Nifty Outlook June 25: इमीडिएट रेजिस्टेंस लेवल से क्या मिल रहा संकेत, चार्ट पर बनी बुल कैंडल; जानें- कैसी रहेगी निफ्टी की चाल
Nifty Outlook for June 25: निफ्टी50 में 0.83 फीसदी की बढ़त हुई और यह 24,021 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 1% चढ़कर 76,991 पर बंद हुआ. गुरुवार को निफ्टी की चाल कैसी रह सकती है और सपोर्ट का लेवल क्या है, आइए एक्सपर्ट्स से जान लेते हैं.

Nifty Outlook for June 25: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में हर तरफ से हुई खरीदारी के कारण तेजी देखी गई और बाजार ने पिछले दिन हुए ज्यादातर नुकसान की भरपाई कर ली. इस तेजी में फाइनेंशियल शेयरों ने मुख्य भूमिका निभाई, जबकि टेक्नोलॉजी शेयरों में सुधार से दलाल स्ट्रीट को बड़ी राहत मिली. निफ्टी50 में 0.83 फीसदी की बढ़त हुई और यह 24,021 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 1% चढ़कर 76,991 पर बंद हुआ. गुरुवार को निफ्टी की चाल कैसी रह सकती है और सपोर्ट का लेवल क्या है, आइए एक्सपर्ट्स से जान लेते हैं.
जबरदस्त रिकवरी
HDFC सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट, नंदीश शाह आज के मार्केट परफॉर्मेंस पर अपनी राय दी. उन्होंने कहा, ‘मंगलवार की भारी गिरावट के बाद, निफ्टी ने जबरदस्त रिकवरी की और 197 पॉइंट्स की बढ़त के साथ 24,021 पर बंद हुआ. इंडेक्स 30 पॉइंट्स नीचे खुला लेकिन जल्द ही इसकी चाल बदल गई और सुबह के निचले स्तरों से 300 पॉइंट्स से ज्यादा की रिकवरी की. हालांकि, आखिरी घंटे में कुछ प्रॉफिट बुकिंग के कारण इंट्राडे बढ़त का कुछ हिस्सा कम हो गया. पिछले ट्रेडिंग सेशन की तुलना में NSE कैश मार्केट वॉल्यूम 7 फीसदी कम था.
निफ्टी पैक में इंडिगो, ट्रेंट और अडानी एंटरप्राइजेज बढ़त में सबसे आगे रहे, जबकि NTPC, मारुति और टाटा स्टील पिछड़ने वाले प्रमुख स्टॉक्स रहे. सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी ऑटो और मेटल को छोड़कर सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए. रियल्टी, IT और प्राइवेट बैंक इंडेक्स का परफॉर्मेंस सबसे अच्छा रहा.
एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो
एक दिन के ठहराव के बाद ब्रॉडर मार्केट में फिर से तेजी लौटी, जिसमें निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में क्रमशः 0.10% और 0.39% की मामूली बढ़त देखी गई. मार्केट की स्थिति में सुधार हुआ, BSE एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो बढ़कर 1.10 हो गया, जो बढ़त वाले स्टॉक्स के पक्ष में झुकाव दिखाता है.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और हालिया सरकारी व RBI उपायों के बाद लगातार आ रहे कैपिटल इनफ्लो के कारण रुपया 7 पैसे मजबूत होकर 94.67 पर बंद हुआ.
गैप जोन में खरीदारी
टेक्निकली, निफ्टी ने अपने 50-दिन के DEMA सपोर्ट का सम्मान किया और कल के निचले स्तर 23,784 से काफी ऊपर बना रहा. इंडेक्स को 15 जून, 2026 को बने 23,645–23,817 के गैप जोन में खरीदारी का रुझान मिल रहा है, जो निचले स्तरों पर डिमांड को दिखाता है.
इमीडिएट रेजिस्टेंस लेवल
ऊपरी स्तर पर, 24,190 एक इमीडिएट रेजिस्टेंस लेवल बना हुआ है, जबकि निचले स्तर पर सपोर्ट अब बढ़कर 23,800 के आसपास आ गया है. जब तक निफ्टी इस सपोर्ट बैंड के ऊपर बना रहता है, तब तक ब्रॉडर ट्रेंड पॉजिटिव बना रहेगा.
डेली चार्ट पर बुल कैंडल
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, नागराज शेट्टी ने आज के मार्केट परफॉर्मेंस पर अपनी राय दी है. उन्होंने कहा कि मंगलवार को आई भारी गिरावट के बाद बुधवार को बुल्स (तेजी लाने वाले) ने जबरदस्त वापसी की और निफ्टी 197 अंक ऊपर बंद हुआ. निचले स्तर पर खुलने के बाद, मार्केट में सेशन की शुरुआत और बीच के समय में अच्छी तेजी देखी गई. हालांकि, आखिर में थोड़ी सुस्ती (कंसोलिडेशन) दिखी और निफ्टी अपने ऊपरी स्तरों के करीब बंद हुआ.
बुधवार को डेली चार्ट पर एक लंबी ‘बुल कैंडल’ बनी, जिसने पिछले सेशन की लंबी ‘बेयर कैंडल’ को ऊपर की तरफ ओवरलैप किया. टेक्निकल नजरिए से यह मार्केट मूवमेंट एक सेशन के करेक्शन के बाद बुल्स की शानदार वापसी का संकेत देता है. यह एक पॉजिटिव संकेत है.
अपसाइड गैप
15 जून को खुले ‘अपसाइड गैप’ का अहम सपोर्ट लेवल निफ्टी के लिए वापसी (रिवर्सल) का जरिया बना. यहां से निफ्टी 24150-24200 के लेवल के आस-पास अपने इमीडिएट रेजिस्टेंस को चुनौती दे सकता है और जल्द ही 24500-24600 के लेवल की ओर बढ़ सकता है. इमीडिएट सपोर्ट 23800 पर है.
बाजार को मिला सहारा
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर ने कहा कि एशियाई बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बेहतर ट्रैफिक के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के कारण घरेलू इक्विटी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए. इसके साथ ही, भारत-अमेरिका के बीच जल्द ही किसी ट्रेड डील की बढ़ती उम्मीदों का भी बाजार को सहारा मिला. हाल ही में डेट मार्केट पॉलिसी में हुए सुधारों के बाद नए निवेश आने से बॉन्ड यील्ड में भी तेजी से गिरावट आई.
विनोद नायर ने आगे कहा कि पूरे सेशन के दौरान IT और बैंकिंग शेयरों में बढ़त की वजह से लार्ज-कैप शेयरों ने व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) से बेहतर प्रदर्शन किया. जहां FCNR(B) डिपॉजिट स्वैप स्कीम को लेकर स्पष्टता ने बैंकिंग शेयरों को गति दी, वहीं IT शेयरों में इस बात से तेजी आई कि भारतीय वेंडर एंटरप्राइज-लेवल पर मिड- और बैक-ऑफिस AI को अपनाने के लिए जरूरी इम्प्लीमेंटेशन पार्टनर बने हुए हैं.
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