Q1 नतीजों के बाद बुरी तरह टूटा ये बैंकिंग स्टॉक! 13% तक टूटे शेयर, आखिर निवेशकों ने क्यों की बिकवाली?
बैंक की सबसे बड़ी कमजोरी मुनाफे में देखने को मिली. जून तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 12.5 फीसदी घटकर 424 करोड़ रुपये रह गया. वहीं, टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) भी 5.9 फीसदी कम हो गया. यही वजह रही कि संस्थागत निवेशकों को चिंता हुई कि बैंक की बैलेंस शीट तो तेजी से बढ़ रही है, लेकिन मुनाफा उसी गति से नहीं बढ़ पा रहा है.

J&K Bank ने जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए, जिसके बाद बैंक के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली. पहली नजर में बैंक के नतीजे अच्छे दिखाई दिए. डिपोजिट और लोन में मजबूत बढ़ोतरी हुई, NPA घटा. इसके बावजूद बाजार ने इन नतीजों का स्वागत करने के बजाय शेयरों में भारी बिकवाली कर दी. गुरुवार के कारोबार में J&K Bank का शेयर 12.79 फीसदी टूटकर 154.63 रुपये पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान शेयर 178.70 रुपये पर खुला, 182.29 रुपये का इंट्राडे हाई लगाया और फिर फिसलकर 153.20 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया.
आंकड़े मजबूत दिखे
जून तिमाही में बैंक का कुल कारोबार पहली बार 3 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया. कुल बिजनेस सालाना आधार पर 20.3 फीसदी बढ़कर 3.04 लाख करोड़ रुपये हो गया. बैंक की जमा राशि (Deposits) 16.7 फीसदी बढ़कर 1.73 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि नेट एडवांस 26.6 फीसदी बढ़कर 1.28 लाख करोड़ रुपये हो गया. इससे साफ है कि बैंक के लोन कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी बनी हुई है.
बैंक की नेटवर्थ भी 15 फीसदी बढ़कर 15,577 करोड़ रुपये हो गई. वहीं कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो बढ़कर 16.67 फीसदी पर पहुंच गया, जिससे भविष्य में लोन ग्रोथ के लिए बैंक की पूंजी स्थिति मजबूत बनी हुई है.
एसेट क्वालिटी में भी हुआ सुधार
बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला. ग्रॉस NPA घटकर 2.37 फीसदी रह गया, जो एक साल पहले 3.50 फीसदी था. वहीं, नेट NPA घटकर 0.60 फीसदी पर आ गया. प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) बढ़कर 90.53 फीसदी पहुंच गया, जबकि क्रेडिट कॉस्ट सिर्फ 0.10 फीसदी रही. इससे संकेत मिलता है कि बैंक की लोन बुक पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत हुई है. कागज पर देखें तो ये ऐसे आंकड़े हैं, जिनसे आमतौर पर शेयरों में तेजी देखने को मिलती है. लेकिन इस बार बाजार की सोच अलग रही.
बाजार की नजर ग्रोथ पर नहीं, मुनाफे पर थी
रिटेल निवेशक अक्सर लोन ग्रोथ और घटते NPA को देखकर उत्साहित हो जाते हैं, लेकिन बड़े संस्थागत निवेशक बैंक की कमाई की गुणवत्ता पर ज्यादा ध्यान देते हैं. इस तिमाही में बैंक का नेट एडवांस 26.6 फीसदी बढ़ा, लेकिन इसका फायदा कमाई में उतना नहीं दिखा.
नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सिर्फ 2.2 फीसदी बढ़कर 1,497 करोड़ रुपये रही. वहीं ऑपरेटिंग इनकम लगभग स्थिर रहकर 1,711 करोड़ रुपये पर पहुंची. यानी बैंक ने ज्यादा लोन तो दिए, लेकिन उससे होने वाली मुख्य कमाई उसी रफ्तार से नहीं बढ़ी.
मुनाफे में आई गिरावट
बैंक की सबसे बड़ी कमजोरी मुनाफे में देखने को मिली. जून तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 12.5 फीसदी घटकर 424 करोड़ रुपये रह गया. वहीं, टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) भी 5.9 फीसदी कम हो गया. यही वजह रही कि संस्थागत निवेशकों को चिंता हुई कि बैंक की बैलेंस शीट तो तेजी से बढ़ रही है, लेकिन मुनाफा उसी गति से नहीं बढ़ पा रहा है.
आखिर शेयर में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
J&K Bank पिछले एक साल में बैंकिंग सेक्टर के सबसे मजबूत टर्नअराउंड शेयरों में से एक रहा है. बेहतर एसेट क्वालिटी, घटते NPA और लगातार अच्छे प्रदर्शन के चलते निवेशकों की उम्मीदें काफी बढ़ चुकी थीं. लेकिन इस तिमाही के नतीजों ने संकेत दिया कि अब बैंक की कमाई पर दबाव बढ़ने लगा है. फंड जुटाने की बढ़ती लागत (Funding Cost) और लोन पर मिलने वाले मार्जिन में कमी के कारण बैंक की आय उतनी तेजी से नहीं बढ़ रही, जितनी तेजी से उसका लोन कारोबार बढ़ रहा है. यानी बाजार को यह चिंता सताने लगी है कि आने वाली तिमाहियों में बैंक की प्रॉफिट ग्रोथ धीमी पड़ सकती है. इसी वजह से अच्छे आंकड़ों के बावजूद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी और शेयर में करीब 13 फीसदी की तेज गिरावट देखने को मिली.
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