₹15 से कम के इस फार्मा स्टॉक पर FII और DII फिदा, 300% कैपेसिटी एक्सपेंशन का बनाया प्लान; निवेशक रखें नजर

फार्मा सेक्टर का एक माइक्रोकैप स्टॉक तेजी से चर्चा में है, जिसने 30 फीसदी रेवेन्यू सीएजीआर और 300 फीसदी कैपेसिटी एक्सपेंशन का बड़ा लक्ष्य रखा है. Anlon Healthcare Ltd का शेयर कम कीमत पर ट्रेड कर रहा है, लेकिन कंपनी का ग्रोथ प्लान, मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और सीडीएमओ बिजनेस में एंट्री इसे खास बना रही है. एफआईआई और डीआईआई की बढ़ती हिस्सेदारी भी निवेशकों का भरोसा दिखाती है.

फार्मा शेयर Image Credit: freepik, canva

Pharma Penny Stock: फार्मा सेक्टर में एक छोटे कद की कंपनी अचानक निवेशकों के रडार पर आ गई है. करीब 13.30 रुपये के स्तर पर ट्रेड करने वाला यह माइक्रो-कैप स्टॉक अब एक बड़े ट्रांसफॉर्मेशन प्लान के साथ तेजी से चर्चा में है. कंपनी ने अगले तीन साल में लगभग 30 फीसदी रेवेन्यू सीएजीआर का लक्ष्य रखा है, साथ ही 300 फीसदी तक कैपेसिटी एक्सपेंशन की योजना भी बनाई है. इस कंपनी का मार्केट कैप करीब 736 करोड़ रुपये है और इसमें प्रमोटर होल्डिंग 52.68 फीसदी है, जबकि एफआईआई (0.23 फीसदी से बढ़कर 0.32 फीसदी) और डीआईआई ( 4.49 फीसदी से बढ़कर 4.60 फीसदी) ने भी हाल के महीनों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है.

क्या करती है कंपनी

Tradebrains की रिपोर्र के मुताबिक, राजकोट स्थित Anlon Healthcare Ltd मुख्य रूप से एपीआई और फार्मास्युटिकल इंटरमीडिएट्स बनाती है. यानी यह सीधे दवाइयां नहीं बनाती, बल्कि उन केमिकल्स का उत्पादन करती है जिनसे दवाएं तैयार होती हैं. कंपनी के प्रमुख उत्पाद पेन रिलीफ और एंटी-इन्फ्लेमेटरी कैटेगरी से जुड़े हैं.

कैपेसिटी एक्सपेंशन से खुल रहा ग्रोथ का रास्ता

कंपनी के पास पहले 400 एमटीपीए की उत्पादन क्षमता थी, जो लगभग पूरी तरह उपयोग में आ चुकी थी. इसी वजह से कंपनी ने तेजी से विस्तार की रणनीति अपनाई. एपिको ऑर्गेनिक्स और बिजोटिक लाइफसाइंस के अधिग्रहण के जरिए कुल क्षमता 1,400 से 1,600 एमटीपीए तक पहुंचाने की योजना है, यानी लगभग 250 से 300 फीसदी की बढ़ोतरी. मैनेजमेंट का मानना है कि यह विस्तार कंपनी के रेवेन्यू को एफवाई27 तक 370–380 करोड़ रुपये तक पहुंचा सकता है.

एक्विजिशन से बदल रही कंपनी की दिशा

कंपनी अब केवल एपीआई तक सीमित नहीं रहना चाहती. रिमेम्बर इंडिया हेल्थ लिंक्स में हिस्सेदारी खरीदकर यह फिनिश्ड फॉर्मुलेशंस यानी टैबलेट और कैप्सूल बनाने के बिजनेस में भी प्रवेश कर रही है. इससे कंपनी पूरी फार्मा वैल्यू चेन में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है, कच्चे केमिकल से लेकर तैयार दवा तक.

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस भी दिखा रहा दम

कंपनी के नतीजों में भी तेजी दिखी है. क्यू2एफवाई26 में टोटल इनकम 52.32 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुना है. EBITDA और पैट में भी मजबूत उछाल देखा गया. क्यू3एफवाई26 में भी कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन जारी रखा और मार्जिन करीब 35 फीसदी के आसपास बना रहा.

नए ग्रोथ ड्राइवर्स

कंपनी सीडीएमओ यानी कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग में भी एंट्री कर रही है, जहां वह ग्लोबल फार्मा कंपनियों के लिए दवाओं का निर्माण करेगी. साथ ही कंपनी ने 21 डीएमएफ फाइलिंग की हैं और यूरोप, ब्राजील और चीन जैसे बाजारों में रेगुलेटरी अप्रूवल हासिल किए हैं. आगे यूएसए और यूरोप में भी विस्तार की योजना है.

कैसा है शेयर का हाल

गुरुवार को कंपनी का शेयर 0.97 फीसदी गिरकर 13.30 रुपये पर पहुंच गया है. पिछले एक सप्ताह में इसमें 9.90 फीसदी की तेजी आई है, जबकि पिछले एक महीने में 15.19 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.