Opening Bell: सेंसेक्स 100 अंक गिरा, निफ्टी 23250 के करीब; HDFC बैंक और TCS ने बाजार पर डाला सबसे अधिक दबाव

Opening Bell: US फ़ेडरल रिजर्व द्वारा 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरें बढ़ाने के बाद ग्लोबल इक्विटी में गिरावट आई, जिससे निफ्टी50 और सेंसेक्स एक सीमित दायरे में कारोबार करते हुए नजर आए.

शेयर बाजार. Image Credit: Tv9

Opening Bell: दुनिया भर से मिले-जुले संकेतों के बीच, गुरुवार 17 सितंबर को भारतीय इंडेक्स गिरावट के साथ खुले और निफ्टी 23200 के आसपास रहा. सेंसेक्स 96 अंक या 0.13 फीसदी गिरकर 74,240 पर खुला. शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 में मामूली गिरावट देखी गई और यह लगभग स्थिर रहा.

शुरुआती कारोबार के दौरान विदेशी फंड की निकासी और एशियाई बाजारों में सुस्त रुझान ने भी घरेलू इक्विटी में बढ़त को सीमित रखा.

टॉप गेनर्स और लूजर्स

निफ्टी पर बढ़त बनाने वाली प्रमुख कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और पावर ग्रिड कॉर्प शामिल थे, जबकि HCL टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, विप्रो, HDFC बैंक और TCS में गिरावट देखी गई.

सेक्टोरल इंडेक्स

सेक्टर के हिसाब से मिला-जुला रुझान रहा. निफ्टी IT में 0.3 फीसदी की गिरावट आई, जबकि PSU बैंक इंडेक्स में 0.36 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई.

रुपये में गिरावट

गुरुवार को शुरुआती कारोबार में ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों के कमजोर सेंटीमेंट के कारण रुपया 19 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर से नीचे चला गया. दो महीने से ज्यादा समय में ऐसा पहली बार हुआ है.

तेल की कीमतें

ब्रेंट क्रूड की कीमत हाल के उच्चतम स्तर से गिरकर लगभग 104.7 डॉलर प्रति बैरल पर आने से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने और आगे और सख्ती के संकेत से बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और तुरंत रिकवरी सीमित हो सकती है.

रिसर्च एनालिस्ट फर्म HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेलवन राधाकृष्णन ने कहा, ‘फेड ने अपनी पॉलिसी रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 3.75-4 प्रतिशत कर दिया है – जो तीन साल में पहली बढ़ोतरी है – और इस साल एक और बढ़ोतरी का अनुमान जताया है.’

उन्होंने कहा कि भारत के लिए, अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने से डॉलर मजबूत हो सकता है, रुपये पर दबाव पड़ सकता है और उभरते बाजारों में विदेशी निवेश के प्रवाह पर असर पड़ सकता है.

ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.12 प्रतिशत गिरकर 105.7 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.

NSE का आईपीओ

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का बहुप्रतीक्षित 22,569 करोड़ रुपये का IPO गुरुवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला.

ग्लोबल मार्केट

एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए.

एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को 2,032.61 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.

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