NPS से OPS में माइग्रेशन के नए नियम, पेंशनर्स और परिवार के लिए जानना जरूरी
NPS से OPS में माइग्रेशन को लेकर सरकार ने नई प्रक्रिया जारी की है. 19 अक्टूबर 2026 को जारी संशोधित SOP में मृत्यु और दिव्यांगता से जुड़े मामलों को आसान बनाने पर जोर है. नया PPO मिलने के बाद पात्र पेंशनर को पुराना PPPO बैंक में जमा करना होगा. हर साल नवंबर में Life Certificate जमा करने का नियम भी जारी रहेगा.
Highlights
- NPS से OPS माइग्रेशन की प्रक्रिया अब आसान होगी
- नया PPO मिलने पर पुराना PPPO बैंक में जमा करें
- नवंबर में Life Certificate जमा करना जरूरी रहेगा
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़ी बड़ी खबर है. NPS से OPS यानी पुरानी पेंशन योजना में माइग्रेशन से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है. खास तौर पर ऐसे मामलों के लिए संशोधित प्रक्रिया जारी की गई है, जिनमें सरकारी कर्मचारी की मृत्यु या दिव्यांगता हुई है.
वित्त मंत्रालय ने 19 अक्टूबर 2026 को नया Standard Operating Procedure यानी SOP जारी किया है. यह नई व्यवस्था सितंबर 2025 में जारी किए गए पुराने दिशा-निर्देशों की जगह लेगी. इसका उद्देश्य NPS से OPS में माइग्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाना और पुराने मामलों के निपटारे में आने वाली दिक्कतों को कम करना है.
NPS से OPS में बदलाव के बाद क्या करना होगा?
जिन पात्र पेंशनर्स के मामले में NPS से OPS में माइग्रेशन किया जा रहा है, उन्हें नया Pension Payment Order यानी PPO मिलने के बाद अपना पुराना Provisional Pension Payment Order यानी PPPO बैंक में जमा करना होगा. बैंक पुराने PPPO को अपने पास लेगा और उसकी संबंधित प्रतियां संबंधित सरकारी अधिकारियों को भेजी जाएंगी. इसलिए नया PPO मिलने के बाद पुराने PPPO को संभालकर रखना और निर्धारित प्रक्रिया के तहत बैंक में जमा करना जरूरी होगा.
नया PPO कौन तैयार करेगा?
पेंशनर को नया PPO खुद तैयार नहीं करना होगा. इसकी प्रक्रिया संबंधित सरकारी कार्यालय और पेंशन अथॉरिटी पूरी करेगी. Central Pension Accounting Office यानी CPAO मौजूदा PPPO की प्रतियां संबंधित Pay and Accounts Office यानी PAO को भेजेगा. इसके बाद PAO कर्मचारी की Service Book और दूसरे जरूरी रिकॉर्ड संबंधित कार्यालय से प्राप्त करेगा. रिकॉर्ड की जांच के बाद नया PPO तैयार किया जाएगा. नए PPO में पुराने PPPO नंबर के साथ कर्मचारी का Permanent Retirement Account Number यानी PRAN भी दर्ज रहेगा.
बैंक तक कैसे पहुंचेगा नया PPO?
दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद संबंधित कागजात CPAO के जरिए पेंशनर के बैंक के Centralised Pension Processing Centre यानी CPPC को भेजे जाएंगे. इसके बाद बैंक स्तर पर पेंशन भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इससे NPS से OPS में माइग्रेशन के दौरान अलग-अलग विभागों के बीच दस्तावेजों के आदान-प्रदान को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी.
हर साल नवंबर में देना होगा Life Certificate
नए SOP के बावजूद पेंशनर्स के लिए Life Certificate से जुड़ा मौजूदा नियम जारी रहेगा. पेंशनर्स को हर साल नवंबर महीने में बैंक में अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होगा. इसलिए NPS से OPS में माइग्रेशन होने के बाद भी पेंशनर को यह जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
मृत्यु और दिव्यांगता के मामलों में क्यों अहम है बदलाव?
NPS से OPS में माइग्रेशन से जुड़े कुछ पुराने मामलों में प्रक्रिया को लेकर दिक्कतें सामने आई थीं. खासकर मृत्यु और दिव्यांगता से जुड़े मामलों में पेंशन और परिवार से जुड़े लाभों के निपटारे के लिए कई स्तरों पर दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है. संशोधित SOP का मकसद इसी प्रक्रिया को आसान बनाना है, ताकि पात्र मामलों में माइग्रेशन और पेंशन भुगतान की प्रक्रिया ज्यादा स्पष्ट तरीके से पूरी की जा सके.
पेंशनर्स और परिवार क्या ध्यान रखें?
अगर आपका या परिवार के किसी पात्र सदस्य का NPS से OPS माइग्रेशन का मामला है, तो PPPO, PPO, PRAN और सर्विस रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेज संभालकर रखें. नया PPO मिलने के बाद पुराने PPPO को बैंक में जमा करना होगा. साथ ही हर साल नवंबर में Life Certificate जमा करने की प्रक्रिया को न भूलें. नए नियमों का मुख्य उद्देश्य प्रक्रिया को सरल बनाना है, लेकिन पेंशनर्स को अपने दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड अपडेट रखना जरूरी होगा.
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