शेयर बाजार में तबाही, निवेशकों के ₹6 लाख करोड़ खाक; आखिर क्यों 900 अंक टूट गया सेंसेक्स?

Why Stock Market Fall Today: US-ईरान शांति वार्ता में गतिरोध के बाद तेल की कीमतें बढ़ने से निवेशक सतर्क रहे और इसका असर बड़े स्तर पर भारतीय शेयर बाजार पर नजर आया. बॉन्ड यील्ड कई सालों के नए ऊंचे स्तर पर पहुंच गई.

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Why Stock Market Fall Today: सोमवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही बुरी तरह टूट गए. US-ईरान शांति वार्ता में गतिरोध के बाद तेल की कीमतें बढ़ने से निवेशक सतर्क रहे और इसका असर बड़े स्तर पर भारतीय शेयर बाजार पर नजर आया. निफ्टी 22,900 के नीचे फिसल गया और सेंसेक्स में 900 अंकों से अधिक की गिरावट आई. शेयर बाजार में आई आज भारी गिरावट के पीछे की कई वजहें हैं.

शेयर बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी: ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर लगभग $106.5 प्रति बैरल हो गए. भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक है, कीमतों में बढ़ोतरी से प्रभावित हो सकता है क्योंकि इससे महंगाई बढ़ सकती है, आयात बिल बढ़ सकता है और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है.

भू-राजनीतिक चिंताएं: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और लड़ाई खत्म करने के ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जबकि ईरान ने रविवार को जोर देकर कहा कि केवल कूटनीति ही अमेरिका और इजराइल के साथ उसके विवाद को सुलझा सकती है.

FII की बिकवाली: FII ने शुक्रवार को लगातार दूसरे सत्र में भी अपनी बिकवाली जारी रखी और 3,696 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.

बॉन्ड यील्ड में जबरदस्त उछाल: बॉन्ड यील्ड कई सालों के नए ऊंचे स्तर पर पहुंच गई, जिससे इक्विटी मार्केट पर और दबाव बढ़ गया। बेंचमार्क US 10-साल के ट्रेजरी नोट्स की यील्ड बढ़कर 5.2% के पार चली गई, जो 2004 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है.

30-साल के US बॉन्ड की यील्ड 5.5% से ऊपर पहुंच गई, जबकि दो-साल के नोट्स की यील्ड – जो फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के साथ-साथ बदलती है – 4.9% से ऊपर चली गई.

निवेशकों के ₹6 लाख करोड़ स्वाहा

सेंसेक्स 900 पॉइंट से ज्यादा गिरकर 73,000 के नीचे ट्रेड कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 250 पॉइंट से अधिक गिरकर 22,900 के लेवल से नीचे चला गया. इस तेज बिकवाली से BSE-लिस्टेड कंपनियों के टोटल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन से लगभग 6 लाख करोड़ रुपये कम हो गए, जिससे यह घटकर लगभग 476 लाख करोड़ रुपये रह गया.

रुपये में गिरावट

शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया US डॉलर के मुकाबले 14 पैसे गिरकर 95.89 पर आ गया. फॉरेक्स ट्रेडर्स को अब डर है कि भारतीय करेंसी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 के अहम साइकोलॉजिकल लेवल को पार कर जाएगी, क्योंकि इसे तेल की ऊंची कीमतों, US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

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