रेवेन्यू दोगुना, प्रॉफिट में उछाल… फिर भी निवेशक क्यों बेच रहे हैं Waaree Energies? एक दिन में 11% टूटा; ये है असली वजह

Waaree Energies के मजबूत Q4 FY26 नतीजों के बावजूद शेयर में 11 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. कंपनी का रेवेन्यू और मुनाफा तेजी से बढ़ा, लेकिन EBITDA मार्जिन में गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी. 30,000 करोड़ रुपये के कैपेक्स प्लान और मजबूत ऑर्डर बुक के बावजूद बाजार ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी.

वारी एनर्जीज Image Credit: Getty Images

Waaree Energies: भारत की प्रमुख सोलर कंपनी Waaree Energies के शेयरों में गुरुवार को तेज गिरावट देखने को मिली, जबकि कंपनी ने Q4 FY26 में दमदार नतीजे पेश किए. करीब 1 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस कंपनी का शेयर इंट्राडे में लगभग 11 फीसदी गिरकर 3112 रुपये तक पहुंच गया. दिलचस्प बात यह है कि कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे में मजबूत बढ़त के बावजूद बाजार ने नतीजों पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह मार्जिन पर दबाव को माना जा रहा है.

मजबूत नतीजे, लेकिन बाजार निराश क्यों

कंपनी के सालाना प्रदर्शन पर नजर डालें तो Q4 FY26 में रेवेन्यू सालाना आधार पर 4004 करोड़ रुपये से बढ़कर 8480 करोड़ रुपये हो गया, यानी 111 फीसदी की शानदार बढ़त हुई. ऑपरेटिंग प्रॉफिट 923 करोड़ रुपये से बढ़कर 1577 करोड़ रुपये रहा, जो 70 फीसदी की बढ़ोतरी है. वहीं नेट प्रॉफिट 644 करोड़ रुपये से बढ़कर 1126 करोड़ रुपये पहुंच गया, यानी 75 फीसदी का उछाल. हालांकि तिमाही आधार पर तस्वीर थोड़ी अलग रही. रेवेन्यू 12 फीसदी बढ़ा, लेकिन ऑपरेटिंग प्रॉफिट 18 फीसदी घट गया. नेट प्रॉफिट में मामूली 1.7 फीसदी की बढ़त हुई.

मार्जिन प्रेशर बना बड़ी चिंता

Tradebrains की रिपोर्ट के मुताबिक, शेयर में गिरावट की मुख्य वजह EBITDA मार्जिन में कमी रही. Q4 में EBITDA मार्जिन करीब 19 फीसदी रहा, जो पिछले साल के 23 फीसदी और Q3 के 26 फीसदी से कम है. यानी कंपनी का बिजनेस बढ़ रहा है, लेकिन मुनाफे की क्वालिटी पर दबाव दिखाई दे रहा है. यही वजह है कि निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी.

कैपेक्स से बनेगा भविष्य का ग्रोथ इंजन

कंपनी ने करीब 30,000 करोड़ रुपये के बड़े कैपेक्स प्लान की घोषणा की है. इसमें 10 GW इंगॉट-वेफर यूनिट के लिए 6200 करोड़ रुपये, सोलर ग्लास के लिए 3900 करोड़ रुपये और 20 GWh BESS क्षमता के लिए करीब 10,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है. इसके अलावा कंपनी 1 GW इलेक्ट्रोलाइजर क्षमता और 4 GW इन्वर्टर क्षमता पर भी निवेश कर रही है.

कैपेसिटी एक्सपेंशन और ग्लोबल विस्तार

Waaree Energies की मौजूदा सोलर मॉड्यूल क्षमता करीब 26 GW है, जिसे बढ़ाकर 28.4 GW करने की योजना है. सेल कैपेसिटी 5.4 GW से बढ़ाकर 15.4 GW तक ले जाने का लक्ष्य है. कंपनी अमेरिका में भी 4.2 GW क्षमता के साथ विस्तार कर रही है, जिससे ग्लोबल मार्केट में उसकी मौजूदगी मजबूत होगी.

मजबूत ऑर्डर बुक

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के पास करीब 53,000 करोड़ रुपये का मजबूत ऑर्डर बुक है, जो पहले 47,000 करोड़ रुपये था. इसके अलावा 100 GW से ज्यादा की पाइपलाइन और कई बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए कनेक्टिविटी भी हासिल की गई है.

कैसा है शेयर का हाल

Waaree Energies के शेयर में गुरुवार को गिरावट हुई है. कंपनी का शेयर 10.97 फीसदी गिरकर 3118.80 रुपये पर पहुंच गया है. पिछले एक सप्ताह में इसमें 9.01 फीसदी की तेजी आई है. बीते एक महीने में 2.80 फीसदी गिरा है, जबकि पिछले 3 महीने में 14.77 फीसदी बढ़ा है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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