Pinaka Rocket का बढ़ता दबदबा! इन 2 डिफेंस स्टॉक को मिल सकता है बड़ा फायदा; रखें नजर

पिनाका रॉकेट प्रोग्राम के बढ़ते विस्तार से भारत के डिफेंस सेक्टर में नई संभावनाएं बन रही हैं. सोलर इंडस्ट्रीज और अपोलो माइक्रो सिस्टम्स इस प्रोग्राम से जुड़ी 2 अहम डिफेंस कंपनियां हैं. सोलर इंडस्ट्रीज को पिनाका से जुड़े 6,084 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट का फायदा मिल रहा है, जबकि अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के लिए 2,000 पिनाका रॉकेट्स से करीब 1,700 करोड़ रुपये की संभावित कंपोनेंट अपॉर्च्युनिटी बन रही है.

डिफेंस स्टॉक Image Credit: Canva/Money9live

Defence Stocks: भारत का डिफेंस सेक्टर तेजी से बदल रहा है. अब फोकस सिर्फ विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में ही आधुनिक हथियारों और डिफेंस सिस्टम की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट पर भी है. इसी बदलाव का फायदा देश की कई डिफेंस कंपनियों को मिल रहा है. पिनाका रॉकेट सिस्टम भी इस बदलाव का एक अहम हिस्सा बनकर उभरा है. पिनाका की बढ़ती डिमांड, नए गाइडेड और लॉन्ग-रेंज वेरिएंट तथा एक्सपोर्ट संभावनाओं के बीच 2 लिस्टेड डिफेंस कंपनियां खास तौर पर चर्चा में हैं.

तेजी से बढ़ रहा भारत का डिफेंस सेक्टर

भारत में डिफेंस प्रोडक्शन FY26 में बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 1.54 लाख करोड़ रुपये था. यानी इसमें 15.6% की बढ़ोतरी हुई. इसी अवधि में डिफेंस एक्सपोर्ट 62.7% बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये हो गया. प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी भी बढ़कर कुल डिफेंस प्रोडक्शन की 24% हो गई है.

पिनाका क्यों है इतना महत्वपूर्ण

DRDO द्वारा विकसित Pinaka Multi Barrel Rocket Launcher अब सिर्फ एक स्वदेशी आर्टिलरी सिस्टम नहीं रह गया है. इसका लगातार विकसित हो रहा है और इसमें लॉन्ग-रेंज तथा गाइडेड रॉकेट भी शामिल किए जा रहे हैं. 8 जुलाई 2026 को DRDO ने Pinaka Long Range Guided Rocket का 60 किलोमीटर रेंज वाला सफल परीक्षण किया. खास बात यह रही कि नए रॉकेट का इस्तेमाल मौजूदा Pinaka Launcher से किया जा सकता है. इससे अलग-अलग रॉकेट वेरिएंट के लिए एक ही प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल संभव होता है.

इससे पहले दिसंबर 2025 में 120 किलोमीटर रेंज वाले Pinaka Long Range Guided Rocket का भी सफल परीक्षण हुआ था. पिनाका की कहानी सिर्फ भारतीय सेना की जरूरत तक सीमित नहीं है. भारत ने इसके सिस्टम का एक्सपोर्ट भी शुरू कर दिया है और आर्मेनिया एक महत्वपूर्ण विदेशी ग्राहक बनकर सामने आया है. ऐसे में घरेलू ऑर्डर के साथ एक्सपोर्ट मार्केट भी इस पूरे इकोसिस्टम के लिए बड़ा अवसर बन सकता है.

Solar Industries: पिनाका की रॉकेट पावरहाउस

Solar Industries ने इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स बनाने वाली कंपनी से आगे बढ़कर डिफेंस सेक्टर में अपनी मजबूत जगह बनाई है. कंपनी के लिए डिफेंस बिजनेस अब सबसे ज्यादा मार्जिन वाला और तेजी से बढ़ने वाला कारोबार बन गया है. Q1FY27 में कंपनी के रेवेन्यू में डिफेंस बिजनेस की हिस्सेदारी बढ़कर 26% हो गई, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 19% थी.

Q1FY27 में Solar Industries का डिफेंस रेवेन्यू 123% बढ़कर 933 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी का कुल रेवेन्यू 70.3% बढ़कर 3,668 करोड़ रुपये रहा. इसी दौरान EBITDA 82% बढ़कर 1,024 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 89% बढ़कर 666 करोड़ रुपये पहुंच गया. EBITDA मार्जिन 27.9% रहा.

पिनाका में Solar Industries की भूमिका

Solar Industries पिनाका के एडवांस्ड वेरिएंट्स के डेवलपमेंट, इंटीग्रेशन और मैन्युफैक्चरिंग में सक्रिय है. कंपनी ने Pinaka Enhanced Range System, Guided Extended Range, प्रोपेलेंट्स और इंटीग्रेशन से जुड़े काम किए हैं.

कंपनी ने Pinaka Enhanced Range System के रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर करीब 8 साल काम किया और ऑपरेशनल वैलिडेशन के लिए लगभग 100 रॉकेट का परीक्षण किया. इसके बाद Solar Industries पहली भारतीय कंपनी बनी, जिसने Pinaka Multiple Rocket Launcher System का सफल टेस्ट-फायर किया.

Apollo Micro Systems: पिनाका की इलेक्ट्रॉनिक्स शक्ति

दूसरी कंपनी Apollo Micro Systems है. यह कंपनी डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, वेपन इंटीग्रेशन और डिफेंस एक्सप्लोसिव्स जैसे क्षेत्रों में काम करती है. कंपनी के पास काउंटर-ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम्स के साथ कई डिफेंस टेक्नोलॉजीज मौजूद हैं.

Q1FY27 में Apollo Micro Systems का रेवेन्यू 88.1% बढ़कर 251.3 करोड़ रुपये हो गया. EBITDA 31.3% बढ़कर 53.7 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 42.6% बढ़कर 25.2 करोड़ रुपये रहा. हालांकि, EBITDA मार्जिन 920 बेसिस पॉइंट्स घटकर 21.4% हो गया. इसका एक कारण हाल में खरीदे गए Ideal Explosives के लो-मार्जिन बिजनेस का कंसोलिडेशन रहा.

2,000 पिनाका रॉकेट से 1,700 करोड़ रुपये का संभावित अवसर

Apollo Micro Systems के लिए पिनाका प्रोग्राम खास महत्व रखता है. कंपनी Standard Artillery Rocket और Guided Pinaka दोनों के क्रिटिकल ऑनबोर्ड इलेक्ट्रॉनिक्स और सबसिस्टम्स को डिजाइन, डेवलप और मैन्युफैक्चर करती है.

फाइल में दिए आंकड़ों के मुताबिक, इंडियन आर्मी ने 2,000 यूनिट वाले Pinaka Rocket Program पर नेगोशिएशंस पूरी कर ली हैं. इस आधार पर कंपनी के लिए संभावित कंपोनेंट अपॉर्च्युनिटी करीब 1,700 करोड़ रुपये बैठती है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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