फोकस में रेलवे के ये 3 शेयर, ऑर्डर बुक मजबूत लेकिन कमाई में है पेंच, समझें पूरा खेल

रेलवे सेक्टर की तीन कंपनियां Ircon International, RITES और RailTel मजबूत ऑर्डर बुक के कारण निवेशकों की नजर में हैं. तीनों कंपनियों के पास कुल करीब ₹45,866 करोड़ के ऑर्डर हैं. हालांकि बड़ी ऑर्डर बुक के बावजूद कमाई में कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं.

तीनों कंपनियों के पास कुल करीब ₹45,866 करोड़ के ऑर्डर हैं. Image Credit: @Canva/Money9live

भारत का रेलवे सेक्टर लगातार विस्तार के दौर से गुजर रहा है. सरकार के भारी कैपिटल खर्च और रेलवे से जुड़े प्रोजेक्ट में तेजी का फायदा कई कंपनियों को मिल रहा है. यही वजह है कि रेलवे से जुडे़ शेयरों की ऑर्डर बुक पर निवेशकों की नजर बनी हुई है. लेकिन केवल बड़ी ऑर्डर बुक किसी शेयर को अच्छा निवेश नहीं बना देती. प्रोजेक्ट पूरा करने की रफ्तार, मार्जिन और मुनाफे की ग्रोथ भी उतनी ही अहम है. Ircon International, RITES और RailTel Corporation of India इसी तस्वीर के तीन अलग उदाहरण हैं.

रेलवे सेक्टर में क्यों बढ़ रही है हलचल

भारत में रेलवे नेटवर्क पैसेंजर ट्रांसपोर्ट के साथ- साथ माल ढुलाई और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहद अहम है. सरकार भी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार बड़ा खर्च कर रही है. वित्त वर्ष 2026 में रेलवे सेक्टर के लिए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल आउटले रखा गया है. सेक्टर की कंपनियों का ऑर्डर बुक टू इनकम रेशियो करीब 2.8 गुना बताया गया है. ऐसे में Ircon, RITES और RailTel जैसे शेयर निवेशकों के रडार पर हैं.

Ircon International

Ircon International के पास वित्त वर्ष 2026 के अंत में 24,984 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक थी. यह कंपनी की सालाना इनकम के करीब 2.6 गुना है. ऑर्डर बुक का करीब 92 फीसदी हिस्सा घरेलू प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है. कंपनी ने FY26 में करीब 5,000 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर हासिल किए. इसके अलावा करीब 48,000 करोड़ रुपये के 107 बिड्स भी वैल्यूएशन के दौर में थे.

हालांकि कमाई के मोर्चे पर तस्वीर उतनी मजबूत नहीं रही. FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 14.6 फीसदी घटकर 9,502 करोड़ रुपये रह गया. नेट प्रॉफिट भी 18.2 फीसदी गिरकर 592 करोड़ रुपये पर आ गया. जमीन मिलने में देरी और क्लाइंट क्लियरेंस जैसी वजहों से प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन पर असर पड़ा. कंपनी को FY27 में भी रेवेन्यू लगभग FY26 के स्तर पर रहने की उम्मीद है.

RITES

RITES ने FY26 के अंत में 9,416 करोड़ रुपये की अब तक की सबसे बडी ऑर्डर बुक दर्ज की. इसमें से आधे से ज्यादा ऑर्डर पिछले 12 से 18 महीनों में मिले हैं. कंपनी के पास करीब 4,580 करोड़ रुपये का टर्नकी ऑर्डर बुक है, जिसमें IIT और IIM के बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स के साथ रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइडिंग प्रोजेक्ट्स शामिल हैं. इसके अलावा करीब 1,750 करोड़ रुपये के एक्सपोर्ट ऑर्डर भी हैं.

FY26 में RITES का रेवेन्यू 9.7 फीसदी बढकर 2,525 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 7.1 फीसदी बढकर 454 करोड़ रुपये रहा. कंपनी का RoCE 22 फीसदी और RoE 15.4 फीसदी है, जो मजबूत रिटर्न प्रोफाइल दिखाता है. लेकिन समस्या ऑर्डर बुक के बदलते मिक्स में है. कम मार्जिन वाले टर्नकी और कॉम्पिटिटिव प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बढ रहा है. इससे आगे रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद मुनाफे की रफ्तार सीमित रह सकती है.

RailTel

RailTel Corporation of India की ऑर्डर बुक 30 अप्रैल 2026 तक 11,466 करोड़ रुपये थी. दिसंबर 2025 के मुकाबले इसमें करीब 34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. कंपनी की ऑर्डर बुक में रेलवे प्रोजेक्ट्स की हिस्सेदारी करीब 21 फीसदी है. कंपनी FY27 में प्रोजेक्ट बिजनेस से 3,000 से 3,500 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल करने की उम्मीद कर रही है.

कंपनी ने FY27 की शुरुआत मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ के साथ की. जून तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू 20.1 फीसदी बढ़कर 893.3 करोड़ रुपये हो गया. लेकिन नेट प्रॉफिट 0.5 फीसदी घटकर 65.8 करोड़ रुपये रह गया. इसकी मुख्य वजह बिजनेस मिक्स में बदलाव है. कम मार्जिन वाले प्रोजेक्ट कारोबार की ग्रोथ टेलीकॉम सर्विसेज से तेज रही. इससे रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद मुनाफे पर वैसा असर नहीं दिखा.

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तीनों शेयरों में असली पेंच क्या है

इन तीनों कंपनियों की सबसे बड़ी ताकत इनकी मजबूत ऑर्डर बुक है. Ircon के पास 24,984 करोड़ रुपये, RITES के पास 9,416 करोड़ रुपये और RailTel के पास 11,466 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं. यानी तीनों के पास कुल मिलाकर करीब 45,866 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक है. लेकिन निवेशकों को सिर्फ इस आंकडे़ पर फैसला नहीं लेना चाहिए.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.