UPS बंद होगी या बदलेगी? सरकार ने दिया सीधा जवाब

Unified Pension Scheme (UPS) को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में स्थिति साफ कर दी है. सरकार ने कहा कि फिलहाल UPS में बदलाव करने या इसे किसी दूसरी पेंशन योजना से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है. योजना मौजूदा नियमों के तहत जारी रहेगी.

यूनिफाइड पेंशन स्कीम

Highlights

  • UPS में बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं
  • सरकार ने संसद में स्थिति स्पष्ट की
  • मौजूदा नियमों के तहत UPS जारी

केंद्र सरकार ने Unified Pension Scheme यानी UPS को लेकर बड़ी जानकारी दी है. सरकार ने संसद में बताया कि फिलहाल UPS में किसी तरह का बदलाव करने या इसे किसी दूसरी पेंशन योजना से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है. ऐसे में UPS के तहत आने वाले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह स्थिति फिलहाल साफ हो गई है.

सरकार ने संसद में क्या कहा?

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि सरकार के पास अभी Unified Pension Scheme में संशोधन करने या इसे किसी दूसरी योजना से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है.

सरकार का यह जवाब ऐसे समय आया है, जब सरकारी कर्मचारियों के बीच पेंशन को लेकर लगातार चर्चा चल रही है. कई कर्मचारी पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) और नई पेंशन व्यवस्था (NPS) के बीच तुलना करते रहे हैं. इसी बीच UPS को लेकर भी कर्मचारियों की अलग-अलग मांगें सामने आती रही हैं.

UPS कब से लागू हुई?

Unified Pension Scheme को केंद्र सरकार ने NPS के तहत एक विकल्प के रूप में पेश किया है. इसे 1 अप्रैल 2025 से लागू किया गया. इसका मकसद केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद ज्यादा निश्चित और स्थिर पेंशन देने की व्यवस्था उपलब्ध कराना है.

UPS के तहत पात्र कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक निश्चित पेंशन का प्रावधान है. इसके अलावा कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में परिवार को भी पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलता है.

कितनी पेंशन की गारंटी?

UPS की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुनिश्चित पेंशन है. नियमों के मुताबिक, 25 साल की qualifying service पूरी करने वाले कर्मचारी को रिटायरमेंट से पहले के आखिरी 12 महीनों के औसत बेसिक पे का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलने का प्रावधान है.

अगर कर्मचारी की सेवा अवधि 25 साल से कम है, लेकिन कम से कम 10 साल है, तो पेंशन की रकम सेवा अवधि के हिसाब से तय होती है. इसके अलावा न्यूनतम 10 साल की qualifying service पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए न्यूनतम पेंशन का भी प्रावधान है.

NPS से कैसे अलग है UPS?

NPS में रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन मुख्य रूप से कर्मचारी के जमा किए गए कॉर्पस और निवेश से मिलने वाले रिटर्न पर निर्भर करती है. इसके मुकाबले UPS में निश्चित पेंशन का प्रावधान कर्मचारियों को ज्यादा अनुमानित रिटायरमेंट आय देता है.

हालांकि, UPS चुनने वाले कर्मचारियों को इसके नियमों और पात्रता शर्तों को समझना जरूरी है. हर कर्मचारी के लिए NPS और UPS में से कौन-सा विकल्प बेहतर है, यह उसकी नौकरी की अवधि, वेतन और रिटायरमेंट की योजना पर निर्भर कर सकता है.

फिलहाल बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं

सरकार के संसद में दिए जवाब से यह स्पष्ट है कि फिलहाल UPS को बदलने या खत्म करने की कोई योजना नहीं है. यानी योजना मौजूदा नियमों के तहत जारी रहेगी. हालांकि, भविष्य में सरकार नियमों में बदलाव करती है या नहीं, यह अलग विषय है. फिलहाल केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए UPS को लेकर सरकार का रुख साफ है कि इसमें बदलाव या इसे बदलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.

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