इस फार्मा कंपनी ने बनाया बड़ा प्लान, 500 करोड़ रुपये एक्सपेंशन पर करेगी खर्च; रडार पर रखें शेयर

IOL Chemicals and Pharmaceuticals करीब 500 करोड़ रुपये के कैपेक्स प्लान के जरिए अपनी ग्रोथ को बढ़ाने की तैयारी कर रही है. कंपनी आइबुप्रोफेन कैपेसिटी में 6,000 MTPA का इजाफा करेगी, जिससे कुल कैपेसिटी 18,000 MTPA हो जाएगी. इसके साथ ही कंपनी फॉर्म्युलेशंस CDMO और स्पेशलिटी केमिकल्स बिजनेस में भी एक्सपेंशन कर रही है.

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IOL Chemicals and Pharmaceuticals: फार्मास्युटिकल्स और केमिकल्स सेक्टर की कंपनी IOL Chemicals and Pharmaceuticals ने ग्रोथ को बढ़ाने के लिए करीब 500 करोड़ रुपये के नए कैपेक्स प्लान की घोषणा की है. कंपनी के मुताबिक इस इन्वेस्टमेंट को इंटरनल एक्रुअल्स के जरिए फंड किया जाएगा. नए प्रोजेक्ट्स के पूरी तरह ऑपरेशनल होने और बेहतर यूटिलाइजेशन तक पहुंचने के बाद FY29 तक कंपनी के रेवेन्यू में करीब 25% से 30% की बढ़ोतरी हो सकती है. कंपनी के इन्वेस्टमेंट प्लान में आइबुप्रोफेन कैपेसिटी एक्सपेंशन, फॉर्म्युलेशंस CDMO फैसिलिटी और स्पेशलिटी केमिकल्स फैसिलिटी शामिल हैं. कुल इन्वेस्टमेंट रिक्वायरमेंट का करीब 30%, यानी लगभग 150 करोड़ रुपये पहले ही खर्च किए जा चुके हैं.

आइबुप्रोफेन कैपेसिटी में 6,000 MTPA का इजाफा

इन्वेस्टमेंट प्लान का सबसे बड़ा हिस्सा आइबुप्रोफेन कैपेसिटी एक्सपेंशन पर खर्च होगा. कंपनी करीब 350 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट से आइबुप्रोफेन कैपेसिटी में 6,000 मेट्रिक टन्स पर एनम यानी MTPA का इजाफा करेगी. इसके बाद कुल कैपेसिटी 12,000 MTPA से बढ़कर 18,000 MTPA हो जाएगी. यानी आइबुप्रोफेन मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी में करीब 50% की बढ़ोतरी होगी.

कंपनी की मौजूदा आइबुप्रोफेन फैसिलिटीज 90% से 95% यूटिलाइजेशन पर काम कर रही हैं. नई फुली बैकवर्ड-इंटीग्रेटेड फैसिलिटी के दिसंबर 2027 तक कमिशन होने की उम्मीद है. मैनेजमेंट के अनुसार FY28 में यह फैसिलिटी करीब 25% यूटिलाइजेशन के साथ शुरू हो सकती है और FY28-29 के दौरान 80% से अधिक यूटिलाइजेशन तक पहुंच सकती है.

कंपनी ने पीक यूटिलाइजेशन पर इस फैसिलिटी से इन्वेस्टमेंट के करीब 1.75 गुना के बराबर रेवेन्यू पोटेंशियल की बात कही है. हालांकि, वास्तविक रियलाइजेशन कस्टमर मिक्स, जियोग्राफी, कॉन्ट्रैक्ट्स और मार्केट कंडीशंस पर निर्भर करेगा.

फॉर्म्युलेशंस CDMO में एंट्री

IOL Chemicals and Pharmaceuticals फॉर्म्युलेशंस CDMO यानी कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग में भी एंट्री कर रही है. इसके लिए कंपनी ने EU GMP-सर्टिफाइड फैसिलिटी तैयार की है, जिसकी प्रोडक्शन कैपेसिटी करीब 1,500 मिलियन टैबलेट्स प्रति वर्ष है.

कमर्शियलाइजेशन FY27 की तीसरी तिमाही में शुरू होने की उम्मीद है, जबकि अगले फाइनेंशियल ईयर में फुल ऑपरेशनलाइजेशन का टारगेट है. यह फैसिलिटी मुख्य रूप से यूरोप के मौजूदा कस्टमर्स के लिए तैयार की गई है. कंपनी शुरुआत में मौजूदा कस्टमर्स और प्रोडक्ट्स के साथ काम करेगी.

CDMO कॉन्ट्रैक्ट्स सामान्य तौर पर तीन से पांच साल के हो सकते हैं और इनमें एस्केलेशन प्रोविजन्स शामिल होंगे. करीब 90% यूटिलाइजेशन पर CDMO एसेट टर्न लगभग 1 से 1.25 गुना रहने की उम्मीद है. मैनेजमेंट के मुताबिक CDMO मार्जिन्स, API मार्जिन्स से अधिक रह सकते हैं.

स्पेशलिटी केमिकल्स में भी एक्सपेंशन

कंपनी एक नए स्पेशलिटी केमिकल्स प्रोडक्ट के लिए डेडिकेटेड फैसिलिटी भी स्थापित कर रही है. यह फैसिलिटी एक प्रमुख ग्लोबल केमिकल कंपनी के साथ लॉन्ग-टर्म टोलिंग अरेंजमेंट के तहत ऑपरेट होगी. इससे प्रोजेक्ट को डिमांड विजिबिलिटी मिलने की उम्मीद है.

यह 500 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट प्लान कंपनी के पहले घोषित 1,200-1,400 करोड़ रुपये के ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट से अलग है. कंपनी के मुताबिक उस प्रोजेक्ट के ज्यादातर अप्रूवल्स मिल चुके हैं और शुरुआती ग्राउंडवर्क शुरू हो चुका है.

मजबूत क्वार्टरली परफॉर्मेंस

एक्सपेंशन प्लान ऐसे समय में आया है, जब कंपनी के हालिया क्वार्टर में मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस देखने को मिली है. नेट सेल्स सालाना आधार पर 37.08% बढ़कर 756.26 करोड़ रुपये रही. प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 89.8% बढ़कर 64.40 करोड़ रुपये हो गया. अगर शेयर की बात करें तो गुरुवार को कंपनी का शेयर 1.50 फीसदी बढ़कर 197 रुपये पर पहुंच गया.

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