Muthoot से सस्ता, कमाई में तेज… फिर भी शेयर पीछे क्यों? इस NBFC में आखिर क्या देख रहा है बाजार?

गोल्ड लोन बाजार में तेजी ने Muthoot Finance और Manappuram Finance दोनों के कारोबार को मजबूत किया है. Manappuram Finance ने जून 2026 तिमाही में 97.4% गोल्ड लोन वृद्धि और 40.7% नेट मुनाफा वृद्धि दर्ज की, जबकि Muthoot Finance का गोल्ड लोन एयूएम 44.3% और नेट मुनाफा 24.6% बढ़ा है.

गोल्ड लोन Image Credit: Money9live

सोने के बदले कर्ज का कारोबार लगातार विस्तार कर रहा है. 31 जुलाई 2026 तक गोल्ड ज्वेलरी के बदले दिए गए लोन की राशि 5.52 लाख करोड़ रुपये थी. एक साल पहले यह आंकड़ा 2.93 लाख करोड़ रुपये था यानी इस सेगमेंट में एक साल में करीब 97% की वृद्धि हुई है. गोल्ड लोन की बढ़ती मांग को देखते हुए दूसरे बड़े एनबीएफसी भी इस बाजार में उतर रहे हैं. आदित्य बिड़ला कैपिटल ने हाल ही में गोल्ड लोन कारोबार में प्रवेश किया है और अगले तीन साल में 1,000 तक शाखाएं खोलने की योजना बनाई है.

वहीं टाटा कैपिटल ने केरल स्थित योगक्षेमम लोन्स (योगलोन्स) में करीब 89% हिस्सेदारी खरीदकर गोल्ड लोन कारोबार में प्रवेश किया है.

इससे गोल्ड लोन बाजार में कंपटीशन बढ़ गई है. सरकारी और निजी बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक और दूसरे एनबीएफसी भी इस कारोबार में तेजी से विस्तार कर रहे हैं. इसका सीधा मुकाबला गोल्ड लोन क्षेत्र की दो प्रमुख कंपनियों Muthoot Finance और Manappuram Finance से है.

Muthoot और Manappuram में किसका कारोबार तेजी से बढ़ा?

जून 2026 तिमाही में दोनों कंपनियों के गोल्ड लोन कारोबार में मजबूत वृद्धि देखने को मिली. आम तौर पर वित्त वर्ष की पहली तिमाही कर्ज कारोबार के लिहाज से अपेक्षाकृत धीमी मानी जाती है, लेकिन दोनों कंपनियों ने इस दौरान अच्छी वृद्धि दर्ज की.

देश की सबसे बड़ी गोल्ड लोन फाइनेंसर Muthoot Finance का स्टैंडअलोन गोल्ड लोन एयूएम सालाना आधार पर 44.3% बढ़कर 1.63 लाख करोड़ रुपये हो गया.

दूसरी तरफ, छोटी प्रतिद्वंद्वी Manappuram Finance का स्टैंडअलोन गोल्ड लोन एयूएम 97.4% बढ़कर 54,655 करोड़ रुपये हो गया यानी वृद्धि दर के मामले में Manappuram ने Muthoot Finance को काफी पीछे छोड़ दिया।

कंपनीगोल्ड लोन वृद्धिएनआईएम/यील्डस्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफे में वृद्धि
Muthoot Finance44.3%10.4%24.6%
Manappuram Finance97.4%17.7%40.7%
स्रोत: Screener.in

Manappuram Finance ने यह भी बताया कि ऑनलाइन गोल्ड लोन का औसत टिकट साइज 1.35 लाख रुपये रहा, जो एक साल पहले 85,200 रुपये था.

शेयर का हाल?

2 सितंबर को दोपहर 1:21 बजे Muthoot Finance का शेयर 2,896 रुपये पर कारोबार कर रहा था और इसमें 0.31% की गिरावट दर्ज की गई. वहीं, Manappuram Finance का शेयर 334 रुपये पर था और इसमें 0.93% की गिरावट देखने को मिली.

गोल्ड लोन में बढ़ती प्रतिस्पर्धा से मार्जिन पर दबाव

गोल्ड लोन कारोबार का मार्जिन आम तौर पर आकर्षक रहा है. यही वजह है कि ब्याज दरों के नरम माहौल के बीच कई वित्तीय संस्थान इस कारोबार में उतर रहे हैं. हालांकि बढ़ती प्रतिस्पर्धा का असर अब पुराने गोल्ड लोन एनबीएफसी के मार्जिन पर भी दिखाई देने लगा है.

Muthoot Finance का नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी एनआईएम 10.4% रहा, जबकि एक साल पहले यह 12.15% था. तुलना के लिए, देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank ने ब्याज कमाने वाली परिसंपत्तियों के आधार पर अपना एनआईएम 3.4% बताया था, जो एक साल पहले 3.5% था.

वहीं Manappuram Finance ने अपनी नतीजों की प्रस्तुति में एनआईएम नहीं बताया. कंपनी ने गोल्ड यील्ड 17.7% बताई, जो वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष में 17.1% थी.

खराब कर्ज का भी रखना होगा ध्यान

सिर्फ गोल्ड लोन की तेज वृद्धि देखना पर्याप्त नहीं है. निवेशकों के लिए परिसंपत्ति गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है. Muthoot Finance की नेट स्टेज-3 लोन एसेट्स और ग्रॉस लोन एसेट्स का अनुपात 1.99% रहा, जबकि एक साल पहले यह 2.1% था. यानी इस मोर्चे पर सुधार हुआ है.

हालांकि कंपनी के वित्तीय साधनों पर इम्पेयरमेंट सालाना आधार पर 48.5% बढ़कर 510.3 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी ने अपनी नतीजों की प्रस्तुति में तिमाही के दौरान सालाना आधार पर खराब कर्ज के राइट-ऑफ में बढ़ोतरी की बात भी कही है.

इसके बावजूद गोल्ड लोन की मजबूत मांग के चलते Muthoot Finance का स्टैंडअलोन नेट मुनाफा 24.6% बढ़कर 2,550 करोड़ रुपये हो गया. दूसरी ओर, Manappuram Finance का नेट स्टेज-3 लोन एसेट्स और ग्रॉस लोन एसेट्स का अनुपात 1.1% रहा, जबकि एक साल पहले यह 2.56% था.

हालांकि यहां भी वित्तीय साधनों पर इम्पेयरमेंट सालाना आधार पर 107.2% बढ़कर 148.5 करोड़ रुपये हो गया. मजबूत लोन वृद्धि की वजह से कंपनी का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा 40.7% बढ़कर 551.8 करोड़ रुपये हो गया.

5.5 लाख करोड़ रुपये का गोल्ड लोन बाजार क्यों अहम?

भारत में सोना लंबे समय से परिवारों की बचत का अहम साधन रहा है. विभिन्न अनुमानों के मुताबिक देश में करीब 25,000 से 27,000 टन सोना रखा हुआ है, जिसकी कीमत 4-6 ट्रिलियन डॉलर के बीच बताई जाती है. रोजगार के अवसरों और आय पर दबाव के बीच परिवार कारोबार, शादी या पारिवारिक आपात स्थिति जैसी जरूरतों के लिए अपने सोने को गिरवी रखकर कर्ज ले रहे हैं. इससे बैंकों और एनबीएफसी के लिए नए ग्राहकों का बड़ा बाजार तैयार हुआ है.

इस कारोबार में डिजिटल तरीके से नए ग्राहक जोड़ने और ऑनलाइन लोन भुगतान की सुविधा भी बढ़ रही है.

पूंजी का बेहतर इस्तेमाल किसका?

एनबीएफसी कंपनियों को समझने में रिटर्न ऑन इक्विटी यानी आरओई भी एक अहम पैमाना है.

Screener.in के मुताबिक Muthoot Finance का स्टैंडअलोन आरओई 30.6% था. Manappuram Finance का आरओई 11%, जबकि HDFC Bank का स्टैंडअलोन आरओई 14% था.

कंपनीस्टैंडअलोन आरओई
Muthoot Finance30.6%
Manappuram Finance11%
HDFC Bank14%

इस आंकड़े के आधार पर Muthoot Finance अपने पूंजी आधार से मुनाफा कमाने के मामले में दोनों कंपनियों से आगे नजर आती है.

33% सस्ता है Manappuram Finance

अब आते हैं उस पहलू पर, जो निवेशकों के लिए सबसे ज्यादा दिलचस्प हो सकता है—वैल्यूएशन. Screener.in के मुताबिक Muthoot Finance का प्राइस-टू-स्टैंडअलोन बुक वैल्यू 3 गुना है. वहीं Manappuram Finance 2 गुना के प्राइस-टू-बुक वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है. इसका मतलब है कि Manappuram Finance का वैल्यूएशन Muthoot Finance के मुकाबले करीब 33% कम है.

यह भी पढ़ें: राजेश एक्सपोर्ट्स में क्यों आ गई तूफानी तेजी, गिरते बाजार में आज रॉकेट बना शेयर, आखिर क्या है मामला

डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.