टाटा ग्रुप के इस स्टॉक में 51% कमाई का मौका! पहली तिमाही में 19% बढ़ा मुनाफा; रखें नजर

Tata Steel Share Price Target: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील के शेयर पर HSBC Securities ने Buy रेटिंग के साथ 260 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. 172.80 रुपये के संदर्भ भाव के मुकाबले इसमें करीब 50.5 फीसदी अपसाइड की संभावना है. ब्रोकरेज को भारत में स्टील की मजबूत मांग, कंपनी के बेहतर ऑपरेटिंग कैश फ्लो और अगले दो वर्षों में कर्ज घटने की उम्मीद है.

- HSBC Securities ने टाटा स्टील पर Buy रेटिंग के साथ 260 रुपये का टारगेट प्राइस दिया. Image Credit: TV9 Bharatvarsh

शेयर बाजार में टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म HSBC Securities ने भरोसा जताया है. ब्रोकरेज ने इस शेयर पर Buy रेटिंग के साथ 260 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. 172.80 रुपये के संदर्भ भाव के मुकाबले यह करीब 50.5 फीसदी की संभावित तेजी दिखाता है. कंपनी के मजबूत घरेलू कारोबार, स्टील की मांग, कर्ज घटने की संभावना और वैल्यूएशन में सुधार की उम्मीद को इस नजरिए की प्रमुख वजह माना गया है. हालांकि, टारगेट प्राइस के मुताबिक संभावित रिटर्न की गारंटी नहीं होती और शेयर में जोखिम बना रहता है.

कितना है टारगेट?

टाटा स्टील के शेयर का भाव दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 172.80 रुपये था, जो पिछले कारोबारी सत्र के 172.30 रुपये के बंद भाव से करीब 0.29 फीसदी ऊपर था. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 2,15,713.89 करोड़ रुपये बताया गया है.

HSBC Securities ने शेयर पर Buy की सलाह देते हुए 260 रुपये का टारगेट दिया है. इस भाव तक पहुंचने पर मौजूदा भाव से करीब 50.5 फीसदी की तेजी बनती है. यह ब्रोकरेज का अनुमान है, न कि शेयर के भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी. निवेशकों के लिए कंपनी की वित्तीय स्थिति, स्टील की कीमतों और वैश्विक मांग में होने वाले बदलावों पर नजर रखना जरूरी है.

टाटा स्टील के वैल्यूएशन पर HSBC की क्या राय है?

HSBC के मुताबिक, दूसरी स्टील कंपनियों की तुलना में टाटा स्टील के वैल्यूएशन में जो छूट है, वह काफी बढ़ गई है. ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के कारोबारी प्रदर्शन और घरेलू कारोबार की मजबूती को देखते हुए यह अंतर कम हो सकता है.

भारत में स्टील की मजबूत मांग, बेहतर ऑपरेटिंग कैश फ्लो और आने वाले वर्षों में कर्ज घटने की संभावना कंपनी के वैल्यूएशन को सपोर्ट कर सकती है. अगर कंपनी अपने कारोबार से लगातार नकदी पैदा करती है और बैलेंस शीट मजबूत होती है, तो निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है. हालांकि, वैल्यूएशन में सुधार बाजार की परिस्थितियों और कंपनी के वास्तविक प्रदर्शन पर निर्भर करेगा.

घरेलू कारोबार और स्टील की मांग से मिल सकता है सपोर्ट

टाटा स्टील के लिए भारत का कारोबार अहम भूमिका निभाता है. HSBC को उम्मीद है कि घरेलू बाजार में स्टील की मजबूत मांग, खासकर फ्लैट स्टील की मांग, कंपनी की कमाई को सहारा दे सकती है. इसके अलावा, आयात से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था स्टील की घरेलू कीमतों और मार्जिन को सपोर्ट कर सकती है.

कंपनी का कारोबार निर्माण, ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ा है. इन क्षेत्रों में स्टील की जरूरत कंपनी के लिए अहम है. HSBC का मानना है कि भारत में कंपनी की मजबूत स्थिति से कमाई और कैश फ्लो को स्थिरता मिल सकती है. हालांकि, स्टील की कीमतों में गिरावट या मांग कमजोर होने पर कंपनी के प्रदर्शन पर दबाव पड़ सकता है.

अगले दो साल में कर्ज घटने की उम्मीद

टाटा स्टील के शेयर पर HSBC के पॉजिटिव नजरिए की एक बड़ी वजह कंपनी के कर्ज में संभावित कमी है. ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मजबूत ऑपरेटिंग कैश फ्लो और कम खर्च की मदद से कंपनी अगले दो वर्षों में अपना कंसोलिडेटेड नेट डेट घटा सकती है.

कर्ज कम होने से ब्याज खर्च में कमी आ सकती है और कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत हो सकती है. इससे भविष्य में कारोबार के विस्तार और दूसरी जरूरतों के लिए वित्तीय लचीलापन बढ़ सकता है. हालांकि, कर्ज में वास्तविक कमी कंपनी की कमाई, कैपिटल एक्सपेंडिचर और कारोबारी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी.

उत्पादन और डिलीवरी में कैसा रहा प्रदर्शन?

टाटा स्टील की डिलीवरी वित्त वर्ष 2025 के 30.96 मिलियन टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 31.97 मिलियन टन हो गई. इस तरह सालाना आधार पर डिलीवरी में करीब 3.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का उत्पादन 7.69 मिलियन टन और डिलीवरी 7.27 मिलियन टन रही. इसकी तुलना में वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में उत्पादन 7.33 मिलियन टन और डिलीवरी 7.12 मिलियन टन थी. यानी सालाना आधार पर उत्पादन करीब 4.9 फीसदी और डिलीवरी करीब 2.1 फीसदी बढ़ी.

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पहली तिमाही में बढ़ा मुनाफा और रेवेन्यू

टाटा स्टील के वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के 53,178 करोड़ रुपये से बढ़कर 60,794 करोड़ रुपये हो गया. इसमें करीब 14.32 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 2,007 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,385 करोड़ रुपये हो गया. यानी मुनाफे में करीब 18.83 फीसदी की सालाना वृद्धि हुई. कंपनी का ROCE 12.5 फीसदी और ROE 11.7 फीसदी बताया गया है. वहीं, प्रति शेयर आय यानी EPS 8.84 रुपये और डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.90 गुना है.

डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.