बाजार की गिरावट में ऑटो सेक्टर का निकला दम, Tata Motors से बजाज तक, दिग्गज हुए धराशाई, आखिर क्या है कारण
बुधवार, 2 सितंबर को ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली और निफ्टी ऑटो इंडेक्स 3.3% तक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 में करीब 1 % की गिरावट रही. Hero MotoCorp, Eicher Motors और Bajaj Auto समेत कई शेयरों में दबाव रहा. हालांकि अगस्त में ऑटो कंपनियों की बिक्री मजबूत रही और यात्री वाहनों की बिक्री 36% बढ़कर करीब 4.48 लाख यूनिट पहुंची.
Highlights
- निफ्टी ऑटो 3.3% तक गिरा.
- अगस्त में यात्री वाहन बिक्री 36% बढ़ी.
- Bajaj Auto की थोक बिक्री 28.3% बढ़ी.
Auto Stocks: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 2 सितंबर को ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली. Nifty Auto Index करीब 3.3% तक गिर गया, जबकि Nifty 50 में गिरावट करीब 1% रही. खास बात यह रही कि Nifty Auto Index के सभी शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे. Hero MotoCorp और Eicher Motors में सबसे ज्यादा दबाव रहा, जबकि Bajaj Auto, TVS Motor, Maruti Suzuki, Tata Motors और M&M समेत दूसरे ऑटो शेयर भी फिसले. यह गिरावट ऐसे समय आई है जब अगस्त के बिक्री आंकड़ों में कई कंपनियों ने सालाना आधार पर मजबूत बढ़त दर्ज की है. ऐसे में सवाल है कि अच्छी बिक्री के बावजूद ऑटो शेयरों में इतनी तेज गिरावट क्यों आई?
टू-व्हीलर शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
बुधवार को ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव दोपहिया वाहन कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला. Hero MotoCorp करीब 6% तक टूट गया, जबकि Eicher Motors में करीब 5% की गिरावट आई. इसके अलावा Bajaj Auto का शेयर करीब 3% और TVS Motor 2.65% नीचे रहा. यात्री वाहन कंपनियों में भी बिकवाली हावी रही. Maruti Suzuki करीब 2%, Tata Motors PV 1.4% और M&M करीब 2.5% तक गिर गया.
ऑटो एंसिलरी कंपनियों में भी कमजोरी रही. Bharat Forge, Samvardhana Motherson, Bosch, Exide Industries, Uno Minda और Tube Investments of India के शेयरों में करीब 4% तक की गिरावट देखने को मिली.
ऑटो शेयर क्यों टूटे?
अगस्त की बिक्री मजबूत रहने के बावजूद शेयरों में गिरावट के पीछे एक वजह बाजार में व्यापक बिकवाली और दूसरी वजह बिक्री के आंकड़ों को लेकर बनी उम्मीदें हैं. अगस्त में सालाना वृद्धि मजबूत रही, लेकिन कुछ कंपनियों की बिक्री में जुलाई के मुकाबले महीने-दर-महीने कमी भी देखने को मिली.
Maruti Suzuki, Hyundai, M&M और TVS Motor की अगस्त बिक्री में पिछले महीने की तुलना में कुछ नरमी रही. ऐसे में बाजार मजबूत सालाना आंकड़ों के साथ-साथ महीने-दर-महीने प्रदर्शन और आगे की मांग को भी देख रहा है. इसके अलावा, ऑटो शेयरों में पहले से बनी उम्मीदों के कारण मजबूत बिक्री आंकड़े भी निवेशकों को बहुत बड़ा नया ट्रिगर नहीं दे पाए। व्यापक बाजार में बिकवाली ने भी सेक्टर पर दबाव बढ़ाया.
अगस्त में तो ऑटो कंपनियों की बिक्री मजबूत रही
ऑटो शेयरों में गिरावट की बड़ी वजह समझने के लिए अगस्त के बिक्री आंकड़ों पर नजर डालना जरूरी है. महीने के दौरान यात्री वाहन बिक्री में सालाना आधार पर मजबूत दोहरे अंक की वृद्धि हुई. कंपनियों ने आगामी त्योहारी सीजन से पहले डीलरों के पास स्टॉक बढ़ाने के लिए फैक्ट्री से डिस्पैच तेज किए.
उद्योग के अनुमान के मुताबिक, अगस्त में करीब 4.48 लाख कार, एसयूवी और वैन बिकीं, जो एक साल पहले के 3.30 लाख यूनिट के मुकाबले 36% ज्यादा हैं. Maruti Suzuki India ने वित्त वर्ष 2027 के शुरुआती पांच महीनों में कुल बिक्री का आंकड़ा 10 लाख यूनिट के पार पहुंचा दिया. अगस्त में कंपनी ने करीब 1.77 लाख वाहन बेचे.
Tata Motors Passenger Vehicles और M&M की बिक्री मात्रा में भी अगस्त के दौरान क्रमशः 59% और 50% की बढ़ोतरी हुई. वहीं Hyundai Motor India ने अगस्त में अपनी अब तक की सबसे ज्यादा घरेलू बिक्री दर्ज की.
दोपहिया बाजार में भी बिक्री ने दिया साथ
दोपहिया वाहन कंपनियों के अगस्त के आंकड़े भी काफी मजबूत रहे. TVS Motor Company की अगस्त बिक्री 18% बढ़कर 4.34 लाख यूनिट हो गई. Bajaj Auto की घरेलू मोटरसाइकिल बिक्री 10% बढ़कर 2.02 लाख यूनिट रही. प्रीमियम दोपहिया बाजार में Royal Enfield की बिक्री 11% बढ़कर 1.14 लाख यूनिट हो गई.
यानी बिक्री के आंकड़ों से यह संकेत मिल रहा है कि ऑटो बाजार में मांग पूरी तरह कमजोर नहीं हुई है. इसके बावजूद शेयरों में तेज गिरावट ने निवेशकों को हैरान किया है.
यात्री वाहन और कमर्शियल व्हीकल में मजबूत डिस्पैच
अगस्त में थोक बिक्री यानी कंपनियों से डीलरों को भेजे गए वाहनों के आंकड़े यात्री वाहन, कमर्शियल व्हीकल और दोपहिया सेगमेंट में मजबूत रहे. टाटा मोटर्स के यात्री वाहन कारोबार और M&M ने अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया. वहीं Maruti Suzuki और Hyundai Motor की वृद्धि तुलनात्मक रूप से कम रही, हालांकि दोनों कंपनियों की बिक्री में सालाना आधार पर बढ़ोतरी हुई.
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी तीन लिस्टेड मूल वाहन निर्माताओं की कुल डिस्पैच वृद्धि 43% सालाना रही. Tata Motors CV ने इस सेगमेंट में अपने प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर प्रदर्शन जारी रखा. दूसरी ओर, ट्रैक्टर सेगमेंट की वृद्धि दर में कुछ नरमी देखने को मिली और यह उच्च एकल अंक के स्तर तक आ गई.
Bajaj Auto ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया
दोपहिया सेगमेंट में Bajaj Auto का प्रदर्शन खास रहा. अगस्त में कंपनी की थोक बिक्री सालाना आधार पर 28.3% बढ़ी, जो बाजार की उम्मीदों से बेहतर रही. वहीं Royal Enfield की बिक्री 11% बढ़कर 1,26,500 यूनिट रही। Hero MotoCorp की कुल मात्रा में 3% की सालाना वृद्धि हुई, जिसमें घरेलू कारोबार की बिक्री 4.5% बढ़ी. यानी कंपनियों के बिक्री आंकड़ों में कई जगह मजबूती दिखने के बावजूद शेयर बाजार ने फिलहाल सेक्टर के प्रदर्शन को सकारात्मक तरीके से नहीं लिया.
डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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