Opening Bell: सेंसेक्स 200 अंक चढ़ा, निफ्टी 23300 के पार; टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल, इंडिगो-इटरनल में तेजी
Opening Bell: तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी खत्म होने और एशियाई बाजारों में तेजी के चलते निफ्टी50 और सेंसेक्स में उछाल आया. एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 इंडेक्स, शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे.

Opening Bell: शुक्रवार 18 सितंबर को शेयर ने बढ़त के साथ शुरुआत की और दोनों ही इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में खुले. BSE सेंसेक्स 241.50 अंक या 0.32 फीसदी बढ़कर 74,556.09 पर खुला. निफ्टी 50 इंडेक्स 46.65 अंक या 0.20 फीसदी बढ़कर 23,317 पर ट्रेड कर रहा था.
टॉप गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से Eternal, L&T, IndiGo, Airtel और Adani Ports सबसे ज्यादा बढ़त वाली कंपनियां रहीं. TCS, Tech Mahindra और HCL Tech के शेयरों में 3 फीसदी तक की गिरावट आई.
सेक्टोरल इंडेक्स
सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1.4 फीसदी की बढ़त हुई और यह सबसे ज्यादा बढ़त वाला इंडेक्स रहा.
एशियाई और क्रूड रेट
ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.93 फीसदी गिरकर 103.8 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 इंडेक्स, शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. गुरुवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे.
ग्लोबल संकेत
ग्लोबल संकेत अब ज्याजा सपोर्टिव हो गए हैं. पिछले सेशन में फेड की वजह से हुई बिकवाली के बाद वॉल स्ट्रीट में जबरदस्त रिकवरी देखी गई. बॉन्ड यील्ड में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिली राहत के चलते S&P 500 में 1.1% और नैस्डैक में 1.7% की तेजी आई, जिसमें चिपमेकर्स की अहम भूमिका रही.
एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालविया ने कहा, ‘हालांकि, फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और आगे और सख्ती की संभावना के कारण ग्लोबल सेंटीमेंट अभी भी सतर्क बना हुआ है.’
शुरुआती कारोबार में टाटा ग्रुप के ज्यादातर स्टॉक्स गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे, जिसमें TCS भी शामिल था. पिछले सेशन में बढ़त के बाद इसमें 3% की गिरावट आई.
टाटा के बोर्ड रूम में विवाद
साइरस मिस्त्री को हटाए जाने के बाद से टाटा संस अपने सबसे गंभीर बोर्डरूम संकट में घिर गया है. डायरेक्टर्स ने एन चंद्रशेखरन को अगले पांच साल के कार्यकाल के लिए एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर फिर से नियुक्त करने के पक्ष में वोट किया, जिसके बाद टाटा ट्रस्ट्स ने इस प्रस्ताव को अमान्य घोषित कर दिया और ग्रुप के भविष्य को लेकर एक बड़ी लड़ाई फिर से शुरू हो गई.
एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 3,208.76 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.