Sukhoi-30 से Porsche-Tesla तक, बढ़ा इन 2 बेयरिंग स्टॉक का दबदबा; 2026 में 170% ज्यादा उछला शेयर
सुखोई-30 से पोर्श और टेस्ला तक, डिफेंस, एयरोस्पेस और EV सेक्टर में बढ़ते कारोबार से NRB Bearings और मेनन बेयरिंग्स चर्चा में हैं. 2026 में दोनों बेयरिंग स्टॉक्स में तेज हलचल देखने को मिली है. NRB Bearings को सुखोई-30 फाइटर जेट के लिए प्लेन स्फेरिकल बेयरिंग्स का प्रोडक्शन ऑर्डर मिला है, जबकि Menon Bearings डिफेंस के साथ EV और रेलवे मार्केट्स में विस्तार कर रही है.

Bearing Stocks: भारतीय बेयरिंग इंडस्ट्री अब सिर्फ ऑटोमोटिव सेक्टर तक सीमित नहीं रह गई है. डिफेंस और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ोतरी के साथ प्रिसीजन बेयरिंग्स की मांग के नए अवसर बन रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में दो बेयरिंग स्टॉक्स में 170 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली है. बेयरिंग्स का इस्तेमाल फाइटर जेट्स, हेलिकॉप्टर्स, मिसाइल्स, रडार्स और डिफेंस सिस्टम्स के साथ ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस में भी होता है.
डिफेंस और एयरोस्पेस बना नया ग्रोथ ड्राइवर
बेयरिंग्स मूविंग पार्ट्स के बीच फ्रिक्शन कम करने और लोड को सपोर्ट करने का काम करते हैं. अब डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से इनकी मांग के लिए नया बाजार तैयार हो रहा है. एयरक्राफ्ट इंजन, हेलिकॉप्टर रोटर्स, लैंडिंग सिस्टम्स और डिफेंस इक्विपमेंट में प्रिसीजन बेयरिंग्स का इस्तेमाल होता है.
NRB Bearings का Sukhoi-30 कनेक्शन
इस बदलाव का फायदा उठाने वाली कंपनियों में NRB Bearings प्रमुख है. कंपनी हाई-प्रिसीजन बॉल और रोलर बेयरिंग्स के साथ कस्टमाइज्ड फ्रिक्शन मैनेजमेंट सॉल्यूशंस बनाती है. इसके पास 4,000 से ज्यादा प्रोडक्ट पार्ट नंबर्स हैं. कंपनी ने एयरोस्पेस और डिफेंस को अपनी स्ट्रैटेजिक ग्रोथ इनिशिएटिव्स में प्रमुख स्थान दिया है.
जनवरी 2026 में NRB ने बेंगलुरु स्थित Mahant Tool Room का अधिग्रहण किया. यह कंपनी एयरोस्पेस प्रिसीजन मशीनिंग में विशेषज्ञता रखती है. NRB ने डिफेंस, एविएशन और एयरोस्पेस कंपोनेंट्स की कैपेसिटी बढ़ाने के लिए इसमें 37.5 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट का प्रस्ताव रखा है.
Sukhoi-30 के लिए मिला प्रोडक्शन ऑर्डर
NRB Bearings डिफेंस व्हीकल्स, टैंक्स और अन्य डिफेंस इक्विपमेंट के लिए कंपोनेंट्स सप्लाई करती है. कंपनी को Sukhoi-30 फाइटर जेट के लिए प्लेन स्फेरिकल बेयरिंग्स बनाने का प्रोडक्शन ऑर्डर मिला है. Financial Express की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जून 2026 तक कंपनी का डिफेंस ऑर्डर बुक 50 करोड़ रुपये था. मैनेजमेंट ने FY31 तक एयरोस्पेस सेगमेंट से 300 करोड़ रुपये रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है.
Menon Bearings की डिफेंस और एयरोस्पेस में एंट्री
दूसरी कंपनी Menon Bearings है. यह हेवी-ड्यूटी इंजिन बेयरिंग्स, बुशेज, थ्रस्ट वॉशर्स, एल्युमिनियम कास्टिंग कंपोनेंट्स और फ्रिक्शन ब्रेकिंग मैटेरियल्स बनाती है. कंपनी के प्रमुख कस्टमर्स में John Deere, Cummins, Eaton, Honeywell, Allison Transmission, Magna और Linamar शामिल हैं.
Q1FY27 में Menon Bearings का रेवेन्यू 37.2 फीसदी बढ़कर 94 करोड़ रुपये हो गया. EBITDA 56.8 फीसदी बढ़कर 22.4 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 67.3 फीसदी बढ़कर 14.1 करोड़ रुपये रहा. कंपनी डिफेंस सेक्टर में इंजिन बेयरिंग्स और अन्य प्रिसीजन कंपोनेंट्स सप्लाई कर रही है.
Porsche और Tesla से लेकर Vande Bharat तक विस्तार
Menon Bearings का डायवर्सिफिकेशन डिफेंस और एयरोस्पेस के अलावा EV और रेलवे मार्केट्स में भी है. इसकी Alkop Division Porsche और Tesla से जुड़े EV एप्लीकेशंस के लिए कंपोनेंट्स सप्लाई करती है. कंपनी Vande Bharat, मेट्रो और अन्य रेलवे एप्लीकेशंस के लिए भी कंपोनेंट्स विकसित कर रही है.
कैसा है शेयर का हाल
शेयर की बात करें तो NRB Bearings का शेयर 23 सितंबर 2026 को 3.95 फीसदी उछलकर 541 रुपये पर पहुंच गया. इस साल कंपनी का शेयर करीब 98 फीसदी उछल चुका है. वहीं, Menon Bearings का शेयर 23 सितंबर को 1.78 फीसदी गिरकर 301.25 रुपये पर बंद हुआ. इस साल कंपनी के शेयर में 170 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है.
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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.