Suzlon Energy Share: ₹46 के ऊपर ब्रेकआउट से खुल सकता है ₹52-54 का रास्ता, निवेशक इस लेवल पर रखें नजर
Suzlon Energy Share Outlook: बुधवार को सुजलॉन एनर्जी के शेयर में 1.59 फीसदी की गिरावट आई. टेक्निकल नजरिए से देखें तो सुजलॉन ने काफी समय तक एक रेंज में कारोबार किया है. स्टॉक ने अपवर्ड रेंज में भी पर्याप्त समय बिताया है और इसके बाद कंसोलिडेशन की स्थिति बनी है.
Suzlon Energy Share Outlook: सुजलॉन एनर्जी के शेयर में लंबे समय से कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है. हालांकि, टेक्निकल संकेतों और हालिया डेवलपमेंट को देखते हुए स्टॉक को लेकर नजरिया सकारात्मक होता दिखाई दे रहा है. कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) महेश एम. ओझा ने सुजलॉन एनर्जी के शेयर पर अपना आउटलुक दिया है. उनके मुताबिक, मौजूदा स्तरों पर लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए धीरे-धीरे एक्यूमुलेशन का मौका बन सकता है, जबकि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए 46 रुपये का स्तर अहम रहेगा.
46 रुपये का स्तर क्यों अहम?
तकनीकी नजरिए से देखें तो सुजलॉन ने काफी समय तक एक रेंज में कारोबार किया है. स्टॉक ने अपवर्ड रेंज में भी पर्याप्त समय बिताया है और इसके बाद कंसोलिडेशन की स्थिति बनी है. ऐसे में मौजूदा कंसोलिडेशन साइकल पूरा होने के संकेत मिलने पर आगे की दिशा पर नजर रहेगी.
विशेषज्ञ के मुताबिक, अगर सुजलॉन 46 रुपये के ऊपर जाता है और वहां टिकता है या क्लोजिंग देता है, तो स्टॉक में दोबारा तेजी की संभावना बन सकती है. ऐसी स्थिति में शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए 52-54 रुपये की रेंज अगले अहम स्तर के तौर पर देखी जा सकती है.
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए क्या रणनीति?
लंबी अवधि का नजरिया रखने वाले निवेशकों के लिए केवल 46 रुपये के ब्रेकआउट का इंतजार करना जरूरी नहीं है. मौजूदा या निचले स्तरों पर कमजोरी मिलने पर स्टॉक को चरणबद्ध तरीके से एक्यूमुलेट करने का विकल्प देखा जा सकता है.
महेश एम. ओझा के अनुसार, अगर शेयर 44 रुपये के नीचे आता है, तो यह लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए एक्यूमुलेशन जोन बन सकता है. यानी निवेशक निचले स्तरों पर धीरे-धीरे खरीदारी कर सकते हैं. लंबी अवधि में 52-54 रुपये का स्तर एक संभावित लक्ष्य क्षेत्र के तौर पर देखा जा सकता है, हालांकि आगे की चाल के आधार पर इस व्यू की समीक्षा की जा सकती है.
ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए अलग रणनीति
सुजलॉन में शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स और लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए रणनीति अलग हो सकती है.
शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स 46 रुपये के ऊपर टिकने या क्लोजिंग आने पर मोमेंटम आधारित ट्रेड पर नजर रख सकते हैं. इस स्थिति में 52-54 रुपये की रेंज महत्वपूर्ण स्तर हो सकती है. वहीं, लॉन्ग टर्म निवेशक निचले स्तरों पर कमजोरी मिलने पर चरणबद्ध तरीके से एक्यूमुलेशन की रणनीति अपना सकते हैं. खासकर 44 रुपये के नीचे का क्षेत्र एक महत्वपूर्ण एक्यूमुलेशन जोन के तौर पर देखा जा रहा है.
52-54 रुपये की रेंज पर नजर
कुल मिलाकर, सुजलॉन एनर्जी में मौजूदा कंसोलिडेशन के बाद अगली दिशा के लिए 46 रुपये का स्तर निर्णायक नजर आ रहा है. इसके ऊपर मजबूती से टिकने पर शॉर्ट टर्म में 52-54 रुपये की रेंज पर नजर रहेगी. वहीं, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए निचले स्तरों पर चरणबद्ध एक्यूमुलेशन का विकल्प मौजूद है. हालांकि, किसी भी ट्रेड या निवेश से पहले अपने जोखिम और समय-सीमा को ध्यान में रखना जरूरी है.
सुजलॉन एनर्जी के शेयर की कीमत में गिरावट
बुधवार को सुजलॉन एनर्जी के शेयर में 1.59 फीसदी की गिरावट आई और ये 42.22 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा. इस साल इस शेयर में अब तक 19 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है.
यह भी पढ़ें: BHEL और Titagarh Rail ने मिलाया हाथ, Vande Bharat Sleeper के लिए 35 साल का बड़ा प्लान
डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.