ग्रीन हाइड्रोजन पर भारत का 8 लाख करोड़ रुपये का दांव, इन 3 कंपनियों पर रखें नजर; जानें शेयर का हाल
भारत का ग्रीन हाइड्रोजन मिशन अब तेजी से जमीनी स्तर पर आगे बढ़ रहा है. सरकार ने वर्ष 2030 तक 50 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना है. वारी एनर्जीज, एडवेट एनर्जी ट्रांजिशंस और जेएसडब्ल्यू एनर्जी इस सेक्टर में बड़े निवेश और नए प्रोजेक्ट्स के जरिए अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही हैं.

Green Hydrogen Mission India: भारत का ग्रीन हाइड्रोजन मिशन अब सिर्फ सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है. इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग, बड़े प्रोजेक्ट्स और लॉन्ग-टर्म सप्लाई एग्रीमेंट्स के साथ अब यह सेक्टर तेजी से ग्राउंड लेवल पर आगे बढ़ रहा है. ऐसे में वारी एनर्जीज, एडवेट एनर्जी ट्रांजिशंस और जेएसडब्ल्यू एनर्जी जैसी कंपनियां इस उभरते बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं.
सरकार का बड़ा लक्ष्य
भारत सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक हर साल 50 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करना है. इसके लिए 125 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता और 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का अनुमान है. इसी दिशा में सरकार लगातार नई नीतियां, सर्टिफिकेशन फ्रेमवर्क और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाले कदम उठा रही है.
जनवरी 2023 में शुरू किए गए नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत वित्त वर्ष 2030 तक 19,744 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसमें से 17,490 करोड़ रुपये इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण और ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निर्धारित किए गए हैं.
वारी एनर्जीज का बड़ा दांव
ग्रीन हाइड्रोजन सेक्टर में वारी एनर्जीज तेजी से निवेश बढ़ा रही है. कंपनी गुजरात के डुंगरी में 1 गीगावाट क्षमता वाला इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है, जिस पर 657 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. कंपनी को सरकार की पीएलआई योजना का भी लाभ मिला है.
इसके अलावा, वारी के पास 152 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है, जिसमें ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स, हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन और लॉन्ग-टर्म सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं. कंपनी केमिकल और स्टील सेक्टर की कंपनियों के साथ भी बातचीत कर रही है. बुधवार को कंपनी का शेयर 0.38 फीसदी की बढ़त के साथ 2,852 रुपये पर पहुंच गया.
एडवेट एनर्जी ट्रांजिशंस बढ़ा रही है क्षमता
एडवेट एनर्जी ट्रांजिशंस ने ग्रीन हाइड्रोजन कारोबार के लिए अलग सहायक कंपनी बनाई है. कंपनी ने 30 मेगावाट क्षमता वाली इलेक्ट्रोलाइजर असेंबली लाइन तैयार कर ली है. इसे वित्त वर्ष 2027 की चौथी तिमाही तक 100 मेगावाट और आगे चलकर 300 मेगावाट तक बढ़ाने की योजना है.
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का 1,304 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है और वह पीएसयू के साथ-साथ सीमेंट, स्टील, ऑयल एंड गैस और केमिकल सेक्टर की कंपनियों को भी लक्ष्य बना रही है. बुधवार को इंट्रा-डे कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर 1.54 फीसदी बढ़कर 2,160 रुपये पर पहुंच गया.
जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने शुरू किया कमर्शियल प्रोडक्शन
जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने 3,800 टन प्रति वर्ष क्षमता वाला कमर्शियल ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट शुरू कर दिया है. इसके साथ ही इस प्लांट से 30,000 टन प्रति वर्ष ग्रीन ऑक्सीजन का भी उत्पादन होगा. कंपनी ने ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए सात साल का ऑफटेक एग्रीमेंट किया है.
इसके अलावा, उसे अतिरिक्त 6,500 टन प्रति वर्ष क्षमता के लिए भी अवॉर्ड मिल चुका है और भविष्य में 85 से 90 हजार टन प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता विकसित करने की तैयारी चल रही है. बुधवार को इंट्रा-डे कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर 0.21 फीसदी की गिरावट के साथ 543 रुपये पर आ गया है.
यह भी पढ़ें: गिरते बाजार में गोली की रफ्तार से भागा ये शेयर! QIP को मिली मंजूरी, 3 महीने में 105% चढ़ा स्टॉक
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.