डॉलर के मुकाबले 3 पैसे मजबूत हुआ रुपया, 95.70 पर बंद, महंगा क्रूड ऑयल बना दबाव
भारतीय रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे मजबूत होकर 95.70 पर बंद हुआ. कमजोर डॉलर इंडेक्स से रुपये को सहारा मिला, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने तेजी सीमित कर दी. ब्रेंट क्रूड 2.22 फीसदी बढ़कर 93.65 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया.

भारतीय रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे मजबूत होकर 95.70 के स्तर पर बंद हुआ. कारोबार की शुरुआत में रुपये में तेजी थी लेकिन बाद में यह बढ़त कम हो गई. डॉलर इंडेक्स में कमजोरी से रुपये को सहारा मिला. हालांकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये पर दबाव बनाए रखा. विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कच्चा तेल रहने से भारत के आयात बिल पर दबाव बना रहेगा. घरेलू शेयर बाजार में भी गुरुवार को मजबूत तेजी रही.
रुपया 95.70 प्रति डॉलर पर बंद
इंटरबैंक फॉरेन करेंसी मार्केट में रुपया 95.57 प्रति डॉलर पर खुला. कारोबार के दौरान यह 95.56 से 95.72 के दायरे में रहा. अंत में रुपया 95.70 के स्तर पर बंद हुआ. पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 95.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. बुधवार को रुपये में सिर्फ 1 पैसे की बढ़त दर्ज हुई थी. गुरुवार को शुरुआती तेजी के बाद रुपये ने लगभग पूरी बढ़त गंवा दी.
डॉलर इंडेक्स में आई कमजोरी से मिला सहारा
अमेरिकी डॉलर में कमजोर रही. डॉलर इंडेक्स 0.22 फीसदी गिरकर 98.61 पर पहुंच गया. अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से लंबी अवधि के ट्रेजरी बॉन्ड की बायबैक प्रक्रिया बढ़ाने की घोषणा के बाद अमेरिकी लंबी अवधि की यील्ड में कमी आई. इससे डॉलर की यील्ड बढ़त कुछ कम हुई. कमजोर डॉलर आम तौर पर उभरती अर्थव्यवस्थाओं की करेंसी को कुछ सपोर्ट देता है. इसी वजह से रुपये को भी शुरुआती कारोबार में सपोर्ट मिला.
महंगा कच्चा तेल रुपये पर बना दबाव
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने रुपये की बढ़त सीमित कर दी. ब्रेंट क्रूड 2.22 फीसदी बढ़कर 93.65 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है. ऐसे में तेल की कीमत बढ़ने से देश का आयात बिल बढ़ सकता है. इससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव पड़ सकता है. जानकारों के मुताबिक जब तक कच्चा तेल महंगा रहेगा तब तक रुपये पर हल्की कमजोरी का दबाव बना रह सकता है.
आगे रुपये पर हल्की कमजोरी का अनुमान
जानकारों का मानना है कि कमजोर डॉलर और घरेलू बाजार की मजबूती से रुपये ने शुरुआत में बढ़त बनाई. लेकिन बढ़ते कच्चे तेल के दाम के कारण रुपये की तेजी टिक नहीं सकी. उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर बढ़े तनाव से रुपये पर दबाव रह सकता है. उनके मुताबिक बढ़ती तेल कीमत और महंगाई की चिंता रुपये को कमजोर कर सकती है. वहीं कमजोर डॉलर रुपये को निचले स्तरों पर कुछ सपोर्ट दे सकता है.
घरेलू शेयर बाजार में जोरदार तेजी
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी रही. सेंसेक्स 628.04 अंक बढ़कर 77,537.72 पर बंद हुआ. निफ्टी भी 153.55 अंक चढ़कर 24,231.85 पर पहुंच गया. विदेशी निवेशकों ने भी घरेलू शेयर बाजार में खरीदारी की. बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 407.99 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की.
रुपये के लिए 95.50 से 96 का दायरा अहम
जानकारों के मुताबिक, आने वाले दिनों में रुपये की चाल पर कच्चे तेल, डॉलर इंडेक्स और भू राजनीतिक घटनाक्रम का असर रहेगा. अनुज चौधरी के अनुसार डॉलर रुपये की स्पॉट कीमत 95.50 से 96 के दायरे में रह सकती है. अगर कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तो रुपये पर दबाव बढ़ सकता है. वहीं डॉलर इंडेक्स में और कमजोरी आने पर घरेलू मुद्रा को राहत मिल सकती है.