₹17235 करोड़ के ऑर्डर बुक से चमका ये वाटर ट्रीटमेंट स्टॉक, 5 साल में 400% का रिटर्न; रखें नजर
VA Tech Wabag अपने 17235 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड ऑर्डर बुक के चलते निवेशकों के रडार पर है. कंपनी का यह मजबूत ऑर्डर बुक आने वाले चार साल से ज्यादा के कारोबार की साफ तस्वीर देता है. वाटर ट्रीटमेंट के साथ डाटा सेंटर, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए सेक्टर कंपनी के लिए अवसर बना रहे हैं.

VA Tech Wabag: वाटर ट्रीटमेंट सेक्टर की कंपनी VA Tech Wabag एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है. इसकी सबसे बड़ी वजह कंपनी का रिकॉर्ड 17235 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है. यह ऑर्डर बुक कंपनी को आने वाले कई सालो के लिए मजबूत कारोबार की विजिबिलिटी देता है. ब्रोकरेज हाउस भी कंपनी को लेकर सकारात्मक नजर आ रहे हैं. बाजार का मानना है कि पानी से जुड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट और नई टेक्नोलॉजी से जुड़ी मांग कंपनी की ग्रोथ को आगे बढ़ा सकती है. इसी वजह से VA Tech Wabag के शेयर पर निवेशकों की नजर बनी हुई है.
रिकॉर्ड ऑर्डर बुक से बढ़ा भरोसा
VA Tech Wabag का कुल ऑर्डर बुक 17235 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. यह कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा ऑर्डर बुक है. सालाना आधार पर इसमें करीब 26 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है. कंपनी के मुताबिक यह ऑर्डर बुक चार साल से ज्यादा की रेवेन्यू विजिबिलिटी देता है. यानी आने वाले सालो में कंपनी के पास काम की कमी नहीं दिख रही है. यही वजह है कि बाजार इसे कंपनी की सबसे बड़ी ताकत मान रहा है. कंपनी के शेयर शुक्रवार को 1.24 फीसदी की गिरावट के साथ 1527 रुपये पर बंद हुए. इसने अपने निवेशकों को पिछले 5 साल में 468 रुपये पर बंद हुए.
ऑर्डर बुक में EPC
कंपनी के ऑर्डर बुक में करीब 62 फीसदी हिस्सेदारी EPC प्रोजेक्ट की है. इसमें डिजाइन, सप्लाई, इंस्टॉलेशन और कंस्ट्रक्शन से जुड़े काम शामिल हैं. वहीं 38 फीसदी हिस्सा ऑपरेशन और मेंटेनेंस कारोबार का है. यह कंपनी को नियमित कमाई का आधार देता है. मैनेजमेंट का कहना है कि अधिकतर प्रोजेक्ट सरकारी गारंटी या मल्टीलैटरल फंडिंग से जुड़े हैं, जिससे पेमेंट रिस्क भी कम रहता है.
तिमाही नतीजों में मजबूती का संकेत
मार्च तिमाही में VA Tech Wabag ने मजबूत प्रदर्शन किया. कंपनी की इनकम 22 फीसदी बढ़कर 1414 करोड़ रुपये पहुंच गई. वहीं एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 31 फीसदी बढ़कर 128 करोड़ रुपये रहा. पूरे FY26 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 3944 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से लगभग 20 फीसदी ज्यादा है. इससे साफ है कि कंपनी सिर्फ ऑर्डर हासिल नहीं कर रही, बल्कि उन्हें तेजी से पूरा भी कर रही है.
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डाटा सेंटर में विस्तार
कंपनी अब पारंपरिक वाटर ट्रीटमेंट के साथ कई नए सेक्टर पर भी काम बढ़ा रही है. डाटा सेंटर, AI इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमिकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और बायो CNG जैसे सेक्टर में पानी की जरूरत तेजी से बढ़ रही है. खासकर बड़े डाटा सेंटर में कूलिंग के लिए भारी मात्रा में पानी की जरूरत होती है. ऐसे में कंपनी को एडवांस वाटर सोल्यूशन की मांग से फायदा मिल सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.