अमेरिका ने ईरान के कई तेल टैंकर पर किया हमला, 100 डॉलर के करीब पहुंची कच्चे तेल की कीमत

एक अमेरिकी मिसाइल ने खार्ग द्वीप के तेल हब से लगभग 4 मील (6 किमी) दूर एक ईरानी टैंकर को निशाना बनाया, जबकि सरकारी ब्रॉडकास्टर ने बताया कि ओमान की खाड़ी में जास्क के पास एक दूसरे टैंकर पर हमला किया गया. दुनिया भर में तेल की कीमतें फिर से बढ़ गई हैं.

यूएस ईरान वार Image Credit: Money9

Highlights

  • अमेरिकी सेना ने ईरान के कई तेल टैंकरों पर हमला किया है.
  • खाड़ी के अहम शिपिंग रूट पर तनाव काफी बढ़ गया है.
  • दुनिया भर में तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब.

ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष एक बार फिर से बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर मिसाइल हमले की एक और कोशिश के बाद, अमेरिकी सेना ने ईरान के कई तेल टैंकरों पर हमला किया है. ये टैंकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े थे. ईरानी मीडिया ने कई हमलों की खबर दी है.

तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, एक अमेरिकी मिसाइल ने खार्ग द्वीप के तेल हब से लगभग 4 मील (6 किमी) दूर एक ईरानी टैंकर को निशाना बनाया, जबकि सरकारी ब्रॉडकास्टर ने बताया कि ओमान की खाड़ी में जास्क के पास एक दूसरे टैंकर पर हमला किया गया.

हमले के बाद तनाव और बढ़ा

अमेरिकी अधिकारियों ने ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ को बताया कि सोमवार को अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से दूसरी बार हमले के बाद तनाव और बढ़ गया है. अमेरिकी सेना ने सार्वजनिक रूप से इस हमले की बात स्वीकार नहीं की है, न तो सोमवार के हमलों में और न ही वीकेंड में हुए पिछले हमले में अमेरिकी जहाज क्षतिग्रस्त हुए.

बेहतर होती मिसाइल क्षमताएं

पिछले हमले में एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर को निशाना बनाया गया था. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि बार-बार हो रहे इन हमलों ने ईरान की लगातार बेहतर होती मिसाइल क्षमताओं और चीन या रूस से संभावित तकनीकी मदद को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

ईरान ने दी चेतावनी

इसके जवाब में, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बुधवार सुबह कहा कि कुवैत और बहरीन के उन बंदरगाहों पर मौजूद तेल के जहाजों को जवाबी कार्रवाई में निशाना बनाया जाएगा, जहां अमेरिकी सेनाएं तैनात हैं. ईरानी सरकारी मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गार्ड्स की नौसेना ने जहाजों पर मौजूद क्रू को वहां से निकलने की चेतावनी दी है. इससे खाड़ी के अहम शिपिंग रूट पर तनाव काफी बढ़ गया है.

अमेरिका ने ईरान के एविएशन सेक्टर को और अलग-थलग करने की कोशिश में 27 एयरलाइंस समेत ईरान की 36 संस्थाओं पर भी प्रतिबंध लगाए हैं.

तेल टैंकरों पर हमला

यह घटनाक्रम शनिवार को हुई जवाबी कार्रवाई के बाद हुआ है. अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान से जुड़े दो तेल टैंकरों को ‘हमेशा के लिए बेकार’ कर दिया. इनमें से एक ईरान के मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल, खार्ग द्वीप के पास था और ओमान की खाड़ी में तीसरे टैंकर को पूरी तरह नष्ट कर दिया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (Centcom) ने बताया कि ये टैंकर एक अरबों डॉलर के गुप्त नेटवर्क का हिस्सा थे, जो ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और उसके सहयोगी समूहों को फंड देता है.

नहीं हो पाया समझौता

एक महीने की शांति के बाद, हफ्ते भर पहले फिर से शुरू हुई लड़ाई के दौरान हमलों का यह दौर सबसे तेज रहा है. 60 दिनों का संघर्ष-विराम Ceasefire) पिछले महीने औपचारिक रूप से समाप्त हो गया, लेकिन कोई व्यापक कूटनीतिक समझौता नहीं हो पाया. 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजराइल के बड़े हमलों से शुरू हुए इस संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से सामान्य आवाजाही लगभग बंद हो गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं.

पश्चिम एशिया में युद्ध का दायरा बढ़ा

पश्चिम एशिया का संघर्ष अब खाड़ी (गल्फ) क्षेत्र में भी फैल रहा है. मंगलवार को यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी सऊदी अरब के चार शहरों पर हमले किए. इन हमलों में 70 से अधिक लोग घायल हुए और तेल से जुड़ी सुविधाओं में आग लग गई. अमेरिका के सहयोगी देश पर हुए इन हमलों में यह एक बड़ी तेजी है.

हूती विद्रोहियों का कब्जा

हूती विद्रोहियों का यमन के ज्यादातर आबादी वाले इलाकों पर कब्जा है, जिसमें राजधानी सना भी शामिल है. उन्होंने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के अंदर एक बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया. उनकी सेनाओं ने खमीस मुशेत में सऊदी एयरबेस और आभा, नज्रान और जाजान में सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाने के लिए ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया. नासा की सैटेलाइट तस्वीरों में जाजान रिफाइनरी के ऊपर घना काला धुआं दिखाई दिया.

सऊदी अधिकारियों ने टारगेट की गई जगहों पर आग लगने की पुष्टि की और बताया कि 73 लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. घायलों की संख्या से पता चलता है कि फरवरी में ईरान के खिलाफ़ अमेरिका-इजराइल की बड़ी लड़ाई शुरू होने के बाद से सऊदी अरब पर हुए हमलों में ये हमले सबसे गंभीर थे.

तेल की कीमतों में उछाल

यह तनाव तब बढ़ा जब अगस्त में एक महीने की शांति के बाद खाड़ी क्षेत्र में फिर से लड़ाई शुरू हो गई. ईरान और अमेरिका के बीच गोलीबारी हुई है, जिससे दुनिया भर में तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के उस स्तर की ओर बढ़ रही हैं, जो संघर्ष के चरम पर पहुंच गया था.

बुधवार की सुबह क्रूड ऑयल 94 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट की कीमत 99 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई.

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