Q1 में निफ्टी की कमाई ने पकड़ा जोर, 19 सेक्टर का प्रदर्शन अनुमान से बेहतर; लार्ज-कैप का जलवा

मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, कमाई में बढ़ोतरी की अगुवाई फाइनेंशियल, मेटल, ऑयल एंड गैस (OMCs को छोड़कर), ऑटोमोबाइल, केमिकल, टेक्सटाइल और रियल एस्टेट सेक्टर ने की. मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों ने भी उम्मीद से बेहतर कमाई की.

एनएसई Image Credit: NSE

इंडिया इंक के जून तिमाही के नतीजों का दौर मजबूती के साथ खत्म हुआ. अलग-अलग सेक्टर और मार्केट कैप सेगमेंट में कंपनियों की कमाई उम्मीद से बेहतर रही, हालांकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) और कुछ बड़ी कंपनियों ने कुल आंकड़ों पर थोड़ा असर डाला. मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, कमाई में बढ़ोतरी की अगुवाई फाइनेंशियल, मेटल, ऑयल एंड गैस (OMCs को छोड़कर), ऑटोमोबाइल, केमिकल, टेक्सटाइल और रियल एस्टेट सेक्टर ने की.

मुनाफे में कितनी बढ़ोतरी?

OMCs को छोड़कर, कंपनियों के एक बड़े ग्रुप की सेल्स, EBITDA और टैक्स के बाद मुनाफे (PAT) में सालाना आधार पर क्रमशः 18%, 15% और 22% की बढ़ोतरी हुई. यह 15%, 10% और 15% की अनुमानित बढ़ोतरी से कहीं ज्यादा थी. BFSI, मेटल, ऑयल एंड गैस, टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम इसमें मुख्य योगदान देने वाले सेक्टर थे.

कमाई में 60 फीसदी योगदान

निफ्टी50 के PAT में सालाना आधार पर 18 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जो पिछली 10 तिमाहियों में सबसे ज्यादा थी और 10 फीसदी की उम्मीद से कहीं बेहतर थी. कमाई में हुई बढ़ोतरी का लगभग 60 फीसदी हिस्सा ONGC, हिंडाल्को, रिलायंस इंडस्ट्रीज, JSW स्टील और भारती एयरटेल से आया.

इन कंपनियों के नतीजे रहे कमजोर

हालांकि, OMCs की वजह से कुल आंकड़ों पर असर पड़ा. उन्हें एक साल पहले 162 अरब रुपये का मुनाफा हुआ था, जो अब 181 अरब रुपये के नुकसान में बदल गया. इंटरग्लोब एविएशन, ITC, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, टाटा मोटर्स का पैसेंजर व्हीकल बिजनेस और सिप्ला भी उन कंपनियों में शामिल थीं जिनकी वजह से नतीजे कमजोर रहे.

लार्ज-कैप कंपनियों की कमाई

लार्ज-कैप कंपनियों की कमाई में 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जो 14 फीसदी के अनुमान से ज्यादा थी, लेकिन यह मजबूती सिर्फ बड़ी कंपनियों तक ही सीमित नहीं थी.

मिड-कैप और स्मॉल-कैप

मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों ने भी उम्मीद से बेहतर कमाई की. मिड-कैप कंपनियों की कमाई में सालाना आधार पर 23 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि उम्मीद 17 फीसदी की थी. यह पिछले 11 तिमाहियों में सबसे ज्यादा थी. स्मॉल-कैप कंपनियों की कमाई में 31 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि अनुमान 22 फीसदी का था. इसमें बेहतर बेस और फाइनेंशियल व ऑयल एंड गैस सेक्टर में मजबूत बढ़ोतरी का फायदा मिला.

उम्मीद से बेहतर या कम नतीजे आने का ट्रेंड भी पॉजिटिव रहा. ट्रैक की गई कंपनियों में से लगभग 48 फीसदी ने मुनाफे के अनुमान को पीछे छोड़ दिया, जबकि 25 फीसदी कंपनियां अनुमान तक नहीं पहुंच पाईं.

लार्ज-कैप कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर

लार्ज-कैप कंपनियों में 57 फीसदी ने उम्मीद से बेहतर नतीजे दिए, जबकि मिड-कैप में यह आंकड़ा 39 फीसदी और स्मॉल-कैप में 48 फीसदी रहा. इस मजबूत तिमाही के नतीजों को देखते हुए एनालिस्ट्स की कमाई को लेकर उम्मीदें थोड़ी और बढ़ गई हैं. FY27 के लिए निफ्टी की ‘अर्निंग्स-पर-शेयर’ (EPS) का अनुमान 0.6% बढ़ाकर 1,232 रुपये कर दिया गया है, जबकि FY28 के लिए अनुमान 0.3% बढ़ाकर 1,425 रुपये कर दिया गया है.

कमाई में सुधार का दायरा बढ़ा

FY27 के लिए अनुमानों में बढ़ोतरी करने वाली कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंडाल्को, ONGC, ICICI बैंक और SBI शामिल हैं. इससे पता चलता है कि कमाई में सुधार का दायरा बढ़ रहा है और यह सिर्फ कुछ ही सेक्टर तक सीमित नहीं है. मोतीलाल ओसवाल के पसंदीदा स्टॉक्स में भारती एयरटेल, ICICI बैंक, SBI, टाइटन कंपनी, M&M, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एटरनल, हिंडाल्को, श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन और अपोलो हॉस्पिटल्स प्रमुख हैं.

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