शेयर बाजार में आज से बदल गया आखिरी आधे घंटे का नियम, अब 3:15, 3:30 और 3:40 बजे क्या होगा?

स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग के टाइमिंग को लेकर नया नियम लागू हो गया है. अब मार्केट बंद होने की प्रक्रिया पहले जैसी नहीं होगी. ऐसे में आइए आसान भाषा में समझते हैं कि दिन के आखिर में इन तीन समय पर शेयर बाजार में क्या-क्या होगा.

ट्रेडिंग का समय Image Credit: freepik

Highlights

  • अब बाजार बंद होने की प्रक्रिया पहले जैसी नहीं रहेगी.
  • 3:15 बजे, 3:30 बजे और 3:40 बजे अलग-अलग सेगमेंट में अलग-अलग गतिविधियां होंगी.
  • फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) वाले शेयरों के लिए Closing Auction Session (CAS) लागू हो गया है.

Stock Market New Closing Rules: अगर आप शेयर बाजार में निवेश या ट्रेडिंग करते हैं, तो आज से लागू हुए नए क्लोजिंग नियमों को समझना आपके लिए बेहद जरूरी है. अब बाजार बंद होने की प्रक्रिया पहले जैसी नहीं रहेगी. 3:15 बजे, 3:30 बजे और 3:40 बजे अलग-अलग सेगमेंट में अलग-अलग गतिविधियां होंगी. खासकर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) वाले शेयरों के लिए Closing Auction Session (CAS) लागू हो गया है, जिससे उनकी क्लोजिंग प्राइस तय करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है. ऐसे में आइए आसान भाषा में समझते हैं कि दिन के आखिर में इन तीन समय पर शेयर बाजार में क्या-क्या होगा.

3:15 बजे क्या होगा?

आज से F&O कॉन्ट्रैक्ट वाले शेयरों में लगातार होने वाली ट्रेडिंग दोपहर 3:15 बजे बंद हो जाएगी. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन शेयरों में कारोबार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा. इसके बाद ये शेयर Closing Auction Session (CAS) में चले जाएंगे, जहां आखिरी क्लोजिंग प्राइस तय की जाएगी.

दोपहर 3:00 बजे से 3:15 बजे के बीच एक्सचेंज हर एलिजिबल शेयर का Volume Weighted Average Price (VWAP) निकालेगा. यही आगे होने वाली नीलामी के लिए रेफरेंस प्राइस होगा.

3:15 बजे से 3:20 बजे तक पांच मिनट का ट्रांजिशन पीरियड रहेगा. इस दौरान कोई नया ऑर्डर नहीं दिया जा सकेगा. लगातार ट्रेडिंग से बचे हुए लिमिट ऑर्डर सामान्य तौर पर ऑक्शन में चले जाएंगे, जबकि स्टॉप लॉस ऑर्डर, आइसबर्ग ऑर्डर और तय दायरे से बाहर के ऑर्डर आगे नहीं बढ़ेंगे. ऑक्शन का प्राइस बैंड रेफरेंस प्राइस से 3 फीसदी ऊपर या नीचे रहेगा.

3:20 बजे से 3:30 बजे तक क्या होगा?

3:20 बजे से 3:25 बजे तक निवेशक मार्केट और लिमिट दोनों तरह के ऑर्डर दे सकेंगे. इस दौरान एक्सचेंज संभावित Equilibrium Price, कुल खरीद और बिक्री की मात्रा, ऑर्डर असंतुलन और संभावित इंडेक्स वैल्यू जैसी जानकारी भी जारी करेगा. 3:25 बजे से 3:30 बजे तक केवल लिमिट ऑर्डर ही दिए जा सकेंगे. पहले दिए गए मार्केट ऑर्डर में इस दौरान बदलाव या उन्हें कैंसिल नहीं किया जा सकेगा.

ऑर्डर एंट्री विंडो 3:28 बजे से 3:30 बजे के बीच किसी भी समय रैंडम तरीके से बंद होगी. इसका मकसद आखिरी मिनटों में बड़ी संख्या में ऑर्डर डालकर कीमतों को प्रभावित करने की कोशिश को रोकना है.

3:30 बजे क्या होगा?

3:30 बजे से 3:35 बजे तक एक्सचेंज कोई नया ऑर्डर स्वीकार नहीं करेगा. इस दौरान सभी ऑर्डर का मिलान किया जाएगा और जिस कीमत पर सबसे ज्यादा शेयरों का सौदा संभव होगा, उसी Equilibrium Price पर सभी सफल ट्रेड पूरे होंगे. यही उस शेयर की आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस होगी.

वहीं जो शेयर Closing Auction Session (CAS) के दायरे में नहीं आते, उनमें लगातार ट्रेडिंग 3:30 बजे तक पहले की तरह जारी रहेगी और उनकी क्लोजिंग प्राइस पहले की तरह आखिरी 30 मिनट के VWAP के आधार पर तय होगी.

3:40 बजे क्या होगा?

इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) कॉन्ट्रैक्ट्स में ट्रेडिंग 3:40 बजे तक जारी रहेगी. इन डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स पर Closing Auction Session लागू नहीं होगा. यानी जब F&O वाले शेयर 3:15 बजे के बाद ऑक्शन प्रक्रिया में होंगे, तब भी उनसे जुड़े फ्यूचर्स और ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स में सामान्य रूप से कारोबार चलता रहेगा.

नई व्यवस्था में क्लोजिंग प्राइस कैसे तय होगी?

अब F&O वाले पात्र शेयरों की क्लोजिंग प्राइस Equilibrium Price के आधार पर तय होगी. यानी जिस कीमत पर सबसे ज्यादा शेयरों का सौदा संभव होगा, वही क्लोजिंग प्राइस बनेगी. अगर एक से ज्यादा कीमतों पर समान मात्रा में सौदे संभव हों, तो सबसे कम बिना मैच हुए ऑर्डर वाली कीमत चुनी जाएगी. अगर इसके बाद भी बराबरी रहती है, तो रेफरेंस प्राइस के सबसे नजदीक वाली कीमत को क्लोजिंग प्राइस माना जाएगा. यदि कोई Equilibrium Price नहीं बनती, तो रेफरेंस प्राइस को ही क्लोजिंग प्राइस घोषित किया जाएगा.

SEBI ने क्यों बदला नियम?

SEBI के मुताबिक, Closing Auction Session का उद्देश्य बाजार बंद होने के समय खरीद और बिक्री की लिक्विडिटी को एक जगह लाना है, ताकि बड़े ऑर्डर बेहतर तरीके से पूरे हो सकें और क्लोजिंग प्राइस मांग और आपूर्ति की वास्तविक स्थिति को दर्शाए. इससे आखिरी मिनटों में बड़े ऑर्डर डालकर शेयर या इंडेक्स की क्लोजिंग प्राइस को प्रभावित करना भी मुश्किल होगा.

इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए क्या बदलेगा?

MIS इंट्राडे प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने वाले ट्रेडर्स के लिए भी ऑटो स्क्वेयर-ऑफ का समय बदल गया है.

  • CAS वाले शेयरों में ऑटो स्क्वेयर-ऑफ 3:10 बजे होगा.
  • CAS से बाहर वाले शेयरों में ऑटो स्क्वेयर-ऑफ 3:25 बजे होगा.
  • इंडेक्स और स्टॉक F&O में भी ऑटो स्क्वेयर-ऑफ 3:25 बजे रहेगा.

इसके अलावा, कैश मार्केट में 3:50 बजे से 4:00 बजे तक पोस्ट-क्लोज सेशन चलेगा. इस दौरान होने वाले सभी सौदे पहले से तय क्लोजिंग प्राइस पर ही पूरे किए जाएंगे.

इसे भी पढ़ें- RBI फिर नहीं बदलेगा Repo Rate? MPC बैठक से पहले अर्थशास्त्रियों ने लगाया बड़ा अनुमान