कपड़ों के कचरे से करोड़ों की कमाई! ₹33000 करोड़ के बाजार में इन 2 कंपनियों की एंट्री, दिया 101% तक रिटर्न; रखें नजर

भारत का टेक्सटाइल रीसाइक्लिंग मार्केट 2030 तक करीब 33000 करोड़ रुपये का हो सकता है. RSWM और Ganesha Ecosphere इस क्षेत्र में अलग-अलग बिजनेस मॉडल के जरिए मौजूद हैं. RSWM Textile और PET दोनों Waste Recycling करता है, जबकि Ganesha Ecosphere का फोकस मुख्य रूप से PET रीसाइक्लिंग पर है. दोनों कंपनियों के लिए Capacity Utilisation, Margin, Cash Flow और नए प्रोजेक्ट की कमाई अहम रहेगी.

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Textile Recycling Stocks: भारत में टेक्सटाइल रीसाइक्लिंग का कारोबार आने वाले सालों में बड़ा बाजार बन सकता है. Ministry of Textiles के मुताबिक देश में हर साल करीब 70.73 लाख टन टेक्सटाइल वेस्ट निकलता है. इसमें 42% Pre-Consumer और 58% Post-Consumer Waste है. मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक भारत का Textile Recycling Market 2030 तक 3.5 अरब डॉलर यानी करीब 33000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.

इस बाजार में कंपनियों के लिए दो बड़े मौके हैं. पहला पुराने कपड़ों और Textile Waste को दोबारा Fibre और Yarn में बदलना और दूसरा PET Bottles को Recycled Polyester में बदलकर Textile Industry में इस्तेमाल करना. इसी वजह से RSWM Limited और Ganesha Ecosphere जैसी कंपनियां इस क्षेत्र में ध्यान खींच रही हैं.

पहला RSWM Limited

RSWM Limited का Recycling Business उसकी बड़ी Textile Manufacturing गतिविधियों का हिस्सा है. कंपनी Synthetic, Cotton और Melange Yarn, Denim, Knitted Fabrics और Recycled Polyester Fibre जैसे प्रोडक्ट बनाती है. कंपनी के पास 13 Manufacturing Plants हैं और इसके प्रोडक्ट 70 से ज्यादा देशों में जाते हैं.

कंपनी अपने Manufacturing Process से निकलने वाले Waste को दोबारा इस्तेमाल करती है. इसके अलावा Cotton Waste और Post-Consumer Fabric को भी Fibre में बदला जाता है. कंपनी ने FY2022-23 की Annual Report में हर महीने करीब 30 टन Waste Fabric को नए Usable Fibre में बदलने की जानकारी दी थी. RSWM का एक और बड़ा हिस्सा PET Recycling है. जयपुर के पास Ringas Facility में कंपनी Waste PET Bottles को Recycled Polyester Fibre में बदलती है. FY25 में कंपनी ने 43,250 MT PET Bottles को Recycle किया और 38,270 MT Recycled Polyester का इस्तेमाल किया.

₹500 करोड़ का नया प्रोजेक्ट क्यों अहम है?

RSWM 50,000 टन सालाना क्षमता वाला Food-grade rPET Granules Project विकसित कर रही है. कंपनी के मुताबिक Project की Civil Construction चल रही है और जरूरी Machinery के Orders दिए जा चुके हैं. पहले चरण से पूरी क्षमता पर करीब ₹500 करोड़ Revenue मिलने की उम्मीद है और Industry EBITDA Margin करीब 15% माना गया है. हालांकि अभी Customer Tie-ups Final नहीं हुए हैं.

Q1 FY27 में RSWM का Revenue 1161.24 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 1169.19 करोड़ रुपये से 0.7% कम है. वहीं Net Profit 16.74 करोड़ रुपये रहा, जो Q1 FY26 के 6.96 करोड़ रुपये से करीब 2.4 गुना है.

हालांकि कंपनी के लिए एक चुनौती Capital Allocation भी है. RSWM ने Denim Garment Facility और Knitting Capacity बढ़ाने समेत कई Projects में निवेश की योजना बनाई है. कंपनी ने LNJ GreenPET को भी ₹20.01 करोड़ में खरीदा है, जहां Bottle-to-Bottle Recycling Facility विकसित करने की योजना है.

कंपनी के शेयर का हाल?

RSWM Ltd का शेयर 18 सितंबर को 220 रुपये के भाव पर बंद हुआ, जिसमें 3.17% की तेजी रही. कंपनी का Market Cap 1038 करोड़ है और इसका 52 हफ्ते का High 240 रुपये जबकि लो 120 रुपये है. शेयर का P/E Ratio 14.5 है, जबकि Book Value 289 रुपये है. RSWM का ROCE 5.62% और ROE 3.83% है.

कंपनी के शेयर ने सिर्फ एक महीने में 12 फीसदी का रिटर्न दिया है. वहीं 3 महीने में 13 फीसदी. अगर एक साल की बात करें तो कंपनी के शेयर ने एक साल में 35 फीसदी तक रिटर्न दिया है.

दूसरा है Ganesha Ecosphere

Ganesha Ecosphere का मुख्य कारोबार Post-Consumer PET Waste को Recycled Polyester Products में बदलना है. कंपनी Recycled Polyester Staple Fibre, Recycled Spun Yarn और Recycled Polyester Filament जैसे प्रोडक्ट बनाती है, जिनका इस्तेमाल टेक्सटाइल इंडस्ट्री में होता है.

कंपनी की FY26 जानकारी के मुताबिक इसकी Group Recycling Capacity 1,85,940 टन सालाना है. इसके पास 300 से ज्यादा Suppliers और Collection Partners का नेटवर्क है, जो हर दिन करीब 450 टन PET Bottle Waste जुटाते हैं. कंपनी भारत और नेपाल में छह Manufacturing Facilities चलाती है और 16 से ज्यादा देशों में Export करती है.

Q1 में Ganesha Ecosphere की कमाई कैसी रही?

Q1 FY27 में Ganesha Ecosphere का Consolidated Revenue 25.7% बढ़कर 423.7 करोड़ रुपये हो गया. EBITDA 64.7% बढ़कर 59.8 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि EBITDA Margin 10.8% से बढ़कर 14.1% हो गया. कंपनी का Consolidated PAT भी 10.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 29 करोड़ रुपये हो गया.

हालांकि यहां भी सिर्फ प्रोडक्शन बढ़ना ही पूरी कहानी नहीं है. Q1 में प्रोडक्शन 18.8% बढ़कर 42,826 टन हुआ, लेकिन Sequential आधार पर Sales Volume 11.2% घटकर 40,113 टन रहा. कंपनी ने इसकी वजह कमजोर मांग, बढ़ी Polymer Prices और Geopolitical Uncertainties को बताया.

कैसा है कंपनी के शेयर का हाल?

Ganesha Ecosphere का शेयर 18 सितंबर को 1002 रुपये के भाव पर बंद हुआ, जिसमें 1.15% की तेजी रही. फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप 2685 करोड़ रुपये है और इसका 52 हफ्ते का हाई 1288 रुपये जबकि लो 653 रुपये है. शेयर का P/E Ratio 47.5 है, जबकि बुक वैल्यू 476 रुपये है.

कंपनी के शेयर ने 3 महीने में 7 फीसदी का रिटर्न दिया है. 6 महीने में 22 फीसदी का तो वहीं एक साल पहले कंपनी का शेयर दबाव पर कारोबार करता दिखा है, हालांकि पांच साल में कंपनी के शेयर ने 101 फीसदी तक का रिटर्न दिया है.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.