भर चुके हैं हिंडनबर्ग के घाव! 19.73 लाख करोड़ के पार हुआ अडानी ग्रुप का मार्केट कैप; इन शेयरों से मिली ताकत
हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद अरबों डॉलर की गिरावट झेलने वाले अडानी ग्रुप ने आखिरकार शेयर बाजार में अपनी पूरी रिकवरी कर ली है. समूह की 10 सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त मार्केट कैप अब जनवरी 2023 के स्तर से ऊपर पहुंच गया है.

Adani Group Market Cap: अडानी ग्रुप ने आखिरकार अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च के साए से खुद को पूरी तरह बाहर निकाल लिया है. तीन साल से अधिक समय पहले आई उस विवादित रिपोर्ट के बाद ग्रुप को जो 150 अरब डॉलर का भारी नुकसान हुआ था, उसकी अब शत-प्रतिशत रिकवरी हो गई है. बुधवार को बाजार बंद होने पर अडानी ग्रुप की 10 कंपनियों (सांघी इंडस्ट्रीज को छोड़कर) का कुल मार्केट कैप 19,73,482.01 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. यह 24 जनवरी 2023 (हिंडनबर्ग रिपोर्ट के दिन) के 19,19,888.44 करोड़ रुपये के स्तर से भी अधिक है.
इस ऐतिहासिक रिकवरी के पीछे अडानी पावर और अडानी पोर्ट्स का सबसे बड़ा हाथ रहा, जिनके शेयरों की कीमत इस दौरान दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ गई.
अडानी पावर और पोर्ट्स बने ग्रुप के ‘रॉकेट’
AceEquity के आंकड़ों के मुताबिक, ग्रुप के शेयरों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
- अडाणी पावर लिमिटेड (APL): इसका शेयर ₹248.75 पर आ गया है. कंपनी का मार्केट कैप तीन साल पहले के ₹1,05,988.68 करोड़ से 352.60% उछलकर ₹4,79,706.78 करोड़ हो गया है.
- अडाणी पोर्ट्स (APSEZ): यह शेयर 140% की भारी बढ़त के साथ ₹760.85 से ₹1,824.30 पर पहुंच गया है.
- अडानी एंटरप्राइजेज (AEL): ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी का शेयर फिलहाल ₹2,972.60 पर है, जो 2023 के स्तर से अब भी 11% नीचे है.
- अन्य कंपनियां: अडानी ग्रीन एनर्जी, एसीसी, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस, एनडीटीवी, अडानी विल्मर और अडानी टोटल गैस के शेयर अभी भी 2023 के स्तर से 22 से 79% तक नीचे ट्रेड कर रहे हैं.
एक्सपर्ट्स के पसंदीदा शेयर
पीएल कैपिटल (PL Capital) ने अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पावर और अडानी पोर्ट्स को अपनी टॉप पिक बताया है. कंपनियों को लेकर अहम वित्तीय जानकारियां इस प्रकार हैं:
- अडानी एंटरप्राइजेज: वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के कामकाजी मुनाफे (EBITDA) में इंफ्रास्ट्रक्चर और यूटिलिटी बिजनेस का योगदान 80% रहा. अब कंपनी एयरपोर्ट, रोड और ANIL प्लेटफॉर्म के डीमर्जर (बंटवारे) के जरिए वैल्यू अनलॉकिंग फेज में जा रही है.
- अडानी पावर: कंपनी ने वित्त वर्ष 2030-31 तक ₹50,000 करोड़ के EBITDA का लक्ष्य रखा है. इसके लिए वित्त वर्ष 2027 में ₹25,000 करोड़ और वित्त वर्ष 2028 में ₹33,000 करोड़ के कैपेक्स की योजना है. वित्त वर्ष 2026 में नेट डेट (कर्ज) ₹45,022 करोड़ था, जिसे कंपनी 2032-33 तक शून्य (Debt-Free) करना चाहती है.
- अडानी ग्रीन: कंपनी के पास 25 साल के लॉन्ग-टर्म बिजली खरीद समझौते (PPA) हैं. यह कंपनी ₹15,000 करोड़ के खर्च से 10 GWh क्षमता का ‘बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम’ (BESS) विस्तार करने जा रही है.
यह भी पढ़ें: ONGC और वेदांता आमने-सामने! गुजरात के तेल-गैस ब्लॉक पर छिड़ी कानूनी जंग, दिल्ली हाई कोर्ट में मामला
कैसे बदली अडानी ग्रुप की किस्मत?
बर्नस्टीन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 के मुकाबले ग्रुप की वित्तीय स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है:
- शॉर्ट-सेलर का अंत: हिंडनबर्ग के मालिक नेट एंडरसन ने जनवरी 2025 में ही अपनी रिसर्च टीम को भंग कर दिया था.
- प्रमोटर्स का भरोसा: प्रमोटर्स ने अडानी ग्रीन में ₹1,480 प्रति शेयर और अंबुजा सीमेंट में ₹418 प्रति शेयर के हिसाब से वारंट के जरिए अतिरिक्त फंड निवेश किया. इसके अलावा प्रमोटर्स द्वारा गिरवी रखे शेयरों (Pledged Shares) में भारी कमी आई है.
- कर्ज की स्थिति: हिंडनबर्ग विवाद के समय नेट डेट-टू-ईबीआईटीडीए (Net Debt-to-Ebitda) रेशियो 4.4 था, जो अमेरिकी संकट के समय घटकर 2.7 हुआ और अब 3.9 पर है. अमेरिकी नियामकों (SEC-DoJ) और प्रतिबंधों (OFAC) से जुड़े मामलों को भी ग्रुप ने सुलझा लिया है, जिससे अब दोबारा ग्लोबल बॉन्ड मार्केट से डॉलर फंडिंग का रास्ता साफ हो गया है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.