Opening Bell: तीन दिन की गिरावट के बाद संभला बाजार, Sensex 300 अंक से ज्यादा उछला, Nifty 22700 के पार

शेयर बाजार में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को लगातार तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद तेजी देखने को मिली. बीएसई सेंसेक्स 309.55 अंक यानी 0.42 फीसदी चढ़कर 73,558.94 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 52.55 अंक यानी 0.23 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,735.45 पर पहुंच गया. बाजार की शुरुआत भी बढ़त के साथ हुई. अब निवेशकों की नजर बाजार में तेजी के बने रहने पर रहेगी.

तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में तेजी. Image Credit: Getty Images

Highlights

  • तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में तेजी.
  • सेंसेक्स 309.55 अंक चढ़कर 73,558.94 पर कारोबार करता दिखा.
  • निफ्टी 50 में 52.55 अंकों की बढ़त, इंडेक्स 22,735.45 पर पहुंचा.

शेयर बाजार में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को लगातार तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद तेजी देखने को मिली. कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई और सेंसेक्स 300 अंकों से ज्यादा उछल गया. वहीं, निफ्टी 50 भी 22700 के स्तर के ऊपर पहुंच गया. बाजार के दोनों मेन इंडेक्स में यह तेजी लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद आई है.

Sensex 300 अंक से ज्यादा चढ़ा

बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को पिछले कारोबारी सत्र के 73249.39 के बंद स्तर के मुकाबले 73665.64 पर खुला. सुबह 9:15 बजे सेंसेक्स 309.55 अंक यानी 0.42 फीसदी की बढ़त के साथ 73558.94 पर कारोबार कर रहा था.

इससे पहले बाजार में लगातार तीन कारोबारी सत्रों तक गिरावट दर्ज की गई थी. ऐसे में शुक्रवार को शुरुआती तेजी से निवेशकों को कुछ राहत मिली.

Nifty 50 भी 22,700 के पार

दूसरी तरफ, एनएसई निफ्टी 50 ने भी बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की. निफ्टी पिछले कारोबारी सत्र के 22687.65 के बंद स्तर के मुकाबले 22742.20 पर खुला.

सुबह 9:15 बजे निफ्टी 52.55 अंक यानी 0.23 फीसदी की तेजी के साथ 22735.45 पर कारोबार कर रहा था. इस तरह बाजार खुलते ही निफ्टी 22700 के अहम स्तर के ऊपर बना रहा.

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तीन दिन की गिरावट के बाद बाजार में वापसी

शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी में आई शुरुआती तेजी से लगातार तीन सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला थमता नजर आया. हालांकि, शुरुआती कारोबार की तेजी को बाजार में स्थायी सुधार का संकेत मानना जल्दबाजी होगी.

आगे बाजार की दिशा निवेशकों की खरीदारी, कंपनियों के तिमाही नतीजों और अन्य घरेलू तथा वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी. निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बाजार शुरुआती बढ़त को कारोबार के दौरान बनाए रख पाता है या नहीं.