टॉप से रिवर्स गियर में कैसे आ गई टाटा मोटर्स, एक्सप्रेसवे से कुछ यूं उतरी कंपनी, क्या अब आने वाले हैं अच्छे दिन?

Tata Motors Share Target Price: टाटा मोटर्स के शेयर 1,179 रुपये से गिरकर 650 रुपये की रेंज में आ गए हैं. लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि शेयरों में अब गिरावट का दौर खत्म होने वाला है. ऐसे में क्या शेयर एक बार फिर से अपनी पीक की तरफ बढ़ेगा?

टाटा मोटर्स Image Credit: Getty image

Tata Motors Share Target Price: सरपट दौड़ते टाटा मोटर्स के स्टॉक (Tata Motors Share) पर पिछले साल की दूसरी छमाही से ऐसा ब्रेक लगा है कि निवेशकों को माथे पर बल पड़ने लगा है. निफ्टी 50 इंडेक्स पर टाटा मोटर्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले स्टॉक के रूप में उभरी है. फिलहाल स्टॉक बॉटम बनाने की कोशिश कर रहा है. इसलिए बड़ा सवाल यह है कि क्या टाटा मोटर्स का बुरा दौर खत्म हो गया या फिर आगे अभी और गिरावट देखने को मिल सकती है.

45 फीसदी टूटा है स्टॉक

कंपनी के शेयर जुलाई 2024 में 1,179 रुपये के अपने पिक से करीब 45 फीसदी गिरकर वर्तमान में 651 रुपये के आसपास आ गए हैं. इस दौरान टाटा मोटर्स के मार्केट कैपिटलाइजेशन में 1.9 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है. चीन और ब्रिटेन जैसे प्रमुख मार्केट में जगुआर लैंड रोवर (JLR) की कमजोर मांग के चलते गिरावट और तेज हुई है.

इसके अलावा यूरोप में बनने वाली कारों पर अमेरिकी इंपोर्ट ड्यूटी को लेकर भी चिंताएं हैं. घरेलू स्तर पर मिड और हेवी कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में बिक्री में गिरावट, साथ ही पैसेंजर और इलेक्ट्रिक वाहन के सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से निवेशकों का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है.

कहां बिगड़ रहा गेम?

ग्लोबल और घरेलू प्रतिकूल परिस्थितियों के कॉम्बिनेशन ने टाटा मोटर्स में निवेशकों के विश्वास को हिला दिया है. कंपनी की ब्रिटेन बेस्ड सब्सिडियरी कंपनी, जगुआर लैंड रोवर (JLR) को चीन, यूके और यूरोपीय यूनियन जैसे प्रमुख बाजारों में कमजोर डिमांड से जूझना पड़ रहा है. इसके अतिरिक्त, यूरोपीय ऑटोमोबाइल पर अमेरिकी इंपोर्ट ड्यूटी के बढ़ते रिस्क ने आउटलुक को और धुंधला कर दिया है.

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वॉल्यूम में गिरावट

CLSA के अनुसार, JLR वर्तमान में FY27 के अनुमानित EV/EBITDA के 1.2x पर कारोबार कर रहा है, जो इसके 2.5x के ऐतिहासिक वैल्यूएशन मल्टीपल के नीचे है. इससे पता चलता है कि बाजार ने पहले ही FY26 में 10 फीसदी वॉल्यूम में गिरावट और EBIT मार्जिन में 8 फीसदी से कम के स्तर पर गिरावट की कीमत तय कर ली है. CLSA ने टाटा मोटर्स को हाई कन्विक्शन वाले आउटपरफॉर्म में अपग्रेड किया, 930 रुपये का टार्गेट प्राइस तय किया है.

टेस्ला के भारत में प्रवेश से खतरा?

टेस्ला के भारत में एंट्री के लिए तैयार है. इसकी वजह से भी टाटा मोटर्स समेत घरेलू वाहन निर्माताओं पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. हालांकि, प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों का सुझाव है कि टेस्ला के प्रवेश से कोई बड़ा खतरा नहीं होगा.

नोमुरा के एनालिस्ट का कहना है कि टेस्ला की 4 लाख रुपये से अधिक की अनुमानित कीमत टाटा मोटर्स सहित भारतीय ईवी निर्माताओं के साथ इसकी प्रतिस्पर्धा को सीमित कर देगी. जबकि टेस्ला की ब्रांड अपील और टेक्नोलॉजी कुछ हद तक ग्राहकों को आकर्षित कर सकती है. एनालिस्ट को इस बात का भरोसा है कि घरेलू वाहन निर्माता बड़े पैमाने पर ईवी सेगमेंट में अपना दबदबा बनाए रखेंगे.

कब आएगी टाटा मोटर्स में तेजी

टाटा मोटर्स में भारी करेक्शन ने निस्संदेह निवेशकों को हिला दिया है. हालांकि, एक्सपर्ट का अब मानना है कि टाटा मोटर्स के बुरे दिन खत्म होने वाले हैं. रेलिगेयर रिटेल रिसर्च के सीनियर वीपी डॉ. रवि सिंह कहना है कि सेल्स के नंबरों में आई गिरावट के चलते 31 मार्च 2025 तक टाटा मोटर्स के स्टॉक पर दबाव बना रहेगा.

हालांकि, ये अब अपने पीक से 45 फीसदी तक टूट गया है, तो इसमें 650 के आसपास लॉन्ग टर्म के लिए खरीदारी का मौका बन सकता है. स्टॉक वापस से 800 रुपये के लेवल तक जाएगा, लेकिन इसमें अभी 8 महीने तक का समय लगेगा. चूंकि स्टॉक काफी टूट चुका है, ऐसे में अब गिरावट की आशंका कम नजर आ रही है, लेकिन मार्केट से सपोर्ट नहीं मिलने के चलते शेयर में अभी तेजी नजर नहीं आ रही है. टेस्ला की एंट्री की खबर से भी घरेलू ईवी सेक्टर का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है.

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