Nifty Outlook May 26: निफ्टी ने तोड़ा कंसोलिडेशन रेंज, क्या कल भी बरकरार रहेगी तेजी? जानें- एक्सपर्ट्स का आउटलुक
Nifty Outlook May 26: तेल की कीमतों में यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बनी उम्मीदों के कारण हुई, जिससे दलाल स्ट्रीट को बहुत जरूरी राहत मिली. मंगलवार को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, आइए एक्सपर्ट्स से समझ लेते हैं.

Nifty Outlook May 26: भारतीय बाजार ने सोमवार, 25 मई को मजबूत बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया. तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बाद दोनों बेंचमार्क इंडेक्स 1 फीसदी से अधिक चढ़ गए. तेल की कीमतों में यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बनी उम्मीदों के कारण हुई, जिससे दलाल स्ट्रीट को बहुत जरूरी राहत मिली. मंगलवार को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, आइए एक्सपर्ट्स से समझ लेते हैं.
मजबूत बुलिश कैंडल
SAMCO Securities के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, ओम मेहरा ने कहा कि Nifty 1.32 फीसदी बढ़कर 24,031.70 पर बंद हुआ. इसने उस लंबे समय से चल रही कंसोलिडेशन रेंज को तोड़ दिया, जिसने पिछले दो हफ्तों से इंडेक्स को 23,300 और 23,870 के बीच सीमित रखा था. डेली चार्ट पर एक मजबूत बुलिश कैंडल बनी, जो 23,880 पर मौजूद 20-दिन के SMA और 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर, दोनों से ऊपर बंद हुई. इस ब्रेकआउट को कई पॉजिटिव संकेतों का समर्थन मिला है. RSI बढ़कर 55 पर पहुंच गया है, जो मई की शुरुआत में करेक्शन शुरू होने के बाद पहली बार न्यूट्रल जोन से ऊपर निकला है. MACD लाइन भी पॉजिटिव हो गई है.
चार्ट पर ब्रेकआउट
आवरली चार्ट पर ब्रेकआउट साफ तौर पर दिखाई दे रहा है. इसमें ‘हायर-हाई’ (ऊंचे-ऊंचे स्तर) का पैटर्न बना है, क्योंकि इंडेक्स हाल की रेंज से निर्णायक रूप से ऊपर निकला और 23,820 पर मौजूद घंटे के SMA से ऊपर बना रहा. India VIX 6.28 फीसदी गिरकर 16.70 पर आ गया, जो वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) में काफी कमी का संकेत है. USD-INR 0.48% गिरकर 95.22 पर आ गया, जिससे रुपया अपने हाल के ऐतिहासिक निचले स्तरों से मजबूत हुआ है.
इमिडिएट सपोर्ट
नीचे की तरफ, 23,800–23,850 का जोन अब इमिडिएट सपोर्ट बन गया है. ऊपर की तरफ, 24,180–24,220 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है. जब तक Nifty क्लोजिंग बेसिस पर 23,950 से ऊपर बना रहता है, तब तक ब्रेकआउट वैध माना जाएगा, और आने वाले सेशन के लिए ‘बाय-ऑन-डिप्स’ (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति अपनाई जा सकती है.
खरीदारी का संकेत
Nifty Bank ने भी एक निर्णायक ब्रेकआउट दिया, 1,238.30 अंकों की बढ़त के साथ 55,293.65 पर बंद हुआ, जो 2.29 फीसदी की बढ़त है. ओपन और लो लगभग एक ही स्तर पर रहे, जो पूरे सेशन के दौरान लगातार खरीदारी का संकेत है. इंडेक्स ने 54,564 पर मौजूद 20-दिन और 50-दिन के SMA को फिर से हासिल कर लिया है और 50% Fibonacci रिट्रेसमेंट स्तर से ऊपर बंद हुआ है.
‘राउंडिंग बॉटम’ पैटर्न
आवर के चार्ट पर, ‘सॉसर फॉर्मेशन’ के साथ-साथ ‘राउंडिंग बॉटम’ पैटर्न ने इस सेटअप को और भी मजबूती दी है. RSI 45 से नीचे के दायरे में काफी समय बिताने के बाद, न्यूट्रल जोन को पार करते हुए 55 पर पहुंच गया है. MACD लाइन भी पॉजिटिव हो गई है, जो बेहतर होते मोमेंटम को दिखाती है. निफ्टी प्राइवेट बैंक 2.09% बढ़कर 26,927.10 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक 2.90% उछलकर 8,238.10 पर बंद हुआ, जो बैंकिंग सेक्टर में हर तरफ मजबूती का संकेत है.
नीचे की तरफ, 54,900–54,600 का जोन, जो 38.2% Fibonacci retracement के साथ मेल खाता है, इमिडिएट सपोर्ट बना हुआ है. ऊपर की तरफ, 55,600, और उसके बाद 56,000, अगला रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है.
मार्केट का टर्नओवर बढ़ा
HDFC सिक्योरिटीज डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट, नंदिश शाह ने कहा कि इंडेक्स ने अपनी हालिया उतार-चढ़ाव वाली चाल को तोड़ते हुए, 312 अंकों की बढ़त के साथ 24,000 के स्तर से ऊपर बंद हुआ और 24,006 पर स्थित 50 DEMA को निर्णायक रूप से पार कर गया. यह 221 अंकों की बढ़त (गैप-अप) के साथ खुला और सत्र के ज्यादातर समय तक अपनी बढ़त बनाए रखी. आखिरी घंटे में इसमें और तेजी आई, जिससे लगभग 100 अंक और जुड़ गए. पिछले सत्र की तुलना में NSE कैश मार्केट का टर्नओवर भी 5% बढ़ गया.
बेंचमार्क के साथ-साथ ब्रॉडर मार्केट में भी जोरदार तेजी देखने को मिली. Nifty Midcap 100 में 0.94% और Nifty Smallcap 100 में 1.37% की बढ़त दर्ज की गई. लगातार छठे सत्र में भी बाजार की चाल (Market breadth) मजबूती से पॉजिटिव बनी रही. BSE का बढ़त-गिरावट अनुपात (Advance-Decline Ratio) सुधरकर 1.83 पर पहुंच गया, जो मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में लगातार खरीदारी की दिलचस्पी को दर्शाता है.
रुपये में तेजी
भारतीय रुपया लगातार तीसरे सत्र में भी अपनी बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहा. यह 46 पैसे की मजबूती के साथ दो हफ्तों के हायर लेवल पर बंद हुआ. इस तेजी को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सपोर्ट मिला, जिसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर नए सिरे से जगी उम्मीदें थीं. साथ ही RBI गवर्नर की ओर से आए उत्साहजनक बयानों ने भी इसे बल दिया, जिसमें उन्होंने घरेलू मुद्रा के संभावित रूप से कम वैल्यूएशन (Undervaluation) की ओर इशारा किया था.
टेक्निकल रूप से निफ्टी ने क्लोजिंग बेसिस पर 23,800 के अहम प्रतिरोध स्तर को निर्णायक रूप से पार कर लिया है, जिसके चलते कंसोलिडेशन पैटर्न में ब्रेकआउट देखने को मिला है. अब अगले रेजिस्टेंस 24,370 और 24,600 पर स्थित हैं, जबकि 23,800 का पिछला रेजिस्टेंस अब इमिडिएट समर्थन (Immediate Support) के तौर पर काम करने की उम्मीद है.
सेंटीमेंट में सुधार
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा कि मार्केट में मजबूत पॉजिटिव मोमेंटम देखने को मिला, जिसकी वजह थी कच्चे तेल की कीमतों में सुधार और US-ईरान के बीच संभावित डील की बढ़ती उम्मीदें थीं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की दिशा में हुई प्रगति की रिपोर्ट्स से ग्लोबल सेंटीमेंट में सुधार हुआ, हालांकि लगातार बदलते घटनाक्रमों को देखते हुए इसकी विश्वसनीयता अभी भी अनिश्चित बनी हुई है.
इस तेजी की अगुवाई लार्ज कैप शेयरों ने की, जिन्हें लंबे समय के औसत के मुकाबले अपेक्षाकृत आकर्षक वैल्यूएशन का समर्थन मिला. सेक्टोरल मोर्चे पर, मजबूत Q4 कमाई के दम पर फाइनेंशियल सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि ऑटो सेक्टर में भी सकारात्मक रुझान बना रहा.
रियल्टी सेक्टर में दिलचस्पी
हाल ही में आई तेज गिरावट के बाद रियल्टी सेक्टर में भी नए सिरे से दिलचस्पी देखने को मिली. मैक्रो मोर्चे पर, ग्लोबल यील्ड्स में थोड़ी नरमी आई, जबकि रुपये की गिरावट अब स्थिर होती दिख रही है. इसमें RBI की उस टिप्पणी से मदद मिली जिसमें कहा गया था कि रुपये का मूल्यांकन कम है. हालांकि यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी कि यह रुझान लंबे समय तक बना रहेगा. इस मोमेंटम की स्थिरता भू-राजनीतिक तनाव में विश्वसनीय कमी और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार स्थिरता पर निर्भर करेगी.’
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