Opening Bell: सेंसेक्स 500 अंक गिरा, निफ्टी 23500 का स्तर पर; Nifty IT में 3% से अधिक की गिरावट

Opening Bell: दुनिया भर से मिले-जुले संकेतों के बीच भारतीय इंडेक्स 9 सितंबर को लगभग 23550 के स्तर पर नीचे खुला. यमन में ईरान समर्थित हूतियों द्वारा सऊदी अरब के कई शहरों पर हमले करने से पश्चिम एशिया में युद्ध और तेज हो गया है.

शेयर बाजार में गिरावट. Image Credit: Money9live

Opening Bell: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स कमजोर स्तर पर खुले. लगातार जारी जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतें निवेशकों के सेंटीमेंट पर हावी रहीं. दुनिया भर से मिले-जुले संकेतों के बीच भारतीय इंडेक्स 9 सितंबर को लगभग 23550 के स्तर पर नीचे खुला.

निफ्टी 50 इंडेक्स 134 अंक या 0.57 फीसदी गिरकर 23,497 पर ट्रेड कर रहा था. बेंचमार्क सेंसेक्स 574 अंक या 0.76 फीसदी गिरकर 75,003 पर ट्रेड कर रहा था.

लगभग 1257 शेयरों में बढ़त हुई, 1090 शेयरों में गिरावट आई और 170 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.

टॉप गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से L&T, सन फार्मा और NTPC सबसे अधिक बढ़त वाली कंपनियां रहीं. HCL टेक, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और TCS में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई.

निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर, अडानी एंटरप्राइजेज, हिंडाल्को, ONGC और L&T शामिल थे, जबकि गिरावट वाले शेयरों में इन्फोसिस, HCL टेक, टेक महिंद्रा, विप्रो और TCS शामिल थे.

सेक्टोरल इंडेक्स

सेक्टर के हिसाब से देखें तो Nifty IT में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई और यह लगभग 3 फीसदी नीचे खुला. वहीं, Nifty Metal और Nifty Pharma में मामूली बढ़त हुई.

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.5% बढ़कर $99.5 प्रति बैरल हो गए. तेल की ऊंची कीमतों से ट्रेड डेफिसिट (व्यापार घाटा) बढ़ने, महंगाई बढ़ने और भारत में ग्रोथ पर असर पड़ने का खतरा है.

जियो-पॉलिटिकल चिंताएं

यमन में ईरान समर्थित हूतियों द्वारा सऊदी अरब के कई शहरों पर हमले करने से पश्चिम एशिया में युद्ध और तेज हो गया है, जिससे अमेरिका का एक सहयोगी देश भी इस संघर्ष में और गहराई से फंस गया है. वहीं, अमेरिकी सेना ने ईरान के कई तेल टैंकरों पर हमला किया और ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हमला किया.

FII की बिकवाली

8 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने 123 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे.

रुपया कमजोर

बुधवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे गिरकर 94.95 पर आ गया. इसकी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें थीं, जो अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच गईं.

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