कारोबार करने से रोक लगी है.

Rajesh Exports Share: राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर में बुधवार को गिरते बाजार के बीच अचानक जोरदार तेजी देखने को मिली. शेयर ने 5 फीसदी का अपर सर्किट लगाया और बढ़कर 79.40 रुपये पर पहुंच गया. कंपनी के शेयर में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब उससे जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. केनरा बैंक ने राजेश एक्सपोर्ट्स से 510 करोड़ रुपये के पूरे बकाये की वसूली कर ली है. यह वसूली डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) के आदेश के बाद हुई है. करीब छह साल से चल रहे इस रिकवरी मामले में बैंक को अब बड़ी राहत मिली है.

₹510 करोड़ का पूरा बकाया चुकाया

केनरा बैंक राजेश एक्सपोर्ट्स का सबसे बड़ा कर्जदाता था. बैंक ने कंपनी से बकाया वसूलने के लिए DRT में मामला दाखिल किया था. बैंक ने 2021 में DRT का रुख किया था. इसके अलावा कंपनी के खिलाफ NCLT में इंसॉल्वेंसी कोड के तहत मामला और SARFAESI के तहत रिकवरी कार्रवाई भी शुरू की गई थी. हालांकि, कंपनी को कर्नाटक हाई कोर्ट से DRT की कार्रवाई को छोड़कर बाकी रिकवरी कार्रवाइयों पर रोक मिल गई थी. करीब छह साल बाद DRT का फैसला बैंक के पक्ष में आया.

DRT के आदेश के बाद केनरा बैंक ने हाई कोर्ट का रुख किया और आदेश को लागू करने की अनुमति मांगी. इसके बाद हाई कोर्ट ने कंपनी की ओर से आदेश के अमल के खिलाफ दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया. इसके बाद 510 करोड़ रुपये की रकम केनरा बैंक के खाते में ट्रांसफर कर दी गई.

आखिर शेयर में क्यों आया उछाल?

कंपनी से जुड़े बड़े कर्ज की पूरी रकम की वसूली की खबर बाजार के लिए पॉजिटिव संकेत मानी जा रही है. केनरा बैंक का 510 करोड़ रुपये का बकाया चुक जाने से कंपनी से जुड़े कर्ज और रिकवरी के मोर्चे पर एक बड़ा मामला खत्म हुआ है. इसी खबर के बीच बुधवार को राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर में 5 फीसदी का अपर सर्किट लगा. शेयर 79.40 रुपये पर पहुंच गया.

करीब 6 साल से चल रहा था रिकवरी का मामला

केनरा बैंक के मुताबिक, राजेश एक्सपोर्ट्स का अकाउंट 2020 में एनपीए हो गया था. इसके बाद 2021 में मामला DRT में पहुंचा. बैंक ने रिकवरी के लिए कई रास्तों का इस्तेमाल किया, लेकिन अलग-अलग कानूनी कार्रवाइयों के कारण प्रक्रिया लंबी चली. DRT के फैसले के बाद बैंक को कंपनी से बकाया रकम वसूलने का रास्ता साफ हुआ और आखिरकार पूरा 510 करोड़ रुपये का बकाया बैंक को मिल गया.

सेबी की जांच में भी कंपनी पर गंभीर आरोप

राजेश एक्सपोर्ट्स इससे पहले भी गंभीर विवादों में रही है. जून में सेबी ने कंपनी के खिलाफ एक अंतरिम आदेश जारी किया था. सेबी ने अपनी 109 पेज की अंतरिम रिपोर्ट में कंपनी के वित्तीय मामलों को लेकर गंभीर प्रारंभिक निष्कर्ष सामने रखे थे.

सेबी की जांच और फोरेंसिक समीक्षा में पहले नजरिये में ऐसे सबूत मिलने की बात कही गई थी, जिनसे संकेत मिलता है कि कंपनी के करीब 97 से 99 फीसदी राजस्व में कथित तौर पर हेरफेर किया गया हो सकता है. सेबी ने इन निष्कर्षों को बेहद गंभीर बताया था.

राजेश मेहता पर भी सेबी की कार्रवाई

सेबी ने कंपनी से जुड़े राजेश मेहता को अगले आदेश तक राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में खरीद-बिक्री या किसी भी तरह का कारोबार करने से रोक दिया है. यानी कंपनी एक तरफ बड़े कर्ज की वसूली को लेकर विवाद में रही, तो दूसरी तरफ बाजार नियामक की जांच और कथित वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों के कारण भी चर्चा में रही है.

अभी शेयर की स्थिति क्या है?

उपलब्ध शेयर डेटा के मुताबिक, राजेश एक्सपोर्ट्स का शेयर 79.40 रुपये पर है और इसमें 5 फीसदी की तेजी है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 2345 करोड़ रुपये है. शेयर का 52 हफ्तों का हाई 239 रुपये और लो 72.6 रुपये है.

इसे भी पढ़ें- वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पर बड़ा दांव! BEML को ICF से मिला 180.60 करोड़ रुपये का ऑर्डर; शेयर पर रखें नजर