8th Pay Commission: 7 साल में 1.52 लाख रुपये तक पहुंच सकती है सैलरी! लेवल 6 एम्प्लॉइज पर पड़ेगा बड़ा असर

8th Pay Commission को लेकर सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज की सैलरी से जुड़ी बड़ी मांग सामने आई है. एम्प्लॉइ ऑर्गनाइजेशंस ने DA को बेसिक पे में मर्ज करने का सुझाव दिया है. कुछ ऑर्गनाइजेशंस ने 25% DA पर मर्जर की मांग की है, जबकि कुछ ने 50% थ्रेशोल्ड का प्रस्ताव रखा है.

8वां वेतन आयोग Image Credit: tv9 bharatvarsh

Highlights

  • 8th पे कमीशन के सामने DA को बेसिक पे में मर्ज करने की मांग, 25% और 50% DA थ्रेशोल्ड के सुझाव.
  • 2.1 के फिटमेंट फैक्टर और 7% एनुअल इन्क्रीमेंट के आधार पर लेवल 6 की बेसिक पे 2033 तक 1,19,374 रुपये पहुंचने का अनुमान.
  • DA मर्जर के कैलकुलेशन के मुताबिक लेवल 6 एम्प्लॉइ की ग्रॉस सैलरी 1,52,798 रुपये तक पहुंच सकती है, हालांकि यह अभी अनुमान है.

8th Pay Commission को लेकर सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज के बीच कई तरह की मांगें सामने आ रही हैं. इनमें डियरनेस अलाउंस यानी DA को बेसिक पे में मर्ज करने की मांग भी शामिल है. कई एम्प्लॉइ ऑर्गनाइजेशंस ने सुझाव दिया है कि जब DA एक तय सीमा तक पहुंच जाए, तो उसे बेसिक पे में जोड़ दिया जाए. इससे कर्मचारियों का सैलरी बेस बढ़ सकता है और आगे मिलने वाले इन्क्रीमेंट पर भी इसका असर पड़ सकता है.

मौजूदा व्यवस्था में DA को साल में दो बार रिवाइज किया जाता है, लेकिन इसे बेसिक सैलरी में जोड़ा नहीं जाता. एम्प्लॉइ बॉडीज का तर्क है कि DA को बेसिक पे में मर्ज करने से खास तौर पर लोअर-लेवल एम्प्लॉइज की सैलरी में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है, जिन पर बड़े शहरों में बढ़ती लिविंग कॉस्ट का असर पड़ता है.

25% DA पर मर्जर की मांग

8th Pay Commission के सामने अलग-अलग एम्प्लॉइ ऑर्गनाइजेशंस ने DA मर्जर को लेकर अलग-अलग सुझाव दिए हैं. NC-JCM और AIDEF ने एनुअल इन्क्रीमेंट 6% रखने का सुझाव दिया है, जबकि AINPSEF और PSNM ने 7% एनुअल इन्क्रीमेंट का प्रस्ताव रखा है.

AINPSEF और NFPE ने DA के 25% तक पहुंचने पर उसे बेसिक पे में मर्ज करने का सुझाव दिया है. वहीं IRTSA और PSNM ने 50% DA थ्रेशोल्ड की भी मांग की है. हालांकि, ये सभी एम्प्लॉइ ऑर्गनाइजेशंस की ओर से 8th Pay Commission को दिए गए रिकमेंडेशंस हैं. इन्हें अभी अप्रूव्ड चेंजेज नहीं माना जा सकता.

फिटमेंट फैक्टर से ऐसे बढ़ सकती है बेसिक पे

DA मर्जर का असर समझने के लिए सैलरी कैलकुलेशन को एक उदाहरण से समझा जा सकता है. इसमें पहले फिटमेंट फैक्टर के आधार पर रिवाइज्ड बेसिक पे तय की जाती है. इसके बाद हर साल बेसिक पे में इन्क्रीमेंट होता है, जबकि DA अलग से बढ़ता रहता है.

जब DA प्रस्तावित मर्जर थ्रेशोल्ड तक पहुंचता है, तो इसे बेसिक पे में जोड़ा जा सकता है. इससे कर्मचारी की बेसिक सैलरी का बेस बढ़ सकता है और आगे की सैलरी कैलकुलेशन भी ऊंची हो सकती है.

लेवल 1 एम्प्लॉइ की सैलरी का उदाहरण

मान लीजिए लेवल 1 एम्प्लॉइ की मौजूदा बेसिक पे 18,000 रुपये है. अगर 2.1 का अस्यूम्ड फिटमेंट फैक्टर लगाया जाए, तो रिवाइज्ड बेसिक पे 37,800 रुपये हो सकती है.

अगर बेसिक पे में हर साल 7% इन्क्रीमेंट हो और DA औसतन 4% सालाना बढ़े, तो जनवरी 2033 तक बेसिक पे करीब 60,699 रुपये पहुंच सकती है. इस कैलकुलेशन में उस समय DA 28% माना गया है. इसके आधार पर DA की राशि करीब 16,995 रुपये होगी और DA मर्जर के बाद ग्रॉस सैलरी करीब 77,694 रुपये तक पहुंच सकती है.

लेवल 6 एम्प्लॉइ की सैलरी का कैलकुलेशन

लेवल 6 एम्प्लॉइ के मामले में 7th Pay Commission के तहत बेसिक पे 35,400 रुपये मानी गई है. 2.1 के अस्यूम्ड फिटमेंट फैक्टर के आधार पर रिवाइज्ड बेसिक पे करीब 74,340 रुपये हो सकती है.

इसके बाद अगर बेसिक पे में हर साल 7% इन्क्रीमेंट और DA में औसतन 4% सालाना बढ़ोतरी मानी जाए, तो जनवरी 2033 तक बेसिक पे करीब 1,19,374 रुपये पहुंच सकती है. इस कैलकुलेशन में DA 28% माना गया है, जिसकी राशि करीब 33,425 रुपये बनती है. इस तरह ग्रॉस सैलरी करीब 1,52,798 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.

अभी फाइनल फैसला नहीं

यहां सबसे जरूरी बात यह है कि DA मर्जर को लेकर 25% या 50% की थ्रेशोल्ड और इन्क्रीमेंट की 6% या 7% दर अभी फाइनल गवर्नमेंट डिसीजन नहीं हैं. ये एम्प्लॉइ ऑर्गनाइजेशंस की ओर से 8th Pay Commission को दिए गए रिकमेंडेशंस हैं.

इसी तरह 1.52 लाख रुपये तक ग्रॉस सैलरी पहुंचने का कैलकुलेशन भी अस्यूम्ड फिटमेंट फैक्टर, एनुअल इन्क्रीमेंट और DA ग्रोथ पर आधारित है. वास्तविक सैलरी में बदलाव फाइनल फिटमेंट फैक्टर, DA रेट और 8th Pay Commission की रिकमेंडेशंस के बाद गवर्नमेंट के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा.

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