NPS vs Mutual Fund: 25 साल में ₹1.61 करोड़ का फर्क, जानिए कैसे
Corporate NPS और म्यूचुअल फंड SIP में 25 साल के निवेश पर बड़ा अंतर सामने आया है. एक उदाहरण के मुताबिक, NPS से करीब ₹5.17 करोड़ का कॉर्पस बन सकता है, जो म्यूचुअल फंड से लगभग ₹1.61 करोड़ ज्यादा है.
Highlights
- NPS से 25 साल में ₹5.17 करोड़
- म्यूचुअल फंड से ₹1.61 करोड़ कम
- टैक्स फायदे से NPS को बढ़त मिली
रिटायरमेंट के लिए निवेश करते समय NPS और म्यूचुअल फंड SIP दोनों ही लोकप्रिय विकल्प हैं. लेकिन एक उदाहरण में दोनों में निवेश करने के बावजूद रिटायरमेंट के समय मिलने वाली रकम में ₹1.61 करोड़ का अंतर सामने आया है. इसकी बड़ी वजह निवेश पर मिलने वाला रिटर्न नहीं, बल्कि टैक्स का फायदा है.
एक जैसी कमाई और रिटर्न, फिर इतना बड़ा अंतर क्यों?
PPFAS Pension की एक प्रस्तुति में 35 साल के एक कर्मचारी का उदाहरण लिया गया है. उसकी सालाना सैलरी ₹30 लाख और बेसिक सैलरी ₹15 लाख मानी गई है. कर्मचारी 30% टैक्स स्लैब में है और 60 साल की उम्र तक यानी 25 साल निवेश करता है. इस उदाहरण में NPS और म्यूचुअल फंड दोनों पर सालाना 12% रिटर्न माना गया है. साथ ही हर साल निवेश की रकम में 7% बढ़ोतरी की गई है. इसके बावजूद दोनों के अंतिम कॉर्पस में बड़ा अंतर दिखाई देता है.
Corporate NPS से कितना बनेगा फंड?
प्रस्तुति के मुताबिक, Corporate NPS के जरिए कर्मचारी हर महीने ₹17,500 निवेश करता है. 25 साल बाद 60 साल की उम्र में उसका अनुमानित रिटायरमेंट कॉर्पस करीब ₹5.17 करोड़ पहुंच सकता है. वहीं, म्यूचुअल फंड SIP के मामले में टैक्स कटने के बाद निवेश के लिए हर महीने करीब ₹12,040 उपलब्ध होते हैं. इसी रकम को 25 साल तक निवेश करने पर अनुमानित कॉर्पस करीब ₹3.56 करोड़ बनता है.
इस तरह दोनों के बीच करीब ₹1.61 करोड़ का अंतर बन जाता है.
टैक्स बचत से कैसे बढ़ता है फायदा?
इस अंतर की सबसे बड़ी वजह Corporate NPS में मिलने वाला टैक्स लाभ है. उदाहरण में कर्मचारी की ओर से ₹17,500 का निवेश टैक्स कटने से पहले Corporate NPS के जरिए किया जाता है. यह सुविधा इनकम टैक्स की धारा 80CCD(2) के तहत मिलती है.
दूसरी तरफ, म्यूचुअल फंड SIP में निवेश करने से पहले सैलरी पर टैक्स का असर पड़ता है. ऐसे में निवेश के लिए कम रकम बचती है. शुरुआत से ही ज्यादा पैसा निवेश होने पर अगले 25 साल तक उस अतिरिक्त रकम पर भी कंपाउंडिंग का फायदा मिलता रहता है. यही लंबी अवधि में बड़ा अंतर पैदा करता है.
रिटायरमेंट के बाद कितनी आय?
प्रस्तुति में रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली अनुमानित मासिक आय की भी तुलना की गई है. Corporate NPS वाले उदाहरण में करीब ₹2.63 लाख प्रति माह और म्यूचुअल फंड वाले उदाहरण में करीब ₹1.78 लाख प्रति माह की आय का अनुमान लगाया गया है. ये आंकड़े तय मान्यताओं पर आधारित हैं.
क्या NPS हमेशा बेहतर है?
ऐसा सीधे तौर पर नहीं कहा जा सकता. यह तुलना केवल एक उदाहरण है, जिसमें दोनों निवेशों पर समान 12% रिटर्न माना गया है. वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन, निवेश अवधि, टैक्स नियमों और व्यक्ति की स्थिति के आधार पर अलग हो सकते हैं.
इसलिए निवेश का फैसला केवल इस उदाहरण के आधार पर नहीं करना चाहिए. हालांकि, जिन कर्मचारियों को कंपनी के जरिए Corporate NPS की सुविधा मिलती है, उनके लिए टैक्स लाभ और लंबे समय की कंपाउंडिंग इसे रिटायरमेंट प्लानिंग का एक अहम विकल्प बना सकती है.
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