33 गुना बढ़ा भारत का मोबाइल प्रोडक्शन, अब 62500 करोड़ रुपये की PLI 2.0 से इन 2 कंपनियों को मिल सकता है फायदा

भारत में मोबाइल प्रोडक्शन FY15 के 18,900 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 6.3 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है. सरकार की 62,500 करोड़ रुपये की PLI 2.0 योजना से मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट और डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. Dixon Technologies और Amber Enterprises को इस योजना से फायदा मिल सकता है.

मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग Image Credit: ai/canva

Mobile Production India: भारत में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को सरकार की नई PLI 2.0 योजना से बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है. देश में मोबाइल फोन प्रोडक्शन FY15 के करीब 18,900 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में लगभग 6.3 लाख करोड़ रुपये हो गया है. यानी प्रोडक्शन करीब 33 गुना बढ़ा है. इसी दौरान मोबाइल फोन एक्सपोर्ट्स भी 1,566 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.6 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है. अब सरकार का फोकस केवल ज्यादा फोन बनाने के बजाय वैल्यू चेन में डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन बढ़ाने पर है.

62,500 करोड़ रुपये का प्रावधान

सरकार ने PLI 2.0 के लिए FY27 से FY31 तक 62,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. योजना में TS1 यानी मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग और TS2 यानी इंडियन मोबाइल फोन ब्रांड्स को शामिल किया गया है. TS1 में पात्र कंपनियों को 2.25 फीसदी से 5 फीसदी तक इंसेंटिव मिलेगा, जबकि TS2 में इंडियन ब्रांड्स को 5 फीसदी इंसेंटिव के साथ इंडियन डिजाइन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए अतिरिक्त 3 फीसदी इंसेंटिव मिल सकता है. की कंपोनेंट्स की डोमेस्टिक सोर्सिंग पर 1.5 फीसदी तक अतिरिक्त इंसेंटिव का भी प्रावधान है.

Dixon Technologies को मिल सकता है बड़ा फायदा

PLI 2.0 से संभावित लाभ पाने वाली प्रमुख कंपनियों में Dixon Technologies शामिल है. कंपनी के मोबाइल एंड अदर EMS डिविजन का रेवेन्यू Q1 FY27 में 14,179 करोड़ रुपये रहा, जो Q1 FY26 के 11,663 करोड़ रुपये से अधिक है. हालांकि, ऑपरेटिंग प्रॉफिट 395 करोड़ रुपये से घटकर 373 करोड़ रुपये रह गया और मार्जिन 2.6 फीसदी पर आ गया. इसके पीछे मोबाइल PLI 1.0 इंसेंटिव्स का समाप्त होना और ग्लोबल मेमोरी तथा कंपोनेंट प्राइसेज में बढ़ोतरी प्रमुख कारण रहे.

Dixon ने Q1 FY27 में 75 लाख स्मार्टफोन यूनिट्स का मैन्युफैक्चरिंग किया और 6-7 लाख यूनिट्स का एक्सपोर्ट किया. एक्सपोर्ट रेवेन्यू करीब 1,100 करोड़ रुपये रहा. कंपनी को Q2 FY27 में स्मार्टफोन वॉल्यूम में 20-25 फीसदी क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर बढ़ोतरी की उम्मीद है और उसका ऑर्डर बुक 90-92 लाख यूनिट्स का है.

Vivo के साथ किया ज्वाइंट वेंचर

जुलाई 2026 में Dixon को Vivo के साथ ज्वाइंट वेंचर की मंजूरी मिली. इसका रेवेन्यू Q3 FY27 से कंपनी के फाइनेंशियल्स में कंसोलिडेट होने की उम्मीद है. Dixon कैमरा मॉड्यूल की एनुअल कैपेसिटी 7 करोड़ यूनिट्स से बढ़ाकर 18-19 करोड़ यूनिट्स करने और Q4 FY27 की शुरुआत में डिस्प्ले का मास प्रोडक्शन शुरू करने की तैयारी कर रही है.

कंपनी का अनुमान है कि PLI 2.0 से एक्सपोर्ट वॉल्यूम्स में 1.5-2 करोड़ यूनिट्स की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे अगले कुछ वर्षों में रेवेन्यू में 18,000-20,000 करोड़ रुपये की संभावित वृद्धि हो सकती है.

Amber Enterprises के लिए नया ग्रोथ एवेन्यू

Amber Enterprises ने भी मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एंट्री की है. जून 2026 में Amber Group ने Oppo Mobiles के साथ कोलैबोरेशन किया. इसके तहत OPPO, OnePlus और Realme जैसे ब्रांड्स के लिए मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में काम होगा. यह मॉडल एसेट-लाइट और कैपिटल-एफिशिएंट है. असेंबली और SMT ऑपरेशंस शुरू करने के लिए कैपिटल आउटले 50 करोड़ रुपये से कम रहने का अनुमान है.

Amber में ट्रायल प्रोडक्शन Q4 FY27 और कमर्शियल प्रोडक्शन Q1 FY28 में शुरू होने की उम्मीद है. कंपनी FY28 में करीब 80 लाख यूनिट्स और FY29 में 1.3-1.6 करोड़ यूनिट्स का मैन्युफैक्चरिंग टारगेट रखती है. आगे चलकर कंपनी HDI और अन्य कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग को लोकलाइज करने की योजना बना रही है.

लोकल वैल्यू एडिशन पर जोर

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अगले 5-6 वर्षों में लोकल वैल्यू एडिशन को 10-12 फीसदी से बढ़ाकर 35-40 फीसदी करना चाहती है. मैनेजमेंट के अनुसार शुरुआती मार्जिन 1.5-2 फीसदी रह सकता है, लेकिन PCB जैसे कंपोनेंट्स के लोकलाइजेशन से मार्जिन बढ़ने की उम्मीद है.

कैसा है शेयर का हाल

वैल्यूएशन के मामले में Dixon और Amber में बड़ा अंतर है. 31 अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार Amber का P/E मल्टीपल 131 गुना था, जबकि Dixon का 47.7 गुना. वहीं, Dixon का ROCE 42 फीसदी और ROE 37.4 फीसदी था, जबकि Amber का ROCE 10.3 फीसदी और ROE 6 फीसदी था. शुक्रवार को Dixon का शेयर 0.41 फीसदी गिरकर 14,650 रुपये पर पहुंच गया, जबकि Amber का शेयर 0.34 फीसदी गिरकर 7,675 रुपये पर पहुंच गया है.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.