BEL का ऑर्डर बुक 1 ट्रिलियन का हुआ, MOFSL ने दिया शेयर पर जोरदार टारगेट, BUY-Sell or Hold… क्या करें निवेशक?
Bharat Electronics Shares: अनंत शस्त्र प्रोजेक्ट के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को मिले लगभग 30,000 करोड़ रुपये के टेंडर में स्वदेशी रूप से डेवलप सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम्स की 5-6 रेजिमेंट की खरीद शामिल है. ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज इस स्टॉक को लेकर काफी उत्साही नजर आ रहा है.
Bharat Electronics Shares: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर सोमवार 29 सितंबर के कारोबार में 2.85 फीसदी बढ़कर 407.20 रुपये प्रति शेयर के हाई स्तर पर पहुंच गए. शेयर सुबह के कारोबार में लगभग 10:05 बजे 2.55 फीसदी बढ़कर 406 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो ब्रॉडर मार्केट से बेहतर प्रदर्शन था. BEL के शेयर में यह उछाल उन रिपोर्ट्स के बाद आई है, जिनमें बताया गया है कि भारतीय सेना ने QRSAM प्रोजेक्ट , जिसे ‘अनंत शस्त्र’ के नाम से भी जाना जाता है, के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को लगभग 30,000 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है. ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज इस स्टॉक को लेकर काफी उत्साही नजर आ रहा है.
अनंत शस्त्र प्रोजेक्ट के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को मिले लगभग 30,000 करोड़ रुपये के टेंडर में स्वदेशी रूप से डेवलप सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम्स की 5-6 रेजिमेंट की खरीद शामिल है, जिसमें BEL को प्रमुख इंटीग्रेटर के रूप में नामित किया गया है.
1 ट्रिलियन का ऑर्डर बुक
मोतीलाल ओसवाल ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर पर अपना पॉजिटिव रुख बरकरार रखते हुए कहा कि इस ऑर्डर से BEL की ऑर्डर बुक अब 1 ट्रिलियन रुपये से अधिक हो गई है. ब्रोकरेज ने कहा कि QRSAM के साथ-साथ, कंपनी को ‘ नेक्स्ट जेनरेशन कोरवेट, इलेक्ट्रॉनिक वॉर फेयर प्रोग्राम, 97 तेजस एमके1ए विमानों के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स के फॉलो-ऑन ऑर्डर, लोइटरिंग युद्ध सामग्री कार्यक्रमों और संभावित निर्यात अवसरों’ से लाभ होने की उम्मीद है.
कितना है टारगेट प्राइस
मोतीलाल ओसवाल के एनालिस्ट्स ने सितंबर 2027 की अनुमानित आय के 45 गुना के आधार पर 490 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ BEL के शेयरों पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है.
15-17 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ रेवेन्यू का अनुमान
ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, इस QRSAM प्रोजेक्ट के अलावा, अगले 12-18 महीनों में हमें उम्मीद है कि कंपनी को नेक्स्ट जेनरेशन के कॉर्वेट, एमएफ-स्टार रडार प्रोग्राम के लिए कई सबसिस्टम ऑर्डर, जो वर्तमान में शिपयार्ड के साथ कॉन्फिगरेशन और प्राइस निर्धारण पर चर्चा के अधीन हैं, शत्रुघाट और समाघाट इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) सिस्टम, 97 एलसीए एमके1ए, विमान और मेल-क्लास ड्रोन जैसे लोइटरिंग युद्ध सामग्री कार्यक्रमों के लिए फॉलो-अप ऑर्डर के अंतिम रूप से लाभ होगा.
ये ऑर्डर 1 ट्रिलियन रुपये से अधिक की अपनी मौजूदा मजबूत ऑर्डर बुक के साथ अब कंपनी को अगले 5-7 वर्षों में 15-17 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखने में मदद करेंगे.
क्या है कंपनी के लिए रिस्क?
डिफेंस और नॉन-डिफेंस सेक्टर्स से ऑर्डर फ्लो में स्लोडाउन, तेज प्रतिस्पर्धा, बड़े टेंडर्स को अंतिम रूप देने में और देरी, कमोडिटीज की कीमतों में तेज वृद्धि और रक्षा मंत्रालय से भुगतान में देरी, रेवेन्यू, मार्जिन और कैश फ्लो पर हमारे अनुमानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है.
डिस्क्लेमर: मनी9लाइव किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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