₹70,000 करोड़ की सबमरीन डील, इन 3 डिफेंस स्टॉक की बदल सकती है तस्वीर; 5 साल में 1800% फीसदी तक रिटर्न
भारत सरकार की करीब ₹70,000 करोड़ की Project-75(I) सबमरीन परियोजना भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने के साथ घरेलू रक्षा उद्योग के लिए भी बड़ा अवसर बन सकती ह. इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत छह अत्याधुनिक AIP तकनीक वाली पनडुब्बियां बनाई जाएंगी. इससे डिफेंस कंपनियों की ऑर्डर बुक और लंबी अवधि की ग्रोथ को मजबूती मिल सकती है.

Defence Stocks: भारत अपनी समुद्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है. सरकार करीब 70,000 करोड़ रुपये की लागत वाले Project-75(I) के तहत छह एडवांस Air Independent Propulsion (AIP) टेक्निक से लैस डीजल-इलेक्ट्रिक सबमरीन खरीदने की तैयारी कर रही है. यह प्रोजेक्ट भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने के साथ-साथ मेड इन इंडिया को भी नई रफ्तार दे सकती है. अगर इस मेगा प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो इससे कई घरेलू रक्षा कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है. ऐसे में निवेशकों की नजर खास तौर पर तीन डिफेंस शेयरों पर बनी हुई है.
क्या है Project-75(I)?
Project-75(I) भारतीय नौसेना के मॉर्डनाइजेशन का अहम हिस्सा है. इसके तहत नई पीढ़ी की छह स्टील्थ सबमरीन बनाई जाएंगी, जिनमें Air Independent Propulsion (AIP) टेक्निक होगी. यह टेक्निक सबमरीन को लंबे समय तक बिना सतह पर आए समुद्र के भीतर रहने में सक्षम बनाती है, जिससे उनकी ऑपरेशनल क्षमता और मारक शक्ति बढ़ जाती है.
Mazagon Dock Shipbuilders Ltd
इस मेगा प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा संभावित लाभार्थी Mazagon Dock Shipbuilders को माना जा रहा है. कंपनी पहले ही Project-75 के तहत भारतीय नौसेना के लिए सभी छह Kalvari-Class (Scorpène) सबमरीन तैयार कर चुकी है.
कंपनी ने Project-75(I) के लिए जर्मनी की ThyssenKrupp Marine Systems (TKMS) के साथ पार्टनरशिप की है. यदि यह कॉन्ट्रैक्ट मिलता है, तो कंपनी की ऑर्डर बुक में बड़ा इजाफा हो सकता है और अगले कई वर्षों तक मजबूत बिजनेस विजिबिलिटी मिल सकती है.
Mazagon Dock युद्धपोत, फ्रिगेट और सबमरीन बनाने अपनी मजबूत क्षमता पहले ही साबित कर चुकी है. वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 34% बढ़कर 674 करोड़ रुपये पहुंच गया.
कंपनी के शेयर गुरुवार को 0.82% की गिरावट के साथ 2472 रुपये पर बंद हुए. कंपनी का मार्केट कैप 99758 करोड़ रुपये है. वहीं, इसका ROE 26.48% और P/E रेशियो 10.23 है. कंपनी ने पिछले पांच वर्षों में अपने निवेशकों को 1846% का रिटर्न दिया है.
Larsen & Toubro Ltd
Larsen & Toubro (L&T) भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट डिफेंस इंजीनियरिंग कंपनियों में शामिल है. भले ही Project-75(I) में सबमरीन मैन्युफैक्चिरिंग की अगुवाई Mazagon Dock करे, लेकिन L&T इस पूरे इकोसिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
कंपनी सबमरीन के लिए Pressure Hulls, Propulsion Equipment, Launch Systems और Precision Engineering Components तैयार करती है. इसके अलावा भारत के स्वदेशी न्यूक्लियर पनडुब्बी कार्यक्रम में भी L&T की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. भविष्य में Project-76 और न्यूक्लियर अटैक सबमरीन जैसी प्रोजेक्टएं भी कंपनी के रक्षा कारोबार को नई स्पीड दे सकती हैं.
कंपनी के शेयर गुरुवार को 0.83% की तेजी के साथ 4216 रुपये पर बंद हुए. कंपनी का मार्केट कैप 580551 करोड़ रुपये है. वहीं, इसका ROE 14,72% और P/E रेशियो 30.63 है. कंपनी ने पिछले पांच वर्षों में अपने निवेशकों को 176% का रिटर्न दिया है.
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Bharat Electronics Ltd (BEL)
सबमरीन में केवल मैकेनिकल सिस्टम ही नहीं, बल्कि एडवांस इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम भी बेहद अहम होते हैं. यही वजह है कि Bharat Electronics Ltd (BEL) भी इस प्रोजेक्ट की प्रमुख संभावित लाभार्थी कंपनियों में गिनी जा रही है.
BEL भारतीय नौसेना के लिए Sonar Systems, Combat Management Systems, Electronic Warfare Systems, Communication Equipment और Underwater Sensors जैसे महत्वपूर्ण डिफेंस इक्विपमेंट बनाती है.
भारतीय नौसेना में आधुनिक सबमरीन की संख्या बढ़ने के साथ इन हाई-टेक सिस्टम की मांग भी बढ़ सकती है. इसके अलावा कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और अगली पीढ़ी की रक्षा टेक्निकों पर भी तेजी से काम कर रही है.
कंपनी के शेयर गुरुवार को 1.54% की तेजी के साथ 407 रुपये पर बंद हुए. कंपनी का मार्केट कैप 297362 करोड़ रुपये है. वहीं, इसका ROE 25.27% और P/E रेशियो 12.40 है. कंपनी ने पिछले पांच वर्षों में अपने निवेशकों को 593% का रिटर्न दिया है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.