कहां लगाएं पैसा… शेयर, गोल्ड या बॉन्ड, एक SIP में मिलेगा हर जगह निवेश का आसान तरीका; चेक करें डिटेल
मल्टी एसेट फंड एक खास तरह का म्यूचुअल फंड होता है. इसमें पैसा शेयर, बॉन्ड और गोल्ड जैसी अलग-अलग जगहों पर लगाया जाता है. नियम के अनुसार, इसमें कम से कम तीन अलग एसेट में निवेश करना जरूरी होता है और हर जगह कम से कम 10% पैसा लगाया जाता है.

SIP: आजकल निवेश को लेकर हर जगह अलग-अलग सलाह मिलती है. कोई कहता है शेयर बाजार में पैसा लगाओ. कोई सोने को सुरक्षित बताता है. तो कोई बॉन्ड और एफडी की सलाह देता है. ऐसे में एक आम निवेशक अक्सर कन्फ्यूज हो जाता है कि आखिर पैसा कहां लगाएं. सच यह है कि एक ही जगह पैसा लगाने से जोखिम बढ़ जाता है. बाजार गिरने पर नुकसान भी ज्यादा होता है.
इसलिए पैसा अलग-अलग जगह लगाना चाहिए. इसे ही डायवर्सिफिकेशन कहा जाता है. लेकिन हर जगह अलग-अलग निवेश करना आसान नहीं होता. इसी समस्या का एक आसान समाधान है मल्टी एसेट फंड. यह एक ऐसा तरीका है जिसमें एक ही SIP से आपका पैसा कई जगह निवेश हो जाता है.
क्या है मल्टी एसेट फंड
मल्टी एसेट फंड एक खास तरह का म्यूचुअल फंड होता है. इसमें पैसा शेयर, बॉन्ड और गोल्ड जैसी अलग-अलग जगहों पर लगाया जाता है. नियम के अनुसार, इसमें कम से कम तीन अलग एसेट में निवेश करना जरूरी होता है और हर जगह कम से कम 10% पैसा लगाया जाता है. इस फंड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक ही SIP से आपका पैसा कई जगह पहुंच जाता है. इसमें भारत के शेयर, विदेशी शेयर, बॉन्ड, गोल्ड और कभी-कभी रियल एस्टेट या सिल्वर में भी निवेश होता है.
निवेश के तीन बड़े फायदे
पहला फायदा यह है कि आपको अलग-अलग निवेश करने की जरूरत नहीं होती. सब कुछ एक ही फंड में मिल जाता है. दूसरा फायदा यह है कि आपको खुद कुछ मैनेज नहीं करना पड़ता. फंड मैनेजर आपके पैसे को सही जगह लगाता है. तीसरा फायदा कंपाउंडिंग का है.
SIP के जरिए आपका पैसा समय के साथ तेजी से बढ़ सकता है. इस तरह के फंड ने औसतन 1 साल में करीब 11% रिटर्न दिया है. 3 साल में करीब 17% और 5 साल में लगभग 15.5% का रिटर्न मिला है. यह रिटर्न न ज्यादा जोखिम वाला होता है और न ही बहुत कम.
जोखिम और टैक्स समझें
इस फंड में भी जोखिम होता है. अगर किसी एक एसेट में गिरावट आती है, तो इसका असर रिटर्न पर पड़ सकता है. टैक्स इस बात पर निर्भर करता है कि फंड का कितना पैसा शेयर में लगा है. अगर आप नए निवेशक हैं और ज्यादा समझ नहीं रखते, तो मल्टी एसेट फंड एक आसान ऑप्शन हो सकता है. बेहतर रिटर्न के लिए इसमें कम से कम 3 से 5 साल तक निवेश करना जरूरी है.
सोर्स: ET Hindi
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.