पाकिस्तान में हड़कंप! नई गाड़ी खरीदने पर रोक, 9 बजे के बाद बाजार बंद; शादियों में एक ही खाना बनाने का आदेश
पाकिस्तान में गहराते ईंधन संकट के बीच सरकार ने खर्च और फ्यूल कंजम्प्शन कम करने के लिए कई कड़े ऑस्टेरिटी मेजर्स लागू किए हैं. नई गाड़ियों की खरीद पर रोक, सरकारी वाहनों के फ्यूल अलोकेशन में 50% कटौती और सरकारी खर्च में हर महीने 5% कमी का फैसला लिया गया है. इसके अलावा फेडरल गवर्नमेंट एंप्लॉयी और अधिकारियों के फॉरेन ट्रैवल पर तीन महीने की रोक लगाई गई है.
Highlights
- पाकिस्तान में सरकारी वाहनों की नई खरीद पर पूरी तरह रोक.
- फ्यूल अलोकेशन में 50% की कटौती हुई है.
- अधिकारियों के फॉरेन ट्रैवल पर 3 महीने का बैन लगा है.
Pakistan Fuel Crisis: पाकिस्तान में गहराते ईंधन संकट के बीच सरकार ने खर्च और फ्यूल कंजम्प्शन को नियंत्रित करने के लिए कई कड़े कदम लागू किए हैं. सरकार की ओर से जारी नए आदेशों में सरकारी वाहनों की खरीद पर पूरी तरह रोक लगाने, सरकारी गाड़ियों के फ्यूल अलोकेशन में 50% की कटौती करने, शादियों में केवल एक डिश परोसने और कई बाजारों को रात 9 बजे तक बंद करने जैसे फैसले शामिल हैं. इन प्रतिबंधों का दायरा सरकारी खर्च से आगे बढ़कर व्यापारिक गतिविधियों और सामाजिक आयोजनों तक पहुंच गया है. पाकिस्तान सरकार का यह कदम मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और रेड सी में सप्लाई डिसरप्शन के बीच उठाया गया है. सरकार का उद्देश्य फ्यूल कंजम्प्शन को कम करने के साथ-साथ नॉन-एसेंशियल एक्सपेंडिचर पर नियंत्रण करना है.
सरकारी वाहनों की खरीद पर पूरी तरह रोक
नई ऑस्टेरिटी पॉलिसी के तहत पाकिस्तान सरकार ने सभी तरह के नए वाहनों की खरीद पर पूरी तरह रोक लगा दी है. इसके अलावा ड्यूरेबल गुड्स की प्रोक्योरमेंट पर भी रोक लगाई गई है. हालांकि, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से जुड़ी खरीद और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है. सरकार का मकसद सरकारी खर्च को कम करना और उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल जरूरी क्षेत्रों में करना है.
इसके साथ ही सरकारी वाहनों के लिए फ्यूल अलोकेशन में 50% की कटौती की गई है. यह कटौती तीन महीने तक लागू रहेगी. हालांकि, आर्म्ड फोर्सेज, सिविल आर्म्ड फोर्सेज, लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों, एसेंशियल सर्विसेज और फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के ऑपरेशनल व्हीकल्स को इससे छूट दी गई है. इन संस्थानों के एडमिनिस्ट्रेटिव और नॉन-ऑपरेशनल व्हीकल्स पर फ्यूल कट लागू होगा.
सरकारी खर्च में हर महीने 5% कटौती
पाकिस्तान सरकार ने चालू फाइनेंशियल ईयर के दौरान नॉन-एंप्लॉयी-रिलेटेड एक्सपेंडिचर यानी नॉन-ईआरई खर्च में हर महीने 5% की कटौती करने का भी फैसला किया है. यह नियम पाकिस्तान के फॉरेन मिशन्स और विदेशों में तैनात अधिकारियों से जुड़े खर्च पर भी लागू होगा. हालांकि, रेंट, एजुकेशनल फीस और मेडिकल केयर जैसे खर्चों को इस कटौती से बाहर रखा गया है. डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर भी यह कटौती लागू नहीं होगी.
तीन महीने का फॉरेन ट्रैवल बैन
नई पॉलिसी के तहत फेडरल गवर्नमेंट एंप्लॉयी और कई वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधियों के फॉरेन ट्रैवल पर तीन महीने के लिए रोक लगाई गई है. इसमें मिनिस्टर्स, एडवाइजर्स, मिनिस्टर्स ऑफ स्टेट, स्पेशल असिस्टेंट्स टू द प्राइम मिनिस्टर, पार्लियामेंटेरियन्स और गवर्नमेंट ऑफिशियल्स शामिल हैं.
हालांकि, इंटरनेशनल डेवलपमेंट पार्टनर्स की स्कॉलरशिप और कुछ जरूरी ट्रेनिंग या कोर्सेज को छूट दी गई है. अगर किसी मामले में फॉरेन ट्रैवल को टालना संभव नहीं है, तो सरकारी प्रतिनिधियों को इकोनॉमी क्लास में यात्रा करने का निर्देश दिया गया है. कुछ जरूरी मामलों में संबंधित एंबेसडर या हाई कमिश्नर पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं.
बाजार और रेस्टोरेंट्स के लिए भी तय हुआ समय
ऑस्टेरिटी मेजर्स का असर अब बिजनेस आवर्स पर भी दिखाई देगा. शॉप्स, मार्केट्स, शॉपिंग मॉल्स, बाजार, डिपार्टमेंटल स्टोर्स और ग्रॉसरी स्टोर्स को रात 9 बजे तक बंद करना होगा. वेडिंग हॉल्स और मार्कीज में आयोजित कार्यक्रमों को रात 10 बजे तक समाप्त करना होगा, जबकि रेस्टोरेंट्स, कैफे, ईटरीज और फूड आउटलेट्स के लिए रात 11 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है. हालांकि, टेकअवे और होम डिलीवरी सर्विसेज को इस समय सीमा से छूट दी गई है.
शादियों में वन डिश रूल
पाकिस्तान सरकार ने मैरिज फंक्शन्स और अन्य वेडिंग इवेंट्स में केवल एक डिश परोसने का निर्देश भी दिया है. यह फैसला सोशल इवेंट्स में होने वाले गैर-जरूरी खर्च को कम करने और संसाधनों की बचत के उद्देश्य से लिया गया है. वहीं, फार्मेसीज, हॉस्पिटल्स, क्लीनिक्स, मेडिकल लेबोरेटरीज, फ्यूल और सीएनजी स्टेशन्स, ईवी चार्जिंग स्टेशन्स, जिम्स, स्पोर्ट्स फैसिलिटीज, आईटी कंपनियों और कॉल सेंटर्स जैसी एसेंशियल सर्विसेज को तय समय सीमा से बाहर रखा गया है.
पहले भी लागू हो चुके हैं ऐसे प्रतिबंध
पाकिस्तान में इस तरह के ऑस्टेरिटी मेजर्स पहले भी लागू किए जा चुके हैं. मार्च में मिडिल ईस्ट कॉन्फ्लिक्ट और एनर्जी सप्लाई को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच सरकार ने कई कदम उठाए थे. उस दौरान स्कूल्स को दो सप्ताह के लिए बंद करने, सरकारी अधिकारियों के फ्यूल यूज में कटौती करने और ऑफिस वर्कर्स को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति देने जैसे फैसले लिए गए थे.
बाद में इनमें से कुछ प्रतिबंध हटा दिए गए, जबकि मार्केट टाइमिंग्स से जुड़े कुछ प्रतिबंध जारी रहे. ताजा ऑस्टेरिटी मेजर्स में सरकार ने फ्यूल कंजर्वेशन और खर्च में कटौती के दायरे को और व्यापक किया है. अब इसका असर सरकारी वाहनों और अधिकारियों के खर्च के साथ-साथ मार्केट्स, रेस्टोरेंट्स और मैरिज फंक्शन्स पर भी दिखाई देगा.
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