US के ईरान पर हमले के बाद क्रूड ऑयल में तेजी, ब्रेंट 89 डॉलर के पार; स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ी चिंता
US के ईरान पर हमले के बाद क्रूड ऑयल प्राइसेज में 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है. ब्रेंट क्रूड 89.18 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 84.32 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव से ग्लोबल ऑयल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है. US और ईरान के बीच जारी वॉर, मिडिल ईस्ट कॉन्फ्लिक्ट और वेनेजुएला के ऑयल रिजर्व्स पर US के फोकस का असर ऑयल मार्केट पर दिखाई दे रहा है.
Highlights
- US के ईरान पर हमले के बाद क्रूड ऑयल में 1% से ज्यादा की तेजी, ब्रेंट 89.18 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा.
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव से ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर बढ़ा रिस्क, बाजार में तेज उतार-चढ़ाव की आशंका.
- US का वेनेजुएला के 65 बिलियन बैरल से ज्यादा ऑयल रिजर्व्स पर फोकस, ग्लोबल ऑयल मार्केट पर भी पड़ सकता है असर.
Crude Oil Price: US-ईरान वॉर के बीच क्रूड ऑयल प्राइसेज में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है. सोमवार को क्रूड ऑयल की कीमतों में 1 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया. US की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थित एक ईरानी आइलैंड पर हमला किए जाने के बाद तेहरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की गई. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट कॉन्फ्लिक्ट के और बढ़ने की आशंका तेज हो गई है. इस तनाव का सीधा असर ग्लोबल ऑयल सप्लाई और क्रूड ऑयल प्राइसेज पर पड़ने की चिंता बढ़ गई है. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में 1.08 डॉलर यानी 1.23 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 89.18 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं, US वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड फ्यूचर्स 92 सेंट यानी 1.10 फीसदी बढ़कर 84.32 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हमले से बढ़ी चिंता
क्रूड ऑयल प्राइसेज में तेजी की सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ा तनाव है. US मिलिट्री ने रविवार को ईरानी रॉकेट लॉन्चर्स को निशाना बनाया. US सेंट्रल कमांड के स्पोक्सपर्सन कैप्टन टिम हॉकिंस के अनुसार, इन रॉकेट लॉन्चर्स से वॉटरवे में माइन्स बिछाने की तैयारी की जा रही थी. इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कई सप्ताह से बनी रिलेटिव काल्म की स्थिति समाप्त हो गई.
इसके बाद ईरान की ओर से भी US फोर्सेज को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं. रिपोर्ट के अनुसार, जॉर्डन में तैनात US फोर्सेज पर ईरान ने हमले शुरू किए हैं. कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है और अब तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है.
करीब 17 डॉलर के दायरे में उतार-चढ़ाव
क्रूड ऑयल मार्केट के लिए अगस्त का महीना काफी वॉलेटाइल रहा है. मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेंट फ्यूचर्स में इस महीने करीब 17 डॉलर प्रति बैरल का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. ऑयल प्राइसेज पर US-ईरान वॉर को समाप्त करने के लिए किए जा रहे इंटरमिटेंट डिप्लोमैटिक एफर्ट्स का भी असर पड़ा है. इसके अलावा US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट की ओर से ईरान को आइसोलेट करने और उसकी इकोनॉमी पर दबाव बढ़ाने की बात भी मार्केट सेंटीमेंट को प्रभावित कर रही है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों है इतना महत्वपूर्ण
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर्शियन गल्फ को ग्लोबल ऑयल मार्केट्स से जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण वॉटरवे है. मिडिल ईस्ट से ग्लोबल मार्केट्स तक क्रूड ऑयल की सप्लाई के लिए इसका रणनीतिक महत्व काफी ज्यादा है. इसी वजह से US और ईरान के बीच जारी कॉन्फ्लिक्ट में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर किसी भी तरह का तनाव ऑयल मार्केट्स पर तुरंत असर डाल सकता है.
US के टॉप मिलिट्री कमांडर ने पिछले सप्ताह के अंत में कहा था कि अमेरिकन फोर्सेज ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ईरानी माइन्स को हटा दिया है और शिपिंग लेन्स को ओपन घोषित किया है. इसके बावजूद क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव ने ट्रेडर्स की चिंता बढ़ा दी है.
वेनेजुएला से भी ऑयल सप्लाई पर US का फोकस
मिडिल ईस्ट के बाहर भी US ने ऑयल सप्लाई से जुड़े एक बड़े कदम की दिशा में आगे बढ़ना शुरू किया है. वॉशिंगटन ने वेनेजुएला के 65 बिलियन बैरल से ज्यादा ऑयल रिजर्व्स पर डायरेक्ट कंट्रोल लेने की योजना बनाई है. इसके लिए 17 ऑयल फील्ड्स को कवर करने वाली प्रपोज्ड 100-ईयर कन्सेशन की बात सामने आई है.
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला से मिलने वाले ऑयल का इस्तेमाल US के डिप्लीटेड इमरजेंसी पेट्रोलियम रिजर्व्स को फिर से भरने के लिए किया जाएगा. इससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई को लेकर बाजार में एक तरफ मिडिल ईस्ट कॉन्फ्लिक्ट से सप्लाई रिस्क बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ वेनेजुएला के ऑयल रिजर्व्स को लेकर US की रणनीति पर भी नजर बनी हुई है.
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