FIIs लगातार क्‍यों खरीद रहे Vedanta के शेयर? HDFC, RIL, Wipro भी रह गए पीछे!

अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड डीमर्जर के बाद निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रही है. जून 2026 में समाप्त हुई तिमाही (Q1 FY27) में कंपनी ने खुद को रिटेल निवेशकों की शीर्ष पसंद के रूप में स्थापित किया है. इस दौरान, लगभग 4.9 लाख नए रिटेल शेयरधारक वेदांता से जुड़े, जिससे यह HDFC बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और विप्रो जैसी बड़ी कंपनियों को भी पीछे छोड़ गई. यह आंकड़ा कैपिटललाइन द्वारा ट्रैक की गई कंपनियों में किसी एक कंपनी के शेयरधारकों की संख्या में सबसे बड़ी तिमाही वृद्धि को दर्शाता है. रिटेल निवेशकों के अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भी वेदांता में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है.

जहां बाजार में अन्य कंपनियों में एफआईआई की हिस्सेदारी घट रही थी, वहीं वेदांता में उनकी हिस्सेदारी मार्च 2026 के 13.93% से बढ़कर जून 2026 तक 15.77% हो गई, जो 1.84% की वृद्धि है. यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब भारतीय बाजार में एफआईआई का रुझान कमजोर था. वेदांता का कम पीई रेशियो (लगभग 5.9) और 13% की उच्च डिविडेंड यील्ड भी निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.

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