31% टूट चुका है ITC… क्या अब भी बाकी है गिरावट या यहां से बनेगा कमाई का मौका? क्यों आया इतना बड़ा डीप?
सोमवार को ITC का शेयर गिरकर अपने 52 हफ्तों के नए निचले स्तर पर पहुंच गया. सिर्फ छह महीनों में शेयर करीब 31 प्रतिशत टूट चुका है. इसके पीछे कई वजहें हैं. तंबाकू उत्पादों पर GST बढ़ना, कमजोर मानसून की आशंका और FMCG सेक्टर में बिकवाली जैसे कारण निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं. यही वजह है कि ITC के साथ-साथ कई दूसरी FMCG कंपनियों के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला.

ITC 52 Week Low: एक समय निवेशकों का पसंदीदा शेयर रहा ITC इन दिनों लगातार दबाव में है. कंपनी के शेयर में पिछले कुछ महीनों से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. सोमवार को ITC का शेयर गिरकर अपने 52 हफ्तों के नए निचले स्तर पर पहुंच गया. सिर्फ छह महीनों में शेयर करीब 31 प्रतिशत टूट चुका है.
इसके पीछे कई वजहें हैं. तंबाकू उत्पादों पर GST बढ़ना, कमजोर मानसून की आशंका और FMCG सेक्टर में बिकवाली जैसे कारण निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं. यही वजह है कि ITC के साथ-साथ कई दूसरी FMCG कंपनियों के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला. आखिर ITC के शेयर में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई और आगे कंपनी के लिए क्या चुनौतियां हैं.
52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचा शेयर
- सोमवार को ITC का शेयर NSE पर 278.30 रुपये तक गिर गया, जो इसका नया 52 हफ्तों का निचला स्तर है.
- दिन के अंत में शेयर करीब 2.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ.
- FMCG सेक्टर में भी बिकवाली देखने को मिली और Nifty FMCG Index 2.36 प्रतिशत नीचे बंद हुआ.
मार्केट खुलते ही गिरावट
मंगलवार को भी मार्केट खुलते ही ITC के शेयर में गिरावट देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में शेयर लाल निशान में कारोबार करता नजर आया और करीब 0.75 प्रतिशत टूटकर 277.55 रुपये के स्तर पर पहुंच गया. पिछले कुछ दिनों से शेयर पर लगातार दबाव बना हुआ है और निवेशकों का भरोसा भी कमजोर पड़ता दिख रहा है.
GST बढ़ने से बढ़ा दबाव
- ITC की कमाई का बड़ा हिस्सा सिगरेट कारोबार से आता है.
- कंपनी Classic और Gold Flake जैसे लोकप्रिय ब्रांड बेचती है.
- 1 फरवरी 2026 से सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है.
- पहले इन उत्पादों पर 28 प्रतिशत GST लगता था. अब इसे बढ़ाकर खुदरा बिक्री मूल्य का 40 प्रतिशत कर दिया गया है.
- इसके साथ एक्साइज ड्यूटी में भी बढ़ोतरी की गई है. इस बदलाव का असर सीधे कंपनी की कमाई और मुनाफे पर पड़ा है.
- कंपनी ने ग्राहकों पर पूरा टैक्स बोझ नहीं डाला ताकि बिक्री प्रभावित न हो. इसी वजह से कंपनी के मार्जिन पर दबाव बढ़ गया.
कमजोर मानसून की आशंका भी बनी परेशानी
ITC सिर्फ सिगरेट ही नहीं, बल्कि कृषि और FMCG कारोबार में भी सक्रिय है. कंपनी का बड़ा कारोबार ग्रामीण इलाकों से जुड़ा हुआ है. ऐसे में अगर मानसून कमजोर रहता है तो गांवों में खर्च कम हो सकता है, जिसका असर कंपनी की बिक्री पर पड़ सकता है.इसी डर की वजह से निवेशक फिलहाल FMCG शेयरों से दूरी बना रहे हैं.
एक साल में 33% से ज्यादा गिरा शेयर
- ITC के शेयर में पिछले एक साल के दौरान 33 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है.
- वहीं साल 2026 की शुरुआत से अब तक शेयर करीब 23 प्रतिशत टूट चुका है.
- पिछले छह महीनों में गिरावट 31 प्रतिशत के करीब रही है.
क्या आगे सुधर सकती है स्थिति?
ITC पहले भी कई बार टैक्स से जुड़े बदलावों का सामना कर चुकी है और कंपनी ने ऐसे हालात में खुद को संभाला है. हालांकि फिलहाल GST बढ़ोतरी और मानसून को लेकर चिंता बनी हुई है. अच्छी बात यह है कि मौजूदा स्तर पर शेयर का मूल्यांकन पहले की तुलना में काफी नीचे आ गया है, जिससे आगे गिरावट की संभावना कुछ हद तक सीमित हो सकती है. अब निवेशकों की नजर आने वाली तिमाहियों के नतीजों और मानसून की स्थिति पर रहेगी.
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