तिमाही नतीजों के बाद इस स्टॉक में भयंकर बिकवाली, 11% तक टूटे शेयर, जानें क्यों मची खलबली?

Muthoot Finance का जून तिमाही में मुनाफा तिमाही आधार पर 16 फीसदी घटकर 2,799 करोड़ रुपये रहा. हालांकि, सालाना आधार पर कंपनी का PAT करीब 25 फीसदी बढ़ा, लेकिन अनुमान से कम रहा. कंपनी की ऑपरेशंस से आय भी तिमाही आधार पर 7 फीसदी घटकर 8,672 करोड़ रुपये रह गई.

भयंकर बिकवाली Image Credit: Canva

Muthoot Finance Share Price Target : गोल्ड लोन देने वाली NBFC कंपनी Muthoot Finance के शेयरों में 3 अगस्त को भारी गिरावट देखने को मिली. वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी Q1FY27 के नतीजे बाजार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरने के बाद शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 11 फीसदी तक टूट गया. सुबह 10:05 बजे Muthoot Finance का शेयर करीब 10 फीसदी गिरकर 2,809 रुपये पर कारोबार कर रहा था. अब सवाल ये है कि निवेशक इस शेयर में क्या करें?

Q1 में मुनाफा 16 फीसदी घटा

Muthoot Finance का जून तिमाही में मुनाफा तिमाही आधार पर 16 फीसदी घटकर 2,799 करोड़ रुपये रहा. हालांकि, सालाना आधार पर कंपनी का PAT करीब 25 फीसदी बढ़ा, लेकिन अनुमान से कम रहा. कंपनी की ऑपरेशंस से आय भी तिमाही आधार पर 7 फीसदी घटकर 8,672 करोड़ रुपये रह गई.

Gold Loan सेक्टर में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा

Motilal Oswal Financial Services ने भी गोल्ड लोन इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा बढ़ने को लेकर चिंता जताई है. ब्रोकरेज के मुताबिक कई बड़ी और मजबूत पूंजी वाली NBFC कंपनियां गोल्ड लोन कारोबार तेजी से बढ़ा रही हैं. इससे आने वाले समय में ग्राहकों को जोड़ने की होड़ बढ़ सकती है. इसका असर लोन की कीमत, स्प्रेड और मार्जिन पर पड़ सकता है. गोल्ड लोन की मांग मजबूत बने रहने की उम्मीद के बावजूद Muthoot Finance के सामने बाजार हिस्सेदारी बचाने और मुनाफा बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने की चुनौती हो सकती है. Motilal Oswal ने शेयर पर Neutral रेटिंग बरकरार रखी है और मार्जिन की स्थिरता को लेकर सावधानी बरती है.

Bernstein को भी NIM में 300 बेसिस प्वाइंट की गिरावट की चिंता

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Bernstein ने Muthoot Finance के Q1 नतीजों को मिला-जुला बताया है.

ब्रोकरेज के मुताबिक गोल्ड लोन AUM में अच्छी ग्रोथ के बावजूद NIM में करीब 300 बेसिस प्वाइंट की तेज गिरावट ने नतीजों पर दबाव डाला. इसका कारण पिछली छमाही में ऊंचे स्तर पर रही एसेट यील्ड का सामान्य होना रहा. मैनेजमेंट को उम्मीद है कि एसेट यील्ड आगे 18-18.5 फीसदी के आसपास स्थिर हो सकती है. हालांकि, चुनिंदा लोन पर ब्याज दरों में कटौती, कम यील्ड वाले लोन का बढ़ता हिस्सा और फंडिंग लागत में सीमित राहत से कंपनी की कमाई पर दबाव बना रह सकता है. Bernstein ने Muthoot Finance पर 4,500 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है.

कंपनी में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव

Muthoot Finance के बोर्ड ने कंपनी के मैनेजमेंट में बदलाव को भी मंजूरी दी है. बोर्ड ने Alexander George को कंपनी का नया Managing Director नियुक्त करने की सिफारिश की है. यह नियुक्ति 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी. हालांकि, इसके लिए आगामी AGM में शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी. इसके अलावा K R Bijimon को 1 अक्टूबर 2026 से कंपनी का Chief Executive Officer यानी CEO बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है. मौजूदा Managing Director George Alexander Muthoot अब Executive Vice Chairman की भूमिका संभालेंगे. कंपनी के मुताबिक नई भूमिका में George Alexander Muthoot संगठन को दिशा देने, नई पीढ़ी के नेतृत्व को मार्गदर्शन देने और कंपनी के अगले ग्रोथ फेज के लिए रणनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते रहेंगे.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.