RBI के बड़े एक्शन का बैंकों पर क्या होगा असर? शेयरों में गिरावट निवेश का मौका?
आरबीआई ने बैंकों के लिए एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) फ्रेमवर्क की नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसमें अब प्रोविजनिंग भविष्य के संभावित नुकसान के आधार पर होगी, न कि केवल हुए नुकसान पर। यह बदलाव 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा. इससे शॉर्ट टर्म में पीएसयू बैंकों पर थोड़ा दबाव दिख सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह बैंकिंग सिस्टम को मजबूत बनाएगा. ज्यादा प्रोविजनिंग का मतलब है बेहतर तैयारी, जिससे भविष्य में जोखिम कम होगा और जरूरत पड़ने पर यह राशि वापस मुनाफे में जुड़ सकती है.
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