JSW और Skoda-Volkswagen के बीच 51:49 के JV पर सहमति, साल के आखिर तक फाइनल होगा एग्रीमेंट!

इस समझौते के साथ ही वैल्यूएशन और दूसरी डिटेल्स पर खास बातचीत शुरू हो गई है. दोनों पक्ष 2026 के आखिर तक एक फाइनल बाइंडिंग एग्रीमेंट करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी भारत में अपना दायरा बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही है.

वोक्सवैगन Image Credit: Bill Pugliano/Getty Images

Highlights

  • वैल्यूएशन और दूसरी डिटेल्स पर खास बातचीत शुरू हो गई है.
  • वैल्यूएशन और डील के स्ट्रक्चर को अंतिम रूप दिया जाएगा.
  • बेंटले को भी इस जॉइंट वेंचर में शामिल करने के लिए तैयार.

सज्जन जिंदल की अगुवाई वाले JSW ग्रुप और Volkswagen ग्रुप ने मंगलवार को एक नॉन-बाइंडिंग MoU (समझौता ज्ञापन) पर साइन किए. ईटी ने मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया कि यह समझौता जर्मन कार कंपनी के भारत में पैसेंजर व्हीकल ऑपरेशन्स के लिए 51:49 की पार्टनरशिप योजना को आगे बढ़ाने के लिए है.

इस समझौते के साथ ही वैल्यूएशन और दूसरी डिटेल्स पर खास बातचीत शुरू हो गई है. दोनों पक्ष 2026 के आखिर तक एक फाइनल बाइंडिंग एग्रीमेंट करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं.

नई कंपनी के जरिए होगा कामकाज

यह प्रस्तावित गठबंधन JSW और Volkswagen ग्रुप की लोकल यूनिट ‘स्कोडा ऑटो Volkswagen इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ (SAVWIPL) के बीच एक नई कंपनी के जरिए काम करेगा. यह जिंदल की मौजूदा पार्टनरशिप (जैसे चीन की SAIC मोटर के साथ, जो भारत में MG-ब्रांड की कारें बेचती है) से अलग होगी.

रिपोर्ट के अनुसार, जिंदल परिवार ने 17 अगस्त को JSW के मुंबई हेडक्वार्टर में स्कोडा ऑटो के चेयरमैन क्लॉस जेलमर, फॉक्सवैगन पैसेंजर कार्स के CEO और VW ग्रुप के बोर्ड मेंबर थॉमस शेफर के साथ एक मीटिंग की थी.

स्कोडा और फॉक्सवैगन के आठ ब्रांड

शुरुआत में इस जॉइंट वेंचर में भारत में बिकने वाले स्कोडा और फॉक्सवैगन के आठ ब्रांड और भविष्य में लॉन्च होने वाले मॉडल (जिनमें इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी शामिल हैं) शामिल होंगे. JSW ने संकेत दिया है कि वह बाद के चरण में फॉक्सवैगन ग्रुप के लग्जरी ब्रांड – ऑडी, पोर्श, लेम्बोर्गिनी और बेंटले को भी इस जॉइंट वेंचर में शामिल करने के लिए तैयार है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, VW अपने सभी ब्रांड्स को भी आखिरकार इस JV (जॉइंट वेंचर) के तहत लाने की इच्छुक है. हालांकि, ये ब्रांड्स अलग-अलग लिस्टेड हैं, जिससे वेंचर में इन्हें शामिल करना मुश्किल हो सकता है.

भारत में संघर्ष कर रही कंपनी

टोयोटा के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी भारत में अपना दायरा बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही है, जहां टॉप चार कंपनियों का बाजार में 85% से अधिक हिस्सा है. ढाई दशकों से अधिक समय में फॉक्सवैगन भारत के 46 लाख यूनिट वाले कार बाजार में सिर्फ 2.5% हिस्सेदारी ही हासिल कर पाई है.

वैल्यूएशन और टैक्स देनदारी

रिपोर्ट के अनुसार, इस MoU के बाद Volkswagen-Skoda इंडिया के कामकाज की फाइनेंशियल ड्यू डिलिजेंस (वित्तीय जांच-पड़ताल) और वैल्यूएशन तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी. वैल्यूएशन तय करने में एक अहम मुद्दा कस्टम ड्यूटी से बचने के कथित मामले में Volkswagen पर लगने वाली लगभग 20,000 करोड़ रुपये की संभावित टैक्स देनदारी होगी.

ड्यूटी बचाने का आरोप

कस्टम विभाग का आरोप है कि कंपनी ने लगभग पूरी तरह से तैयार गाड़ियां बिना असेंबल किए इंपोर्ट कीं, लेकिन उन्हें अलग-अलग पार्ट्स के तौर पर दिखाया. कस्टम विभाग के मुताबिक, इससे पूरी तरह से अलग-अलग पार्ट्स के तौर पर इंपोर्ट की गई गाड़ियों पर लगने वाली 30-35% ड्यूटी के बजाय 5-15% ड्यूटी ही लगी.

इस कथित प्रैक्टिस में Skoda Kodiaq और Superb, Audi A4 और Q5, और Volkswagen Tiguan जैसे मॉडल शामिल थे. अधिकारियों का यह भी आरोप है कि अलग-अलग पार्ट्स के तौर पर क्लीयरेंस आसान बनाने के लिए शिपमेंट को छोटे-छोटे कंसाइनमेंट में बांटा गया था.

रिपोर्ट्स के अनुसार, Volkswagen ग्रुप दिसंबर तक अपने बोर्ड के सामने एक ठोस प्रस्ताव रखने की योजना बना रहा है. इस बीच वैल्यूएशन और डील के स्ट्रक्चर को अंतिम रूप दिया जाएगा.

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