बाजार में अचानक क्यों आई तेजी? Sensex 600 अंक से ज्यादा चढ़ा, Nifty 23,400 के पार; ये फैक्टर बने वजह
छह हफ्ते की लगातार गिरावट के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी लौटी. सेंसेक्स 680 अंक चढ़कर 74,965.06 पर और निफ्टी 112 अंक यानी 0.48% बढ़कर 23,450 पर कारोबार कर रहा है. कच्चे तेल में नरमी, FII की 599 करोड़ रुपये की खरीदारी, DII की खरीदारी और मजबूत वैश्विक संकेत बाजार की तेजी की प्रमुख वजह रहे.

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 21 सितंबर को तेजी देखने को मिली. छह हफ्ते की लगातार गिरावट के बाद निवेशकों की खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, विदेशी निवेशकों की वापसी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार को सहारा दिया. दोपहर करीब 2 बजे सेंसेक्स 680 अंक यानी 0.91% की तेजी के साथ 74,965.06 पर कारोबार कर रहा. वहीं निफ्टी 112 अंक यानी 0.48% बढ़कर 23,450 पर पहुंच गया.
इससे पहले पिछले हफ्ते सेंसेक्स और निफ्टी ने लगातार छठे सप्ताह गिरावट दर्ज की थी. यह दोनों सूचकांकों की छह साल में सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट की श्रृंखला रही. ऐसे में निचले स्तरों पर खरीदारी ने सोमवार को बाजार को सहारा दिया.
बाजार में तेजी की पहली वजह कच्चे तेल में नरमी
बाजार की तेजी के पीछे सबसे बड़ा ट्रिगर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रही. Brent crude, जो वैश्विक तेल बाजार का प्रमुख मानक है, 2.25% गिरकर 101.5 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. सऊदी अरब से तेल की आपूर्ति में सुधार की उम्मीद के चलते कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव आया.
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय बाजार के लिए चिंता का कारण रही हैं. ऐसे में तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों की धारणा को सहारा मिला. मनीकंट्रोल की सुबह की रिपोर्ट में भी Brent crude करीब 101.40 डॉलर प्रति बैरल तक फिसलने की जानकारी दी गई थी.
सात दिन बाद FII ने की खरीदारी
विदेशी निवेशकों की खरीदारी भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत रही. विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII ने सात कारोबारी सत्रों तक लगातार बिकवाली करने के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी की.
FII ने शुक्रवार को 599 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII भी खरीदार बने रहे और उन्होंने 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया. मनीकंट्रोल के मुताबिक, सितंबर में विदेशी निवेशकों की कुल बिकवाली करीब 21000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, इसलिए शुक्रवार की खरीदारी को बाजार के लिए एक अहम बदलाव के तौर पर देखा गया.
ग्लोबल बाजारों से भी मिला सहारा
एशियाई बाजारों में भी सोमवार को तेजी का रुख रहा. दक्षिण कोरिया का Kospi, Shanghai SSE Composite और Hong Kong का Hang Seng बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. अमेरिका में भी शुक्रवार को Nasdaq और S&P 500 बढ़त के साथ बंद हुए थे.
Nasdaq Composite 0.40% बढ़कर 26,522.55 पर पहुंचा था, जबकि S&P 500 में 0.17% की तेजी रही और यह 7,650.50 पर बंद हुआ. हालांकि Dow Jones Industrial Average 0.18% गिरकर 51,682.64 पर बंद हुआ था.
छह हफ्ते की गिरावट के बाद निचले स्तरों पर खरीदारी
भारतीय बाजार में लगातार छह हफ्ते की गिरावट के बाद कुछ शेयरों में निचले स्तरों पर खरीदारी देखने को मिली. निवेशकों ने उन शेयरों में पैसा लगाया जिनमें हाल की गिरावट के बाद कीमतें आकर्षक नजर आ रही थीं. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार में इस समय खरीदारी के साथ-साथ सावधानी भी बनी हुई है यानी तेजी के बावजूद निवेशकों का रुख पूरी तरह आक्रामक नहीं हुआ है.
Indian Hotels और Welspun Corp में भी तेजी
शेयरों की बात करें तो Indian Hotels में करीब 2% की तेजी रही. Morgan Stanley ने कंपनी के शेयर की रेटिंग को “Equal-Weight” से बढ़ाकर “Overweight” कर दिया और लक्ष्य मूल्य में भी बढ़ोतरी की. ब्रोकरेज ने हालिया गिरावट के बाद कंपनी की कमाई की संभावनाओं और वैल्यूएशन को इसके पीछे वजह बताया.
Welspun Corp का शेयर भी करीब 5% चढ़ा. कंपनी की इकाई East Pipes Integrated Company को Saudi Aramco से करीब 209 मिलियन डॉलर का ऑर्डर मिलने की खबर के बाद शेयर में तेजी आई.
Nifty के लिए आगे क्या संकेत?
बाजार में सोमवार की तेजी के बाद अब 23,400 का स्तर निफ्टी के लिए अहम हो गया है. रिपोर्ट में दिए गए तकनीकी स्तरों के मुताबिक, अगर निफ्टी 23,280-23,260 के ऊपर बना रहता है तो 23,560 और उसके आगे की तेजी की संभावना बन सकती है. वहीं 23,116 का स्तर टूटने पर बाजार की दिशा दोबारा कमजोर हो सकती है और 22,600 से 21,800 तक के स्तरों पर नजर जा सकती है.
रिपोर्ट के मुताबिक, 23,400 निफ्टी के लिए तत्काल बाधा बना हुआ है, जबकि 23,200 शुरुआती सपोर्ट और 23,100-23,070 का स्तर मजबूत सपोर्ट जोन माना जा रहा है.
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