6.5 लाख करोड़ रुपये का बड़ा मौका! वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर की इन 3 कंपनियों पर रखें नजर; मजबूत है ऑर्डर बुक
भारत में वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े निवेश का दौर शुरू होने की उम्मीद है. CRISIL Intelligence के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-29 तक वॉटर और वेस्टवॉटर मार्केट 6.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. Jal Jeevan Mission, AMRUT और Namami Gange जैसी सरकारी योजनाओं से WPIL, EMS और Welspun Enterprises जैसी कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है.
Water Infrastructure Stocks: भारत में वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर एक नए निवेश दौर की ओर बढ़ रहा है. बढ़ते अर्बनाइजेशन, इंडस्ट्रियल ग्रोथ, डेटा सेंटर एक्सपेंशन और वाटर स्ट्रेस के चलते वाटर सप्लाई और वेस्टवॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि आने वाले वर्षों में इस सेक्टर में बड़े निवेश की उम्मीद है. क्रिसिल इंटेलिजेंस के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-29 के दौरान भारत का वाटर और वेस्टवॉटर मार्केट बढ़कर 6.31 लाख करोड़ रुपये से 6.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जबकि वित्त वर्ष 2020-24 के दौरान इसका साइज 3.95 लाख करोड़ रुपये था. वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने में जल जीवन मिशन, अमृत, नमामि गंगे और अन्य अर्बन वाटर प्रोजेक्ट्स की अहम भूमिका रहने वाली है. ऐसे में WPIL, EMS और Welspun Enterprises जैसी कंपनियां इस निवेश की बड़ी लाभार्थी बन सकती हैं.
WPIL को मिलेगा इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स का फायदा
WPIL पंप्स, फ्लो कंट्रोल प्रोडक्ट्स और टर्नकी वाटर सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने वाली प्रमुख कंपनी है. कंपनी भारत के अलावा इटली, साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी कारोबार करती है. यह जल जीवन मिशन के अलावा इरिगेशन नेटवर्क, वाटर सप्लाई सिस्टम और वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स जैसी परियोजनाओं पर काम करती है.
वित्त वर्ष 2025-26 में सरकारी फंड जारी होने में देरी का असर कंपनी के कारोबार पर जरूर पड़ा, लेकिन इसके बावजूद कंपनी का रेवेन्यू 3 फीसदी बढ़कर 1,855 करोड़ रुपये रहा. EBITDA 9 फीसदी बढ़कर 318.3 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि मार्जिन बढ़कर 17.2 फीसदी हो गया. नेट प्रॉफिट भी बढ़कर 199.7 करोड़ रुपये रहा. कंपनी के इंटरनेशनल बिजनेस से होने वाली आय 61.2 फीसदी तक पहुंच गई, जिसने घरेलू सुस्ती की भरपाई की.
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, WPIL के पास वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत में 4,936 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक था. इसके अलावा साउथ अफ्रीका में पीसीआई अफ्रीका के अधिग्रहण के बाद कंपनी को 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के नए ऑर्डर मिले हैं. मैनेजमेंट का मानना है कि जल जीवन मिशन फेज-2 के तहत परियोजनाओं में तेजी आने से अगले कुछ वर्षों में कंपनी की ग्रोथ और मार्जिन दोनों बेहतर रह सकते हैं. गुरुवार को कंपनी का शेयर 2.42 फीसदी गिरकर 493.55 रुपये पर पहुंच गया है.
EMS को अर्बन वाटर प्रोजेक्ट्स से उम्मीद
EMS एक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) कंपनी है, जो वाटर सप्लाई सिस्टम, सीवरेज और वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करती है. कंपनी के कारोबार का लगभग 70 से 75 फीसदी हिस्सा वाटर सेक्टर से आता है. यह मुख्य रूप से अमृत और नमामि गंगे जैसी सरकारी अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं पर फोकस करती है.
वित्त वर्ष 2025-26 में पेमेंट डिले, स्पर्श पोर्टल और कुछ परियोजनाओं में रुकावट के कारण कंपनी का रेवेन्यू 24 फीसदी घटकर 733 करोड़ रुपये रह गया. वहीं ऑपरेटिंग प्रॉफिट और नेट प्रॉफिट में भी गिरावट दर्ज की गई. हालांकि मैनेजमेंट का मानना है कि यह अस्थायी स्थिति है और वित्त वर्ष 2026-27 में मार्जिन करीब 25 फीसदी तक पहुंच सकता है. कंपनी के पास 1,837 करोड़ रुपये का मजबूत ऑर्डर बुक है, जिससे अगले दो वर्षों के रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी मिलती है. गुरुवार को कंपनी का शेयर 2.42 फीसदी गिरकर 493.55 रुपये पर पहुंच गया है. गुरुवार को कंपनी का शेयर 2.17 फीसदी बढ़कर 419.90 रुपये पर पहुंच गया है.
Welspun Enterprises के पास सबसे बड़ा वाटर ऑर्डर बुक
Welspun Enterprises का वाटर बिजनेस कंपनी के कुल ऑर्डर बुक का लगभग 70 फीसदी हिस्सा है. कंपनी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, ट्रांसमिशन पाइपलाइन, टनलिंग और लॉन्ग टर्म ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस प्रोजेक्ट्स पर काम करती है. मुंबई के धारावी में भारत का पहला मल्टी-स्टोरीड वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट प्लांट भी कंपनी ही बना रही है. इसके अलावा महाराष्ट्र में भांडुप और पंजारपुर जैसी बड़ी परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है.
कंपनी के वाटर बिजनेस का ऑर्डर बुक 13,817 करोड़ रुपये का है, जिससे आने वाले कई वर्षों तक रेवेन्यू विजिबिलिटी बनी हुई है. वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू में हल्की गिरावट जरूर रही, लेकिन EBITDA 16 फीसदी बढ़कर 845 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि नेट प्रॉफिट 11 फीसदी बढ़कर 393 करोड़ रुपये हो गया. मैनेजमेंट का अनुमान है कि उसकी वाटर सब्सिडियरी अगले तीन वर्षों में 25 फीसदी से अधिक की CAGR से ग्रोथ दर्ज कर सकती है. गुरुवार को कंपनी का शेयर 0.60 फीसदी बढ़कर 572.45 रुपये पर पहुंच गया है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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