इन 6 स्टॉक्स पर टूट पड़े FIIs, पिछले 4-5 तिमाही में बढ़ाई बंपर हिस्सेदारी; लिस्ट में दिग्गज शेयर भी शामिल
पिछले चार से पांच तिमाहियों में कई मिड-कैप कंपनियों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. हिंदुस्तान कॉपर, नारायण हृदयालय, राडिको खेतान, विशाल मेगा मार्ट, एलएंडटी फाइनेंस, एनएचपीसी और लॉरस लैब्स जैसी कंपनियां विदेशी निवेशकों की पसंद बनती नजर आ रही हैं, जो इनके भविष्य की संभावनाओं को लेकर बढ़ते भरोसे का संकेत देता है.
FIIs Increase Stake in 6 Stocks: पिछले कुछ तिमाहियों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने कई मिड-कैप कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ाई है. आमतौर पर जब बड़े विदेशी निवेशक किसी कंपनी में लगातार खरीदारी करते हैं, तो इसे उस कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत माना जाता है. यह दर्शाता है कि उन्हें कंपनी की कमाई की संभावनाओं, विस्तार योजनाओं और मैनेजमेंट की क्षमता पर भरोसा है. मिड-कैप कंपनियां बड़े शेयरों की तुलना में ज्यादा ग्रोथ की संभावना रखती हैं, इसलिए इनमें FII की बढ़ती दिलचस्पी निवेशकों का ध्यान आकर्षित करती है. आइए ऐसी कुछ कंपनियों पर नजर डालते हैं, जहां पिछले चार से पांच तिमाहियों से FIIs अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं.
Hindustan Copper Ltd
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड का मार्केट कैप करीब 54,883 करोड़ रुपये है और इसके शेयर लगभग 568 रुपये पर कारोबार कर रहे थे, जो पिछले बंद भाव से करीब 3 फीसदी नीचे है. इस सरकारी कंपनी में FIIs ने लगातार चार तिमाहियों तक अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. मार्च 2025 में जहां उनकी हिस्सेदारी 3.27 फीसदी थी, वहीं दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर 6.56 फीसदी हो गई. सिर्फ पिछली तिमाही में ही उन्होंने अपनी हिस्सेदारी 5.05 फीसदी से बढ़ाकर 6.56 फीसदी कर ली. यह कंपनी देश में तांबे की माइनिंग, प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग का काम करती है और बिजली, निर्माण तथा औद्योगिक क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले कॉपर प्रोडक्ट बनाती है.
Narayana Hrudayalaya Ltd
नारायण हृदयालय लिमिटेड का मार्केट कैप लगभग 37,468 करोड़ रुपये है और इसके शेयर करीब 1,833 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे. इस हेल्थकेयर कंपनी में FIIs ने लगातार पांच तिमाहियों से निवेश बढ़ाया है. दिसंबर 2024 में उनकी हिस्सेदारी 9.45 फीसदी थी, जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 11.10 फीसदी हो गई. सितंबर 2025 की तुलना में भी इसमें बढ़ोतरी देखी गई है. यह कंपनी भारत और विदेशों में अस्पतालों का नेटवर्क संचालित करती है और हृदय रोग, कैंसर, ऑर्थोपेडिक और अंग प्रत्यारोपण जैसी विशेष सेवाएं सस्ती दरों पर उपलब्ध कराती है.
Radico Khaitan Ltd
राडिको खेतान लिमिटेड, जिसका मार्केट कैप करीब 35,458 करोड़ रुपये है, के शेयर लगभग 2,648 रुपये पर कारोबार कर रहे थे. इस कंपनी में भी FIIs ने चार तिमाहियों तक लगातार हिस्सेदारी बढ़ाई है. मार्च 2025 में उनकी हिस्सेदारी 16.95 फीसदी थी, जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 19.82 फीसदी हो गई. यह कंपनी भारतीय मदिरा बाजार की प्रमुख कंपनियों में से एक है और व्हिस्की, वोडका, रम और जिन जैसे उत्पादों का निर्माण और बिक्री करती है. देश-विदेश में इसका मजबूत वितरण नेटवर्क है.
Vishal Mega Mart Ltd
विशाल मेगा मार्ट लिमिटेड का मार्केट कैप लगभग 55,000 करोड़ रुपये है और इसके शेयर करीब 118 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे, जो पिछले बंद भाव से लगभग 8 फीसदी नीचे थे. इस रिटेल कंपनी में FIIs ने पांच तिमाहियों से लगातार हिस्सेदारी बढ़ाई है. दिसंबर 2024 में उनकी हिस्सेदारी 6.58 फीसदी थी, जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 15.52 फीसदी हो गई. यह कंपनी देशभर में स्टोर्स के माध्यम से कपड़े, किराना, घरेलू सामान और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें किफायती दामों पर उपलब्ध कराती है.
L&T Finance Ltd
एलएंडटी फाइनेंस लिमिटेड का मार्केट कैप करीब 71,189 करोड़ रुपये है और इसके शेयर लगभग 284 रुपये पर कारोबार कर रहे थे. इस नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी में FIIs ने पांच तिमाहियों तक लगातार हिस्सेदारी बढ़ाई है. दिसंबर 2024 में 5.30 फीसदी से बढ़कर दिसंबर 2025 में यह 6.66 फीसदी हो गई. कंपनी ग्रामीण वित्त, होम लोन, पर्सनल लोन और छोटे व्यवसायों को कर्ज उपलब्ध कराती है और डिजिटल लेंडिंग पर भी फोकस कर रही है.
NHPC Ltd
एनएचपीसी लिमिटेड का मार्केट कैप करीब 75,700 करोड़ रुपये है और इसके शेयर लगभग 75 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहे थे. इस सरकारी पावर कंपनी में FIIs की हिस्सेदारी दिसंबर 2024 के 8.77 फीसदी से बढ़कर दिसंबर 2025 में 10.39 फीसदी हो गई है. कंपनी मुख्य रूप से जलविद्युत परियोजनाओं का विकास और संचालन करती है और देश में स्वच्छ ऊर्जा प्रोडक्शन में अहम भूमिका निभाती है.
Laurus Labs Ltd
लॉरस लैब्स लिमिटेड का मार्केट कैप लगभग 58,000 करोड़ रुपये है और इसके शेयर करीब 1,075 रुपये पर कारोबार कर रहे थे. इस फार्मा कंपनी में FIIs ने चार तिमाहियों तक लगातार हिस्सेदारी बढ़ाई है. मार्च 2025 में 25.51 फीसदी से बढ़कर दिसंबर 2025 में यह 26.52 फीसदी हो गई. यह कंपनी एपीआई और दवाओं का निर्माण करती है और एंटी-रेट्रोवायरल, ऑन्कोलॉजी और हृदय संबंधी दवाओं के क्षेत्र में वैश्विक बाजार में अपनी मौजूदगी रखती है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
