FY29 में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा भारत, सरकार ने बताया कैसे हासिल होगा लक्ष्य
भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2029 तक 5 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर सकती है. IMF के अप्रैल 2026 के अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2029 में भारत की जीडीपी करीब 5.1 ट्रिलियन डॉलर हो सकती है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार एग्रीकल्चर, मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई, इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस पर जोर दे रही है.

भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार ने बड़ा लक्ष्य सामने रखा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में बताया कि भारत वित्त वर्ष 2029 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है. IMF के अप्रैल 2026 के अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2029 में भारत की जीडीपी करीब 5.1 ट्रिलियन डॉलर हो सकती है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने कई क्षेत्रों पर एक साथ काम करने की रणनीति बनाई है. इसमें एग्रीकल्चर, मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई, इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस पर खास जोर है.
IMF ने 5.1 ट्रिलियन डॉलर का अनुमान दिया
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार भारत की मौजूदा कीमतों पर जीडीपी वित्त वर्ष 2029 में करीब 5.1 ट्रिलियन डॉलर पहुंच सकती है. इसका मतलब है कि भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को पार कर सकता है. सरकार इसी अनुमान के आधार पर अपनी विकास रणनीति को आगे बढ़ा रही है. इसके लिए अर्थव्यवस्था के अलग- अलग हिस्सों में उत्पादन, निवेश और रोजगार बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है.
एग्रीकल्चर और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की रणनीति में एग्रीकल्चर प्रोडक्टिविटी बढ़ाना और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना प्रमुख हिस्सा है. एग्रीकल्चर क्षेत्र में सिंचाई, तकनीक, डिजिटल एग्रीकल्चर, फसल डायवर्सिफिकेशन और फसल कटाई के बाद की सुविधाओं पर निवेश बढ़ाने की योजना है. किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है. वहीं मैन्युफैक्चरिंग में उत्पादन बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं.
सर्विस और डिजिटल इकोनॉमी पर भी जोर
भारत की ग्रोथ में सेवा क्षेत्र की भूमिका को भी सरकार बढ़ाना चाहती है. इसके लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेडिकल वैल्यू ट्रैवल और ऑरेंज इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ युवाओं के पर भी जोर है. बजट 2026 27 में हॉस्पिटैलिटी, मेडिकल हब और एवीजीसी यानी एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे क्षेत्रों के लिए भी कई पहल घोषित की गई हैं.
सेमीकंडक्टर और क्लीन एनर्जी जैसे सेक्टर अहम
सरकार ने आने वाले वर्षों में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोफार्मा, रेयर अर्थ, केमिकल, कैपिटल गुड्स, क्लीन एनर्जी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को रणनीतिक क्षेत्र माना है. इन सेक्टरों में निवेश बढ़ने से घरेलू उत्पादन और रोजगार को बढ़ावा मिल सकता है. उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना और मेक इन इंडिया जैसी पहलों के जरिए इन क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है.