भारी गिरावट के बाद वापसी की तैयारी! इन 3 स्टॉक्स पर रखें नजर; 62% तक टूट चुका है शेयर

शेयर बाजार में कभी निवेशकों के पसंदीदा रहे Kaynes Technology, KPIT Technologies और Praj Industries के शेयर अपने हाई लेवल से 50 फीसदी से 62 फीसदी तक टूट चुके हैं. हालांकि, इन कंपनियों के बिजनेस मॉडल, मजबूत सेक्टर पोजिशनिंग और लंबी अवधि की ग्रोथ संभावनाएं अब भी बरकरार हैं.

शेयर मार्केट Image Credit: Money9 Live

Growth Stocks: शेयर बाजार में तेजी के दौर में कई ऐसे स्टॉक्स रहे, जिन्होंने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया और मार्केट फेवरेट बन गए. हालांकि, पिछले एक साल के दौरान वैल्यूएशन प्रेशर, प्रॉफिट बुकिंग और सेक्टर-विशेष चुनौतियों के कारण इनमें से कई स्टॉक्स अपने हाई स्तर से 50 फीसदी से 62 फीसदी तक टूट गए. बावजूद इसके, इन कंपनियों के बिजनेस मॉडल और जिन सेक्टर्स में वे काम कर रही हैं, वहां लंबी अवधि की ग्रोथ ऑपर्च्युनिटीज अभी भी मजबूत बनी हुई हैं. ऐसे में बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ये स्टॉक्स दमदार वापसी कर सकते हैं.

Kaynes Technology

भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार से सबसे अधिक लाभ पाने वाली कंपनियों में Kaynes Technology का नाम शामिल है. ट्रेड ब्रेन्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वैल्यूएशन को लेकर चिंताओं और बाजार में वोलैटिलिटी के चलते यह स्टॉक अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 60 फीसदी टूट चुका है.

इसके बावजूद कंपनी का बिजनेस मजबूत बना हुआ है. FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 33% और EBITDA 40% बढ़ा है. Kaynes Technology इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस, रेलवे, डिफेंस और आईओटी जैसे कई क्षेत्रों में काम करती है. भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और इम्पोर्ट सब्स्टीट्यूशन पर बढ़ते फोकस से कंपनी को लंबी अवधि में फायदा मिल सकता है.

KPIT Technologies

ग्लोबल ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और मोबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थीम पर आधारित KPIT Technologies भी निवेशकों की पसंदीदा कंपनियों में रही है. लेकिन ग्लोबल ऑटो डिमांड में सुस्ती और ओईएम कंपनियों के खर्च में कमी के कारण स्टॉक में बड़ी गिरावट आई है.

कंपनी सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स, ऑटोनॉमस ड्राइविंग, कनेक्टेड मोबिलिटी, इलेक्ट्रिक पावरट्रेन और व्हीकल इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है. FY26 में इसका रेवेन्यू 724 मिलियन डॉलर के पार पहुंच गया. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और स्मार्ट मोबिलिटी की बढ़ती मांग कंपनी के लिए बड़ा अवसर बन सकती है.

Praj Industries

बायोफ्यूल इन्वेस्टमेंट्स में देरी और प्रोजेक्ट ऑर्डर्स की धीमी गति के कारण Praj Industries के स्टॉक में भी भारी गिरावट देखने को मिली. हालांकि, एथेनॉल, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल, कंप्रेस्ड बायोगैस और ग्रीन एनर्जी सॉल्यूशंस में कंपनी की मजबूत मौजूदगी इसे भविष्य के लिए आकर्षक बनाती है.

ट्रेड ब्रेन्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के पास 4,300 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर बुक है और यह 100 से अधिक देशों में काम कर रही है. भारत समेत कई देशों में एथेनॉल ब्लेंडिंग और क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन पर बढ़ते जोर से Praj Industries को बड़ा लाभ मिल सकता है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.