मूडीज ने FY27 में भारत की ग्रोथ का अनुमान 6% से बढ़ाकर 7% किया, घरेलू इकोनॉमिक एक्टिविटी मजबूत
मूडीज के आउटलुक में यह बदलाव उम्मीद से ज्यादा मजबूत घरेलू इकोनॉमिक एक्टिविटी के बैकग्राउंड में आया है. भारत की रियल GDP 2025-26 में 7.7% बढ़ी, जो एक साल पहले 7.1% थी, जबकि जनवरी-मार्च तिमाही में ग्रोथ 7.8% रही.
Highlights
- IMF और S&P ग्लोबल के अनुमानों से कहीं ज्यादा.
- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के जून के 6.6% के अनुमान से भी अधिक है.
- उम्मीद से ज्यादा मजबूत घरेलू इकोनॉमिक एक्टिविटी.
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6 फीसदी से बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया है. उसका यह ताजा अनुमान, इस साल की शुरुआत में इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड और S&P ग्लोबल द्वारा जारी किए गए अधिक सतर्क अनुमानों से कहीं ज्यादा है.
IMF और RBI के अनुमान से अधिक
यह अपग्रेड ऐसे समय में आया है जब कई बड़े संस्थानों ने वेस्ट एशिया में चल रहे टकराव, ऊर्जा की बढ़ती कीमतों, ग्लोबल ट्रेड में अनिश्चितता और दूसरे बाहरी दबावों का हवाला देते हुए FY27 में भारत की ग्रोथ के बारे में अपनी उम्मीदें कम कर दी थीं. जुलाई में IMF ने FY27 के लिए 6.4% ग्रोथ का अनुमान लगाया था, जबकि जून में S&P ग्लोबल ने 6.6% का अनुमान जताया था.
मूडीज का लेटेस्ट प्रोजेक्शन, FY27 के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के जून के 6.6% के अनुमान से भी अधिक है.
मजबूत घरेलू इकोनॉमिक एक्टिविटी
मूडीज के आउटलुक में यह बदलाव उम्मीद से ज्यादा मजबूत घरेलू इकोनॉमिक एक्टिविटी के बैकग्राउंड में आया है. भारत की रियल GDP 2025-26 में 7.7% बढ़ी, जो एक साल पहले 7.1% थी, जबकि जनवरी-मार्च तिमाही में ग्रोथ 7.8% रही.
मूडीज ने कहा, ‘पश्चिम एशिया में संघर्ष की वजह से ग्लोबल स्तर पर आए झटकों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है. इसी वजह से हमने वित्त वर्ष 2026-27 (मार्च 2027 में खत्म होने वाला साल) के लिए रियल GDP ग्रोथ का अनुमान 6.0% से बढ़ाकर 7.0% कर दिया है.’
इस नए अनुमान के साथ मूडीज का अनुमान इस साल की शुरुआत में दूसरी बड़ी संस्थाओं द्वारा जारी किए गए अनुमानों से काफी ज्यादा है.
वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने जुलाई में अपने ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक’ अपडेट में FY27 के लिए 6.4% ग्रोथ का अनुमान लगाया था, जबकि S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने जून में 6.6% ग्रोथ का अनुमान लगाया था.
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी जून में FY27 के लिए अपने ग्रोथ अनुमान को 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया था.
मजबूत खपत और निवेश से रेटिंग में सुधार
मूडीज का आकलन बताता है कि बेहतर आउटलुक की मुख्य वजह घरेलू मांग है. प्राइवेट खपत में तेजी आई है, जबकि सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार खर्च की वजह से ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन भी मजबूत बना हुआ है.
एजेंसी को प्राइवेट सेक्टर के निवेश में भी तेजी आने की उम्मीद है, जिससे ग्रोथ को और बढ़ावा मिल सकता है. सर्विस सेक्टर की गतिविधियां भी मजबूत बनी हुई हैं, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक और मज़बूत आधार का काम कर रही हैं.
इस कॉम्बिनेशन ने भारत को पश्चिम एशिया के टकराव के असर को झेलने में मदद की है. इस टकराव की वजह से इस साल की शुरुआत में एनर्जी की कीमतों, व्यापार और बाहरी बैलेंस को लेकर चिंताएं पैदा हो गई थीं.
मूडीज ने कहा कि भारत की रेटिंग उसकी बड़ी और डायवर्सिफाइड अर्थव्यवस्था (जिसमें तेजी से बढ़ने की क्षमता है), मजबूत बाहरी स्थिति और सरकार के स्थिर घरेलू फाइनेंसिंग बेस’ को सरकार के ऊंचे कर्ज, कर्ज चुकाने की कम क्षमता और कम प्रति व्यक्ति आय के मुकाबले संतुलित करती है.
महंगाई और एनर्जी से जुड़े जोखिम
मूडीज के ग्रोथ के बेहतर अनुमान का मतलब यह नहीं है कि जोखिम खत्म हो गए हैं. एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगर पश्चिम एशिया में चल रहे टकराव का कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता है, तो एनर्जी की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं और महंगाई FY27 के लिए अनुमानित 4.8% के स्तर से ऊपर जा सकती है. यह FY26 में दर्ज 2.4% की महंगाई दर के मुकाबले काफी अधि होगी.
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