1 लाख बना 24 लाख रुपये, 5 साल में ₹56 से 1342 रुपये पर पहुंचा यह डिफेंस शेयर; रखें नजर
Krishna Defence and Allied Industries ने पिछले पांच साल में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. कंपनी का शेयर 56 रुपये से बढ़कर 1342 रुपये तक पहुंच गया, जिससे 1 लाख रुपये का निवेश करीब 24 लाख रुपये बन गया. मजबूत ऑर्डर बुक, बेहतर वित्तीय नतीजे, डिफेंस सेक्टर में बढ़ती मांग और नई तकनीकों पर निवेश से कंपनी की ग्रोथ को बल मिला है.
Krishna Defence and Allied Industries: डिफेंस सेक्टर के शेयर पिछले कुछ वर्षों से निवेशकों के लिए शानदार साबित हुए हैं. इसी कड़ी में Krishna Defence and Allied Industries ने भी अपने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है. कंपनी का शेयर पांच साल पहले करीब 56 रुपये के स्तर पर था, जो अब बढ़कर 1342 रुपये तक पहुंच गया. इस दौरान शेयर ने 2296 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया. यानी पांच साल पहले लगाया गया 1 लाख रुपये का निवेश अब करीब 24 लाख रुपये में बदल गया होता. आइए जानते हैं कंपनी के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं के बारे में.
पांच साल में बना मल्टीबैगर शेयर
Krishna Defence and Allied Industries का शेयर 25 जून 2026 को 1341.70 रुपये के स्तर तक पहुंच गया. पांच साल पहले 15 जुलाई 2022 को इसका भाव करीब 56 रुपये था. इस तरह शेयर ने करीब 2296.43 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया. अगर किसी निवेशक ने पांच साल पहले इसमें 1 लाख रुपये लगाए होते, तो उसकी निवेश राशि बढ़कर करीब 23.96 लाख रुपये हो जाती. पिछले एक साल में भी शेयर ने 42.83 फीसदी का रिटर्न दिया है.
क्या करती है कंपनी
Krishna Defence and Allied Industries भारतीय सेना और भारतीय नौसेना के लिए महत्वपूर्ण डिफेंस इक्विपमेंट और सिस्टम बनाती है. कंपनी डिफेंस और एयरोस्पेस प्रोडक्ट के साथ साथ नौसेना सिस्टम, आर्मर्ड व्हीकल के पार्ट्स, शिपबिल्डिंग सेक्शन और डेयरी इक्विपमेंट का मैन्युफैक्चिरिंग करती है. गुजरात के हलोल और कलोल में इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट हैं, जबकि रिसर्च और विकास केंद्र बेंगलुरु में स्थित है.
वित्त वर्ष 2025 26 में कारोबार को मिली मजबूती
वित्त वर्ष 2025 26 में कंपनी ने अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाई और नई मैन्युफैक्चरिंग सर्विस शुरू कीं. कंपनी ने भारत का सबसे बड़ा नेवल ग्रेड ऑटोनोमस अंडरवाटर व्हीकल बनाने का काम भी शुरू किया. इसके अलावा CSIR NIO Goa से AUV तकनीक हासिल कर पानी के भीतर डिफेंस सिस्टम में अपनी क्षमता मजबूत की. कंपनी को Bureau Veritas का सर्टिफिकेशन भी मिला, जिससे कमर्शियल शिपबिल्डिंग में नए अवसर खुल सकते हैं.
मजबूत ऑर्डर बुक
31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास 103.4 करोड़ रुपये की अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक थी. इसके अलावा 221 करोड़ रुपये की टेंडर पाइपलाइन भी मौजूद है. कंपनी अगले तीन से पांच साल में 30 फीसदी से अधिक CAGR हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है. इसके लिए नए डिफेंस प्रोडक्ट, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और कंपोजिट डोर तथा हैच के मैन्युफैक्चिरिंग पर काम किया जा रहा है.
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तिमाही नतीजों में भी दिखी दमदार ग्रोथ
कंपनी का प्रदर्शन वित्तीय मोर्चे पर भी मजबूत रहा है. Q4 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 65 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 46 करोड़ रुपये था. इसी अवधि में नेट प्रॉफिट 7 करोड़ रुपये से बढ़कर 14 करोड़ रुपये हो गया. पिछले पांच वर्षों में कंपनी का रेवेन्यू 48 फीसदी और नेट प्रॉफिट 83 फीसदी की CAGR से बढ़ा है. कंपनी का ROCE 31.1 फीसदी और ROE 23.7 फीसदी है, जबकि डेट टू इक्विटी रेशियो केवल 0.01 है, जो मजबूत बैलेंस शीट की ओर इशारा करता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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